मेरठ में 102 साल की सायरा बेगम ने कोरोना को दी मात, मेडिकल कॉलेज में सपा विधायक ने पहनाई माला
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मेरठ मेडिकल कॉलेज में ये पहला मामला है कि जब किसी 102 साल की वृद्धा ने कोरोना को मात दी है। आखिरकार सायरा बेगम के हौसले के आगे कोरोना हार गया। गुरुवार को वह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आईं और कोरोना योद्धा बन गईं।
कोतवाली क्षेत्र के सराय बहलीम की रहने वाली सायरा बेगम के 32 साल के पौत्र शाहनवाज की कोरोना से मौत हो गई थी। वृद्धा सायरा बेगम में भी कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई और आखिरकार उन्हें मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया।
परिवार और डॉक्टरों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी कि शायद इस उम्र की वृद्धा कोरोना को मात दे सकती हैं। डोकरों को उम्मीद कम थी, लेकिन डॉक्टर्स की मेहनत और वृद्धा के हौंसले के आगे कोराना हार गया। वृद्धा कि जब मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दोबारा से स्वस्थ होने पर कोरोना का टेस्ट कराया तो उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई।
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वृद्धा स्वस्थ हो गई जहां पर गुरुवार दोपहर को वृद्धा को डिस्चार्ज किया जाना था। इस दौरान शहर सीट से सपा विधायक रफीक अंसारी भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। सपा विधायक ने वृद्धा का इलाज करने वाले डॉक्टरों और कोविड के नोडल अधिकारी डॉ टीवीएस आर्य व अन्य का माला पहनाकर आभार जताया। इस दौरान डॉक्टरों व सपा विधायक ने वृद्धा को माला पहनाई।
इलाज करने वाले डॉक्टर सूर्य किरण कार्तिकेयन मलिक ने बताया कि 22 जून को वृद्धा को मेडिकल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था। उन्हें एक पैर में फैक्चर था और प्लास्टर चढ़ा हुआ था। लेकिन अब उन्होंने कोरोना को मात दी है।
सामने आया है प्रदेश में यह पहला मामला होगा जब 102 साल की किसी वृद्धा ने कोरोना को मात दी है। सराय बहलीम में अपने घर आने पर भी फूल माला पहनाकर स्वागत किया। वृद्धा बोल भी लेती हैं और सुन भी लेती हैं।