कोरोना: जांच से इनकार, मेरठ लैब ने लौटाए सहारनपुर के 80 सैंपल, अब भेजे जाएंगे लखनऊ
मेरठ मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सहारनपुर के करीब 80 सैंपलों की जांच करने से मना कर दिया है।
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कोरोना के खतरे के बीच चिकित्सा विभाग की चुनौतियां बढ़ रहीं हैं। मेरठ मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सहारनपुर के करीब 80 सैंपलों की जांच करने से मना कर दिया है। अब ये सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मेरठ लैब में एक दिन में 200 की जांच हो सकती हैं, आसपास के जिलों से भेजे जाने वाले सैंपलों की संख्या बढ़ने से करीब 700 सैंपल लंबित हो गए हैं। मेरठ से फिलहाल 250 सैंपल लखनऊ, आगरा और सैफई की लैब में भेजने के लिए कहा गया है, इनमें सहारनपुर के अलावा अन्य जनपदों के सैंपल भी शामिल हैं। इससे सैंपल की रिपोर्ट आने और इलाज शुरू होने में देरी होगी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि बाहर सैंपल भेजने के बाद भी 450 सैंपल बचेंगे, जिनकी जांच दो दिन में हो पाएगी। इससे मेरठ के सैंपलों की रिपोर्ट तो उसी दिन आ जाएगी। लेकिन बाकी जिलों के जो सैंपल दूसरे जिलों की लैबों में भेजे जाएंगे, उनकी रिपोर्ट आने में समय लग सकता है। मेरठ में जांच शुरू होने से पहले मेरठ के सैंपल भी जांच के लिए लखनऊ और दिल्ली भेजे जाते थे, जिनकी रिपोर्ट कई- कई दिन बाद आती थी। कई रिपोर्ट तो एक सप्ताह बाद भी आई हैं। मेडिकल में जांच शुरू होने के बाद ही हर रोज जांच हो कर रिपोर्ट आ रही है। आसपास के जिलों में इसे लेकर परेशानी हो सकती है। उनका कहना है कि कोरोना के मामलों में सैंपलों की जांच में अब देरी होगी। इससे आगे उपचार तक की प्रक्रिया में विलंब हो सकता है।
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आठ डिग्री सेंटीग्रेट से कम तापमान रखने की चुनौती
सहारनपुर से मेरठ तक की दूरी करीब 110 किलोमीटर है, अब सैंपलों को करीब 700 किलोमीटर की दूर लखनऊ भेजा जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या सैंपल 10 से 15 घंटे तक ठीक रहता है। हालांकि चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सैंपल थर्माकोल बॉक्स में दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेट तापमान में रखकर लैब भेजा जाता है। यदि निर्धारित तापमान में सैंपल को रखा जाए तो वह कई दिन तक भी खराब नहीं होता है।
सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी का कहना है कि मेरठ लैब पर वर्कलोड बढ़ गया है। इसी वजह से बृहस्पतिवार को भेजे गए 80 सैंपल वापस आ गए हैं। हमने सैंपल लखनऊ भेजने का निर्णय लिया है। अब से पहले भी कई जांचें हम लखनऊ कराते रहे हैं। ऐसे में कोई समस्या नहीं आएगी। प्रयास यही है कि जांच रिपोर्ट समय से प्राप्त होती रहे, जिससे मरीजों को समय से और बेहतर इलाज मिलता रहे।
22 मार्च को शुरू हुई थी मेरठ में जांच
मेडिकल में 22 मार्च से सैंपलों की जांच शुरू हुई है। पहले एक सीन में 115 सैंपल जांचने की क्षमता थी। इसके बाद 138 कि क्षमता हुई। अब 200 सैंपल की जांच हो रही है। अब तक यहां दो हजार से ज्यादा सैंपलों की जांच हो चुकी है। लैब से मेरठ ही नहीं सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, हापुड़, अमरोहा और बुलंदशहर समेत कई जिलों के मरीजों की जांच हो रही है।
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