खतरा : यूपी में डेल्टा प्लस वैरिएंट की दस्तक, मेरठ में अलर्ट, जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए 150 सैंपल
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि एहतियात जरूरी है। कोरोना वायरस का प्रकोप कम हुआ है, अभी समाप्त नहीं हुआ है। यह अपना स्वरूप भी बदल रहा है। डेल्टा प्लस अधिक घातक बताया जा रहा है।
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दूसरी लहर में कोरोना ने प्रदेश पूरे देश में जमकर कहर बरपाया था। दूसरी लहर में वायरस का डेल्टा वैरियंट मिला था, वहीं अब राज्य में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट का मामला भी सामने आने के बाद अलर्ट किया है।
मेरठ से भी जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्ट कराए जा रहे हैं। करीब 150 से ज्यादा सैंपल अब तक जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजे जा चुके हैं। इनकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि एहतियात जरूरी है। बेवजह बाहर न निकलें। कोरोना वायरस का प्रकोप कम हुआ है, अभी समाप्त नहीं हुआ है। यह अपना स्वरूप भी बदल रहा है। डेल्टा प्लस अधिक घातक बताया जा रहा है।
कोरोना के छह और ब्लैक फंगस का कोई मरीज नहीं मिला
कोरोना के बुधवार को मेरठ में छह मरीज मिले। किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। आठ मरीजों की छुट्टी हुई है। सक्रिय केस 73 हैं। इनमें से 26 अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 22 होम आइसोलेशन में हैं। बाकी लापता हैं। 5375 सैंपलों की जांच हुई। अब तक 65930 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुल 57356 की छुट्टी हो चुकी है।
वहीं, ब्लैक फंगस का कोई मरीज नहीं मिला है। कुल 334 मरीज मिल चुके हैं, जबकि तीन मरीजों की छुट्टी हुई है। अब तक 294 की छुट्टी हो चुकी है। 13 एक्टिव केस हैं। 27 की मौत हो चुकी हैं।
सीरो सर्वे: मेडिकल में हो चुकी 20 हजार सैंपलों की जांच
सीरो सर्वे के तहत एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में करीब 20 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है। इनमें मेरठ जिले के कुल 1433 सैंपल भी शामिल हैं। रिपोर्ट लखनऊ भेज दो गई।
सूत्रों का कहना है कि अधिकांश में अच्छी एंटीबॉडी मिली है। माइक्रोबायोलॉजी लैब में मेरठ के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद और एटा आदि जिलों के सैंपल की जांच हुई। रिपोर्ट सीधे पोर्टल पर चढ़ाई गई।