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कोरोना को हराना है: खतरे में जान, फिर भी समर्पण भाव से सेवा में जुटे हैं धरती के 'भगवान'
Thu, 16 Apr 2020 01:33 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 16 Apr 2020 01:33 PM IST
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Dr. pramod kumar
- फोटो : amar ujala
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अब तक कई स्थानों पर डॉक्टरों और अन्य टीमों पर हमले हो रहे हैं। कई जिलों में कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लेकिन खतरे में जान होने के बावजूद धरती के भगवान समर्पण भाव से सेवा में जुटे हैं। सहारनपुर के सीएचसी प्रभारी डाॅ. प्रमोद कुमार भी इन्हीं में से एक हैं जो दिन रात सेवा में जुटे हैं।
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गंगोह सीएचसी जिले की सबसे हॉटस्पॉट सेंटर में शामिल हो गई है। कुछ वर्ष पूर्व गांव कुंडा कला में हुई सैकडों मौतों के बाद गंगोह सीएचसी गंगोह हमेशा से सुर्खियों में रही है। इसी प्रकार से कोरोना वायरस को लेकर भी गंगोह सीएचसी सुर्खियों में है। क्षेत्र में कोरोना के 10 लोग अभी तक पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। 300 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद कुमार सामान्य दिनों में सहारनपुर से रात में स्टे करते थे, लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद डॉ. प्रमोद अपनी टीम के साथ 20 से 21 घंटे काम कर रहे हैं। केवल रात में दो-तीन घंटे ही उन्हें आराम के लिए मिलते हैं।
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लोगों को कोरोना महामारी से बचाया जा सके, इसके लिए वह रात-दिन मेहनत कर रहे हैं। गांव-दर गांव-जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की उपयोगिता बता रहे हैं।