यूपी: अब गांवों में कोरोना का कहर, एक दिन में मिले 1036 लोग बीमार, पढ़िए पूरा अपडेट
कोराना का कहर शहर से गांवों में पहुंच गया है। मेडिकल कॉलेज में पहले शहर से अधिक मरीज आ रहे थे। लेकिन, अब गांवों से कोरोना पॉजिटिव मरीज आने की संख्या बढ़ गई है।
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मेरठ में कोराना का कहर शहर से गांवों में पहुंच गया है। मेडिकल कॉलेज में पहले शहर से अधिक मरीज आ रहे थे। लेकिन, अब गांवों से कोरोना पॉजिटिव मरीज आने की संख्या बढ़ गई है। शुक्रवार को जिले भर के गांवों में हुई जांच में एक दिन में 1036 लोग बीमार मिले हैं। 187 में कोरोना की पुष्टि हुई है।
घरों में बंद सैकड़ों ऐसे लोग हैं, जिनको बुखार है, लेकिन वह जांच नहीं करा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में काफी संख्या में लोगों की गांवों में मौत हो चुकी है। स्थिति भयावह होती जा रही है। ऐसे में लोग जागरूक नहीं हुए तो कोरोना संक्रमण से स्थिति बेहद खराब हो जाएगी। पंचायत चुनाव के बाद से गांवों में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। गांवों में अधिकतर लोग बुखार आने पर कोरोना की जांच ही नहीं करा रहे हैं। इसकी वजह से कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना जांच कम होने के कारण स्वास्थ्य विभाग इन्हें कोरोना मौत की श्रेणी में शामिल नहीं कर रहा है। यही वजह है कि कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार में गांवों में कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। जिस कारण दूसरे लोग भी संक्रमित हो रहे हैं। इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो गांवों में स्थिति बहुत बिगड़ जाएगी। पंचायत चुनाव के बाद से गांवों में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
सरधना नगर, ईकड़ी, अलीपुर, कुशावली में एक सप्ताह में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। सरूरपुर ब्लॉक के छुर गांव में 45 से 50 लोगों की हाल ही में मौत हो चुकी है। कुशावली गांव निवासी डेयरी संचालक भानू प्रताप कई दिनों से बीमार थे उनकी भी शुक्रवार को मौत हो गई। अलीपुर, कपसाड़, रार्धना, खेड़ा में भी कई लोगों की मौत हो चुकी है। इकड़ी गांव निवासी एडवोकेट सोहित त्यागी ने बताया कि उनके गांव में भी करीब दस से अधिक लोगों की मौत हाल ही में हो चुकी है। सरधना के मोहल्ला बुद्ध बाजार में संजीव गुप्ता की पत्नी की आकस्मिक मौत हो गई।
58538 लोगों से की बात, 1036 मिले बीमार
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शुक्रवार को दौराला, जानी, परीक्षितगढ़, रोहटा, रजपुरा, मेरठ, हस्तिनापुर, मवाना, सरूरपुर, सरधना, माछरा और खरखौदा क्षेत्र में कोरोना जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक, 58,538 लोगों के घर जाकर जानकारी ली गई। इनमें 1036 लोगों में कोरोना के लक्षण मिले हैं। 641 लोगों को होम आइसोलेट किया गया। 1221 लोगों की कोरोना जांच हुई, जिनमें 187 पॉजिटिव मिले हैं। 1172 लोगों को किट वितरित की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया अंतिम संस्कार
सरधना के दबथुवा गांव में शुक्रवार को 40 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक को कई दिनों से बुखार था। कोरोना होने की संभावना के चलते सरूरपुर सीएचसी से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर शव का अंतिम संस्कार कराया। सीएचसी प्रभारी डॉ. ओपी जसवाल का कहना है कि मृतक 40 वर्षीय सुमित बनर्जी को सांस लेने में परेशानी व बुखार की शिकायत बताई गई थी। सुमित ने कोरोना का टेस्ट नहीं कराया था, लेकिन लक्षण होने के कारण कोविड गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार कराया गया। सुमित बनर्जी के शव को बुग्गी में श्मशान ले जाया गया।
दूसरी बार संक्रमित हुए डॉ. देव
मवाना में सीएचसी कोरोना सैल के प्रभारी डॉ. देव दूसरी बार पॉजिटिव हुए हैं। उन्हें फिलहाल कोरोना रोधी वैक्सीन के दोनों टीके लग चुके हैं। वह लगभग तीन माह पहले भी कोरोना पॉजिटिव हुए थे। बाद में उन्होंने कोरोना रोधी टीका भी लगवा लिया था। डॉ. देव ने बताया कि फिलहाल कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। अब फिर से वह जांच में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वह क्वारंटीन हो गए हैं।
कोरोना मरीज भर्ती करने की सुविधा नहीं, सीधे मेरठ रेफर
सरधना में सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सीएचसी पर कोरोना के मरीजों को भर्ती करने की फिलहाल सुविधा नहीं है। सरधना क्षेत्र से कोरोना के जो मरीज सीएचसी आते हैं या कोरोना के लक्षण मिलते हैं, उन्हें मेरठ के मेडिकल कॉलेज, मुलायम सिंह अस्पताल व धन सिंह अस्पताल रेफर किया जाता है। नगर के पांडुशिला रोड स्थित हिमालय अस्पताल में ही केवल कोविड के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। अस्पताल संचालक का कहना है कि उन्हें कोविड के मरीजों को भर्ती करने व उपचार करने की अनुमति मिली हुई है। वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने हिमालय अस्पताल में कोविड के मरीजों को भर्ती किए जाने संबंधी किसी भी अनुमति की जानकारी होने से इनकार किया है।
सपा नेता उपलब्ध करा रहे ऑक्सीजन सिलिंडर
सपा मजदूर सभा के नेता मंजूर मलिक ने ऑक्सीजन सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं होने के चलते प्रशासन से मिलकर सिलिंडर उपलब्ध कराने की मुहिम शुरू की है। मंजूर मलिक का कहना है कि शुक्रवार को परतापुर रिठानी से ऑक्सीजन के दो सिलिंडर मंगवाकर दो लोगों को उपलब्ध कराए हैं। उनका उद्देश्य है कि पात्रों तक बिना ब्लैक के ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हो सके।
कोरोना से एक किशोर समेत सात लोगों की मौत
कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से अलग-अलग इलाकों में सात लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार को दौराला क्षेत्र के मटौर गांव में दो व डोरली में एक महिला की मौत हो गई। कोरोना से मौत होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मटौर निवासी अनूप (70) की शुक्रवार को मौत हो गई। वह घर पर होम आइसोलेशन में थे। इसके अलावा गांव निवासी 14 वर्षीय एक किशोर की भी कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। दो मौत से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसके अलावा डोरली गांव निवासी एक महिला की भी कोरोना संक्रमण से मौत हो गई।
वहीं, बहसूमा क्षेत्र के गांव शाहपुर निवासी नजमू (75) और अकबरपुर सादात निवासी भाजपा नेता यशवीर भाटी की पत्नी माया की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। अकबरपुर में अब तक कोरोना संक्रमण से छह मौतें हो चुकी हैं।
खरखौदा में पांच दिन पहले कोरोना संक्रमित हुई गांव कैली निवासी महिला की मेरठ मेडिकल में शुक्रवार को मौत हो गई थी। परिजनों ने गांव में अंतिम संस्कार किया। कैली निवासी 65 वर्षीय मुनेश पत्नी राजकुमार त्यागी को कोरोना पॉजिटिव आने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। वहीं, मवाना में एक शिक्षक की मौत हो गई।
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