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ऋषभ एकेडमी के संचालन का विवाद फिर गरमाया
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ऋषभ एकेडमी के संचालन का विवाद फिर गरमाया
मेरठ। कैंट स्थित ऋषभ एकेडमी के संचालन को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। आम सभा के बाद समाज के लोगों ने संजय जैन और राजेश जैन को विद्यालय के संचालक के लिए रिसीवर नियुक्त किया है। वहीं संस्थापक सदस्य शरद जैन ने फर्जी सदस्य बनाए जाने के साथ गलत तरह की गई आम सभा आदि आरोप लगाते हुए एसएसपी और डिप्टी रजिस्ट्रार को शिकायत पत्र सौंपा है। मामले की जांच की शुरू हो गई है।
श्री पार्श जिनेंद्र शिक्षा परिषद् के अंतर्गत आने वाले ऋषभ एकेडमी विद्यालय के संचालन को लेकर दो दशक से विवाद चला आ रहा है। वर्ष 2014 में राजेंद्र जैन और दिनेश चंद्र जैन को हटाकर रंजीत जैन विद्यालय के रिसीवर बन गए। वर्ष 2020 में रंजीत जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। रंजीत जैन पर कार्यवाही हुई। संजय जैन सहित समाज के 12 लोगों ने विद्यालय की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया। अब 9 अक्तूबर 2021 को प्यारे लाल शर्मा स्मारक बच्चा में लगभग 40 सदस्यों की उपस्थिति में आम सभा हुई। इस संबंध में डिप्टी रजिस्ट्रार को बैठक के मिनिट्स दिए गए। नवंबर 2021 को राजेश जैन और संजय जैन को विद्यालय का रिसीवर नियुक्त कर दिया गया।
मनमाने ढंग से बना दिए 14 सदस्य : शरद जैन
उधर, समिति के संस्थापक सदस्य शरद जैन ने बताया कि पहले सिर्फ तीन संस्थापक सदस्य थे। वर्ष 1997 में मनमाने ढंग से 14 संस्थापक सदस्य बना दिए गए। श्री पार्श जिनेंद्र शिक्षा परिषद् में फाउंडर मेंबर को मिलकर सदस्यों की संख्या 80 थी। 20 लोगों की मृत्यु के बाद संख्या 60 रह गई। अब 9 अक्तूबर 2021 को आम सभा में 40 लोगों के होने के दावा किया जा रहा है, जबकि सिर्फ सात सदस्य मौजूद थे। शरद जैन ने कहा कि 32 सदस्य एक ही पक्ष के परिवार के हैं। ऐसे में समिति में मनमानी की जा रही है। इस संबंध में उन्होंने 6 जनवरी 2022 को डिप्टी रजिस्ट्रार से शिकायत की थी। फर्जी सदस्य बनाने और अन्य घोटालों की शिकायत एसएसपी से भी की है। इसकी जांच इंस्पेक्टर देव सिंह रावत कर रहे हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार ने स्टे होने के बाद भी राजेश जैन और संजय जैन को रिसीवर नियुक्त कर दिया है।
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संस्थापक सदस्य को किया निष्कासित: संजय जैन
नव नियुक्त रिसीवर संजय जैन ने कहा कि शिक्षा परिषद् ने 9 अक्तूबर को 2021 को शरद जैन को संस्थापक सदस्य के पद से निष्कासित कर दिया था। वह संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। समिति का अगर उनके पास बहुमत है तो वह आम सभा बुलाने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने शिक्षकों की वेतन बढ़ोत्तरी की है। आने वाले सत्र में और वेतन बढ़ाया जाएगा।
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मेरठ। कैंट स्थित ऋषभ एकेडमी के संचालन को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। आम सभा के बाद समाज के लोगों ने संजय जैन और राजेश जैन को विद्यालय के संचालक के लिए रिसीवर नियुक्त किया है। वहीं संस्थापक सदस्य शरद जैन ने फर्जी सदस्य बनाए जाने के साथ गलत तरह की गई आम सभा आदि आरोप लगाते हुए एसएसपी और डिप्टी रजिस्ट्रार को शिकायत पत्र सौंपा है। मामले की जांच की शुरू हो गई है।
श्री पार्श जिनेंद्र शिक्षा परिषद् के अंतर्गत आने वाले ऋषभ एकेडमी विद्यालय के संचालन को लेकर दो दशक से विवाद चला आ रहा है। वर्ष 2014 में राजेंद्र जैन और दिनेश चंद्र जैन को हटाकर रंजीत जैन विद्यालय के रिसीवर बन गए। वर्ष 2020 में रंजीत जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। रंजीत जैन पर कार्यवाही हुई। संजय जैन सहित समाज के 12 लोगों ने विद्यालय की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया। अब 9 अक्तूबर 2021 को प्यारे लाल शर्मा स्मारक बच्चा में लगभग 40 सदस्यों की उपस्थिति में आम सभा हुई। इस संबंध में डिप्टी रजिस्ट्रार को बैठक के मिनिट्स दिए गए। नवंबर 2021 को राजेश जैन और संजय जैन को विद्यालय का रिसीवर नियुक्त कर दिया गया।
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मनमाने ढंग से बना दिए 14 सदस्य : शरद जैन
उधर, समिति के संस्थापक सदस्य शरद जैन ने बताया कि पहले सिर्फ तीन संस्थापक सदस्य थे। वर्ष 1997 में मनमाने ढंग से 14 संस्थापक सदस्य बना दिए गए। श्री पार्श जिनेंद्र शिक्षा परिषद् में फाउंडर मेंबर को मिलकर सदस्यों की संख्या 80 थी। 20 लोगों की मृत्यु के बाद संख्या 60 रह गई। अब 9 अक्तूबर 2021 को आम सभा में 40 लोगों के होने के दावा किया जा रहा है, जबकि सिर्फ सात सदस्य मौजूद थे। शरद जैन ने कहा कि 32 सदस्य एक ही पक्ष के परिवार के हैं। ऐसे में समिति में मनमानी की जा रही है। इस संबंध में उन्होंने 6 जनवरी 2022 को डिप्टी रजिस्ट्रार से शिकायत की थी। फर्जी सदस्य बनाने और अन्य घोटालों की शिकायत एसएसपी से भी की है। इसकी जांच इंस्पेक्टर देव सिंह रावत कर रहे हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार ने स्टे होने के बाद भी राजेश जैन और संजय जैन को रिसीवर नियुक्त कर दिया है।
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संस्थापक सदस्य को किया निष्कासित: संजय जैन
नव नियुक्त रिसीवर संजय जैन ने कहा कि शिक्षा परिषद् ने 9 अक्तूबर को 2021 को शरद जैन को संस्थापक सदस्य के पद से निष्कासित कर दिया था। वह संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। समिति का अगर उनके पास बहुमत है तो वह आम सभा बुलाने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने शिक्षकों की वेतन बढ़ोत्तरी की है। आने वाले सत्र में और वेतन बढ़ाया जाएगा।