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सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार का खेल
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मेरठ। महानगर में लाखों रुपये से बनने वाली सड़कें एक साल बाद ही उखड़ रही हैं। ये घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल किए जाने की पोल खोल रही हैं। वहीं, सरकारी मशीनरी की अनदेखी के चलते सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का खेल जारी है। अमर उजाला ने महानगर में 2019 से मार्च 2020 तक बनाई गई कुछ सड़कों का जायजा लिया। इनमें नगर निगम और जल निगम द्वारा बनाई सड़कें जर्जर हो चुकी हैं।
केस नंबर 1
किला रोड से कमिश्नर आवास तक नगला बट्टू मार्ग का निर्माण करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से 2019 में कराया गया था। सड़क निर्माण के समय ही स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए थे। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा था। इसका परिणाम अब सामने है। यह सड़क जगह-जगह से टूटनी शुरू हो गई है। इससे सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ गया है। वार्ड पार्षद संजय सैनी का कहना है कि इसकी शिकायत नगर निगम के अधिकारियों एवं ठेकेदार से की जा चुकी है। ठेकेदार ने इसे दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है।
केस नंबर दो
कैलाशपुरी के मुख्य मार्ग, गलियाें, शंभू दास गेट मार्ग, नौचंदी परिसर के अन्य मार्गों पर जल निगम ने सीवर लाइन डाली थी। जल निगम ने सीवर लाइन के ऊपर सड़क भी बनाई। ये छह माह के भीतर कंक्रीट में तब्दील हो गई हैं। जल निगम के ठेकेदारों एवं अधिकारियों ने मौके पर देखने की जरूरत नहीं समझी। कैलाशपुरी के मुख्य मार्ग को जल निगम ने निर्माण के बाद फिर दुरुस्त कराया परंतु सड़क रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसके अतिरिक्त गणेश मंदिर से बिजलीघर की तरफ मार्ग की हालत बदतर है। शंभूदास गेट से जय जवान, जय किसान प्रतिमा तक सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है।
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वर्जन
नगला बट्टू मार्ग टूटने की शिकायत मिली है। इसे दुरुस्त करने के लिए ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। पांच साल तक सड़क सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उसकी है। उसकी कुछ राशि नगर निगम के पास बंधक है। यदि ठेकेदार सड़क दुरुस्त नहीं कराएगा तो निगम उसकी राशि जब्त कर मरम्मत कराएगा।-यशवंत कुमार, चीफ इंजीनियर नगर निगम
सीवर लाइन के ऊपर जिस ठेकेदार ने सड़क बनाई है वही मरम्मत करेगा। कुछ जगह से शिकायत मिलने पर ठेकेदार को अवगत करा दिया है। सभी सड़कें ठीक कराई जाएंगी।-रमेश चंद्रा, परियोजना प्रबंधक जल निगम
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केस नंबर 1
किला रोड से कमिश्नर आवास तक नगला बट्टू मार्ग का निर्माण करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से 2019 में कराया गया था। सड़क निर्माण के समय ही स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए थे। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा था। इसका परिणाम अब सामने है। यह सड़क जगह-जगह से टूटनी शुरू हो गई है। इससे सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ गया है। वार्ड पार्षद संजय सैनी का कहना है कि इसकी शिकायत नगर निगम के अधिकारियों एवं ठेकेदार से की जा चुकी है। ठेकेदार ने इसे दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है।
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केस नंबर दो
कैलाशपुरी के मुख्य मार्ग, गलियाें, शंभू दास गेट मार्ग, नौचंदी परिसर के अन्य मार्गों पर जल निगम ने सीवर लाइन डाली थी। जल निगम ने सीवर लाइन के ऊपर सड़क भी बनाई। ये छह माह के भीतर कंक्रीट में तब्दील हो गई हैं। जल निगम के ठेकेदारों एवं अधिकारियों ने मौके पर देखने की जरूरत नहीं समझी। कैलाशपुरी के मुख्य मार्ग को जल निगम ने निर्माण के बाद फिर दुरुस्त कराया परंतु सड़क रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसके अतिरिक्त गणेश मंदिर से बिजलीघर की तरफ मार्ग की हालत बदतर है। शंभूदास गेट से जय जवान, जय किसान प्रतिमा तक सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है।
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वर्जन
नगला बट्टू मार्ग टूटने की शिकायत मिली है। इसे दुरुस्त करने के लिए ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। पांच साल तक सड़क सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उसकी है। उसकी कुछ राशि नगर निगम के पास बंधक है। यदि ठेकेदार सड़क दुरुस्त नहीं कराएगा तो निगम उसकी राशि जब्त कर मरम्मत कराएगा।-यशवंत कुमार, चीफ इंजीनियर नगर निगम
सीवर लाइन के ऊपर जिस ठेकेदार ने सड़क बनाई है वही मरम्मत करेगा। कुछ जगह से शिकायत मिलने पर ठेकेदार को अवगत करा दिया है। सभी सड़कें ठीक कराई जाएंगी।-रमेश चंद्रा, परियोजना प्रबंधक जल निगम