Covid-19: टेस्ट कराने से लेकर भर्ती होने तक जानें कोरोना के नियम, ताकि न रहे कोई भ्रम
- टेस्ट कराने से लेकर भर्ती होने तक ये हैं नियम
- कोरोना को लेकर अभी भी लोगों में रहता है असमंजस
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मेरठ में कोरोना को लेकर अभी भी लोगों में असमंजस की स्थिति है। लोग इस बात को लेकर अक्सर परेशान रहते हैं कि टेस्ट कराने के कितने दिन के भीतर रिपोर्ट मिल जाती है और रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो अस्पताल में कितने दिन रहना होगा।
होम आइसोलेशन के क्या नियम हैं, बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए क्या नियम हैं। ऐसे में हम आपको सभी नियम बता रहे हैं ताकि कोई असमंजस न हो।
यह हैं नियम
- कोरोना मरीज को कोई लक्षण नहीं है तो टेस्ट कराने के दिन से लेकर 10 दिन बाद बिना टेस्ट कराए अस्पताल से छुट्टी कर दी जाती है। होम आइसोलेट है तो भी 10 दिन बाद उसे स्वस्थ माना जाता है।
- मरीज में कोरोना के लक्षण हैं तो अस्पताल में भर्ती होने पर, जब तक कोरोना के लक्षण खत्म नहीं होंगे इलाज चलेगा। 4 दिन लक्षण रहित रहने पर टेस्ट कराया जाएगा। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर अस्पताल से छुट्टी की जाएगी। कम से कम 10 दिन अस्पताल में रहना होगा।
- जिस व्यक्ति का टेस्ट कराया जाता है उसकी रिपोर्ट लैब से 48 घंटे के भीतर आने का नियम है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज को फोन के जरिए इसकी सूचना दे दी जाती है। स्वास्थ विभाग के पोर्टल पर इसे अपडेट किया जाता है।
- रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना मिलने के 48 घंटे के भीतर मरीज को अस्पताल में भर्ती या होम आइसोलेट करना पड़ता है।
- पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड होने 48 घंटे के भीतर मीडिया रिपोर्ट तैयार की जाती है।
- कोरोना मरीज अस्पताल में भर्ती होने के लिए जाते समय मोबाइल और चार्जर ले जा सकता है। ज्वेलरी या अन्य कोई सामान ले जाने की मनाही है। अगर कोई ज्वेलरी या अन्य मरीज के पास है तो छुट्टी होने पर मरीज को और मृत्यु होने पर उसके परिवार वालों को पहचान पत्र दिखाने पर वापस कर दिया जाता है।
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