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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में शुरू हुई मतगणना, एडीजी, एसपी क्राइम और प्रेक्षक ने किया मतगणना स्थल का निरीक्षण
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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में शुरू हुई मतगणना, एडीजी, एसपी क्राइम और प्रेक्षक ने किया मतगणना स्थल का निरीक्षण
मवाना। पंचायत चुनाव की मवाना ब्लॉक की मतगणना का कार्य रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में शुरू हुआ। दिन में एसपी क्राइम, प्रेक्षक ने तथा शाम के समय एडीजी राजीव सभरवाल ने मतगणना स्थल का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पंचायत चुनाव की मतगणना का कार्य कृषक इंटर कॉलेज में सुबह 8 बजे से शुरू हुआ। प्रत्याशियों तथा उनके एजेंटों को मतगणना केंद्र परिसर के अंदर प्रवेश मिल सका। सुबह 8:35 बजे मतपेटियां मतगणना कक्षों में पहुंची तथा उनको खोलकर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा जिला पंचायत सदस्य के मतपत्रों को अलग-अलग कर गिनती का कार्य शुरू किया गया।
सुबह 10 बजे एसपी क्राइम रामअर्ज ने मतगणना स्थल का निरीक्षण किया तथा जाल पर लटके लोगों को पुलिस को पीछे करने के निर्देश दिए। लगभग 11 बजे प्रेक्षक एके मिश्र ने मतगणना कक्षों में पहुंचकर वहां के प्रभारियों से जानकारी की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शाम के समय एडीजी राजीव सभरवाल ने निरीक्षण किया।
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मतगणना में नहीं हुआ कोरोना गाइडलाइन का पालन
मवाना। मतगणना केंद्र के बाहर और अंदर कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। सुबह के समय मतगणना केंद्र के बाहर ही जो लोग एजेंट थे वे बिना मास्क तथा बिना सोशल डिस्टेसिंग के खडे़ हुए थे। अंदर प्रवेश करने के दौरान सभी ने मास्क का प्रयोग किया। लेकिन फेस शील्ड और गलब्स सभी के पास नहीं थे। अंदर मतगणना कक्षों में पहुंचने के बाद फिर से कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। एजेंट एक-दूसरे से सटे खडे़ थे। ऐसे में संक्रमण फैलने का अंदेशा बहुत अधिक बढ़ गया है। इस दौरान प्रत्याशी और एजेंट के साथ पुलिसकर्मियों ने भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया।
84 मतों पर नहीं मिले पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर
मवाना। टेबल संख्या 10 पर गांव रहावती स्थित पोलिंग बूथ की मतपेटी से बिना पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर के निकले लगभग 84 मतों का मसला शाम तक हल नहीं हो सका। जिसको लेकर कई बार हंगामे के हालात बने।
गांव रहावती स्थित बूथ नं. 1 की मतपेटी से लगभग 84 मतपत्र ऐसे निकले जिन पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। जिनको लेकर सुबह के समय शुरुआत में ही हंगामा हुआ तो मामला आरओ तक पहुंचा। आरओ ने कहा कि यदि सभी प्रत्याशी सहमत हो तो उनकी गिनती करा दी जाएगी। इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी ईशा चौधरी के एजेंट विश्वास चौधरी ने भी इसकी शिकायत प्रेक्षक से की। लेकिन उन्होंने इस मामले को आरओ पर छोड़ दिया। शाम के समय फिर से इन मतों को लेकर मतगणना कक्ष में हंगामा शुरू हुआ तो हंगामे की स्थिति देख पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे लोगों को मतगणना स्थल से बाहर किया। शाम तक इनका समाधान नहीं हो सका था।
तय समय में पूरा नहीं हुआ पहला चरण
मवाना। मतगणना का कार्य दो चरणों में होना है। देर शाम तक पहला ही चरण पूरा नहीं हो सका था। 18 गांवों में से मात्र 8 गांवों का परिणाम 7.30 बजे तक सामने आ सके थे। मतगणना का कार्य दो चरणों में होना है। पहला चरण का कार्य सुबह 8:35 बजे शुरू हुआ। पहले चरण में 18 टेबल पर 18 गांव की मतगणना शुरू हुई। पहला चरण शाम 7:30 बजे तक पूरा नहीं हो सका था। केवल 8 गांवों के ही परिणाम सामने आ सके थे।
लॉकडाउन का हुआ उल्लंघन
मवाना। चुनाव की मतगणना में साप्ताहिक लॉकडाउन का भी उल्लंघन किया गया। अधिकारियों के साफ निर्देश थे कि मतगणना स्थल के बाहर भीड़ नहीं लगनी चाहिए। प्रत्याशी और उनके एजेंटों ने जमकर लॉकडाउन का उल्लंघन किया। मतगणना स्थल के पास ही स्थित महाविद्यालय परिसर में भी भारी संख्या में एजेंट तथा प्रत्याशियों के समर्थकों ने शरण ले रखी थी। जिनको पुलिस ने शाम को दौड़ाया।
बरती गई लापरवाही
मवाना। बढ़ते कोरोना संक्रमण का भी लोगों ने मतगणना स्थल पर ध्यान नहीं रखा तथा पूरी तरह से लापरवाही बरती। मतगणना स्थल पर कई स्थानों पर प्रयोग किए गलब्स पडे़ दिखाई दिए।
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मवाना। पंचायत चुनाव की मवाना ब्लॉक की मतगणना का कार्य रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में शुरू हुआ। दिन में एसपी क्राइम, प्रेक्षक ने तथा शाम के समय एडीजी राजीव सभरवाल ने मतगणना स्थल का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पंचायत चुनाव की मतगणना का कार्य कृषक इंटर कॉलेज में सुबह 8 बजे से शुरू हुआ। प्रत्याशियों तथा उनके एजेंटों को मतगणना केंद्र परिसर के अंदर प्रवेश मिल सका। सुबह 8:35 बजे मतपेटियां मतगणना कक्षों में पहुंची तथा उनको खोलकर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा जिला पंचायत सदस्य के मतपत्रों को अलग-अलग कर गिनती का कार्य शुरू किया गया।
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सुबह 10 बजे एसपी क्राइम रामअर्ज ने मतगणना स्थल का निरीक्षण किया तथा जाल पर लटके लोगों को पुलिस को पीछे करने के निर्देश दिए। लगभग 11 बजे प्रेक्षक एके मिश्र ने मतगणना कक्षों में पहुंचकर वहां के प्रभारियों से जानकारी की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शाम के समय एडीजी राजीव सभरवाल ने निरीक्षण किया।
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मतगणना में नहीं हुआ कोरोना गाइडलाइन का पालन
मवाना। मतगणना केंद्र के बाहर और अंदर कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। सुबह के समय मतगणना केंद्र के बाहर ही जो लोग एजेंट थे वे बिना मास्क तथा बिना सोशल डिस्टेसिंग के खडे़ हुए थे। अंदर प्रवेश करने के दौरान सभी ने मास्क का प्रयोग किया। लेकिन फेस शील्ड और गलब्स सभी के पास नहीं थे। अंदर मतगणना कक्षों में पहुंचने के बाद फिर से कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। एजेंट एक-दूसरे से सटे खडे़ थे। ऐसे में संक्रमण फैलने का अंदेशा बहुत अधिक बढ़ गया है। इस दौरान प्रत्याशी और एजेंट के साथ पुलिसकर्मियों ने भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया।
84 मतों पर नहीं मिले पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर
मवाना। टेबल संख्या 10 पर गांव रहावती स्थित पोलिंग बूथ की मतपेटी से बिना पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर के निकले लगभग 84 मतों का मसला शाम तक हल नहीं हो सका। जिसको लेकर कई बार हंगामे के हालात बने।
गांव रहावती स्थित बूथ नं. 1 की मतपेटी से लगभग 84 मतपत्र ऐसे निकले जिन पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। जिनको लेकर सुबह के समय शुरुआत में ही हंगामा हुआ तो मामला आरओ तक पहुंचा। आरओ ने कहा कि यदि सभी प्रत्याशी सहमत हो तो उनकी गिनती करा दी जाएगी। इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी ईशा चौधरी के एजेंट विश्वास चौधरी ने भी इसकी शिकायत प्रेक्षक से की। लेकिन उन्होंने इस मामले को आरओ पर छोड़ दिया। शाम के समय फिर से इन मतों को लेकर मतगणना कक्ष में हंगामा शुरू हुआ तो हंगामे की स्थिति देख पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे लोगों को मतगणना स्थल से बाहर किया। शाम तक इनका समाधान नहीं हो सका था।
तय समय में पूरा नहीं हुआ पहला चरण
मवाना। मतगणना का कार्य दो चरणों में होना है। देर शाम तक पहला ही चरण पूरा नहीं हो सका था। 18 गांवों में से मात्र 8 गांवों का परिणाम 7.30 बजे तक सामने आ सके थे। मतगणना का कार्य दो चरणों में होना है। पहला चरण का कार्य सुबह 8:35 बजे शुरू हुआ। पहले चरण में 18 टेबल पर 18 गांव की मतगणना शुरू हुई। पहला चरण शाम 7:30 बजे तक पूरा नहीं हो सका था। केवल 8 गांवों के ही परिणाम सामने आ सके थे।
लॉकडाउन का हुआ उल्लंघन
मवाना। चुनाव की मतगणना में साप्ताहिक लॉकडाउन का भी उल्लंघन किया गया। अधिकारियों के साफ निर्देश थे कि मतगणना स्थल के बाहर भीड़ नहीं लगनी चाहिए। प्रत्याशी और उनके एजेंटों ने जमकर लॉकडाउन का उल्लंघन किया। मतगणना स्थल के पास ही स्थित महाविद्यालय परिसर में भी भारी संख्या में एजेंट तथा प्रत्याशियों के समर्थकों ने शरण ले रखी थी। जिनको पुलिस ने शाम को दौड़ाया।
बरती गई लापरवाही
मवाना। बढ़ते कोरोना संक्रमण का भी लोगों ने मतगणना स्थल पर ध्यान नहीं रखा तथा पूरी तरह से लापरवाही बरती। मतगणना स्थल पर कई स्थानों पर प्रयोग किए गलब्स पडे़ दिखाई दिए।