मेरठ में और बढ़ा कोरोना का खतरा, एक दिन में मिले 256 नए मरीज, चार की मौत, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
मेरठ में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर अपने चरम पर है। जिले में कोरोना से एक दिन में चार लोगों की मौत हो गई। वहीं कोरोना के एक दिन में 256 नए मरीज मिले हैं।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर अपने चरम पर है। जिले में एक दिन में नए मरीजों की संख्या 256 पहुंच गई। वहीं कोरोना से तीन महिलाओं की जान चली गई। वहीं एक दिन में चार की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
बताया गया कि मृतकों में 50 वर्षीय एक महिला मोदीनगर की है, जबकि 48 और 55 साल की दो अन्य महिलाएं मेरठ की हैं। दो महिलाओं की मौत मेडिकल कॉलेज और एक की मौत केएमसी में हुई है। जिले में 250 से ज्यादा संक्रमित अस्पतालों में भर्ती हैं।
इस बीच सरधना के गांधीनगर निवासी 45 वर्षीय सहायक शिक्षक ने दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उपचार के दौरान सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। शिक्षका का अंतिम संस्कार दिल्ली में ही कर दिया गया। बेगमबाद स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक शिक्षक दो दिन पूर्व पॉजिटिव पाए गए थे। उनकी पत्नी और एक बेटा भी संक्रमण की चपेट में है।
सोमवार को 8228 सैंपलों की जांच हुई। इसमें सरधना छावनी में 13 मरीज, शास्त्री नगर में 15, दौराला में नौ और गंगानगर में सात मरीज मिले। बेगमबाग, सुपरटेक, इस्लामाबाद, राजेंद्र नगर और पल्लवपुरम में भी नए संक्रमित मिले हैं। मेडिकल कॉलेज में दो डॉक्टर भी संक्रमित पाए गए हैं। इसी क्रम में सोफिया स्कूल में महिलाकर्मी समेत दो और सेंट थॉमस इंगिलश मीडियम में शिक्षक और स्टाफ समेत पांच लोग संक्रमित मिले हैं।
नए संक्रमितों में दो सैनिक, तीन पुलिसकर्मी, हेल्थ केयर वर्कर, घरेलू महिलाएं, शिक्षक और कारोबारी शामिल हैं। रेलवे स्टेशन पर 79 और बस अड्डे पर 68 लोगों की जांच की गई लेकिन इसमें एक भी पॉजिटिव नहीं मिला।
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केपी अस्पताल में एक छात्र संक्रमित दो कर्मचारी भी मिले पॉजीटिव
सीसीएसयू के केपी अस्पताल में जांच के दौरान एक छात्र की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आसपास के कमरे खाली कराने के बाद छात्रावास में ही आइसोलेट कर दिया गया है। सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज के एक कर्मचारी एवं कैंपस में रहने वाले पूर्व अधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके साथ ही कैंपस में 60 फीसदी छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल खाली कर दिए हैं, जिनकी परीक्षाएं नहीं हैं। बाकी छात्रों से भी हॉस्टल जल्द खाली करने करने के लिए कहा गया है। चीफ वार्डन प्रो. पीके शर्मा ने बताया कि सोमवार को 60 से ज्यादा छात्रों की कोरोना जांच कराई गई थी। उधर, कैंपस में सोमवार से शिक्षकों-कर्मचारियों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। मेडिकल कॉलेज की टीम ने पहले दिन 130 कर्मचारियों-शिक्षकों का टीकाकरण किया।
मेडिकल में कल से नॉन कोविड ओपीडी बंद करने की तैयारी
कोरोना के मरीज बढ़ने के कारण मेडिकल कॉलेज में बुधवार से नॉन कोविड ओपीडी बंद करने का निर्णय लिया गया है। प्राचार्य ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई, जिसमें यह सहमति बनी है। मंगलवार को आदेश जारी किया जाएगा। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि सिर्फ फ्लू ओपीडी चलेगी, इसके अलावा जो पुराने मरीज है उनको पुराने पर्चे पर देखा जाएगा। नए पर्चे नहीं बनाए जाएंगे। अभी तक दोपहर डेढ़ बजे तक पर्चे बनते थे, सोमवार से ही सुबह 11 तक पर्चे बनाने के निर्देश दिए गए थे। प्रबंधन का मानना है कि लोग लापरवाही बरतते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते। इससे और संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। फिलहाल मेडिकल में 80 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं।
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फिर से होगा टेलीमेडिसिन के जरिए इलाज
मेडिकल कॉलेज में फिर से टेलीमेडिसिन के जरिए इलाज की तैयारी है। प्राचार्य ने बताया कि ओपीडी बंद होने के आदेश के साथ-साथ टेलीमेडिसिन के जरिए जो चिकित्सक इलाज करेंगे, उनके मोबाइल नंबर भी जारी किए जाएंगे।
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