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Meerut News: लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी
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सरूरपुर। गांव जसड सुल्तान नगर जंगल में बारिश के गिरी गन्ना की फसल। किसान
- खेतों में गिरी गन्ने की फसल, किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। खेतों में पानी भरने और तेज हवा के कारण गन्ने की फसल गिरने लगी है। कई गांवों में खेतों में खड़ा गन्ना जमीन पर बिछ गया है। इससे किसानों को उत्पादन प्रभावित होने के साथ ही आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
बारिश के चलते खेतों में मिट्टी गीली हो गई है। गन्ने की फसल का वजन बढ़ने के कारण पौधे तेज हवा और बारिश का दबाव नहीं झेल पा रहे हैं। कई स्थानों पर गन्ना जड़ों समेत झुक गया है। किसानों का कहना है कि फसल गिरने के बाद उसकी बढ़वार प्रभावित होने के साथ खेत में रोग और कीट लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
किसान संजय, आस मोहम्मद, राजू, प्रदीप, मुस्तकीम ने बताया कि गन्ने की फसल तैयार करने में पूरे साल मेहनत और लागत लगती है। खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और जुताई पर काफी खर्च होता है। ऐसे में फसल के गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो खेतों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। खेतों में बारिश का पानी जमा होने के कारण फसल की जड़ों तक हवा नहीं पहुंच पा रही है।
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किसानों का कहना है कि गन्ने की फसल गिरने से उसकी कटाई में भी अतिरिक्त परेशानी होगी। खेत में गन्ना बिछ जाने के कारण मजदूरों को कटाई में अधिक समय और मेहनत करनी पड़ सकती है। इससे किसानों की लागत भी बढ़ने की आशंका है। साथ ही गिरी फसल में कीट लगने से बर्बाद होने की भी आशंका बनी हुई है। किसानों ने प्रशासन से सर्वेक्षण कराकर मुआवजे की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। खेतों में पानी भरने और तेज हवा के कारण गन्ने की फसल गिरने लगी है। कई गांवों में खेतों में खड़ा गन्ना जमीन पर बिछ गया है। इससे किसानों को उत्पादन प्रभावित होने के साथ ही आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
बारिश के चलते खेतों में मिट्टी गीली हो गई है। गन्ने की फसल का वजन बढ़ने के कारण पौधे तेज हवा और बारिश का दबाव नहीं झेल पा रहे हैं। कई स्थानों पर गन्ना जड़ों समेत झुक गया है। किसानों का कहना है कि फसल गिरने के बाद उसकी बढ़वार प्रभावित होने के साथ खेत में रोग और कीट लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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किसान संजय, आस मोहम्मद, राजू, प्रदीप, मुस्तकीम ने बताया कि गन्ने की फसल तैयार करने में पूरे साल मेहनत और लागत लगती है। खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और जुताई पर काफी खर्च होता है। ऐसे में फसल के गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो खेतों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। खेतों में बारिश का पानी जमा होने के कारण फसल की जड़ों तक हवा नहीं पहुंच पा रही है।
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किसानों का कहना है कि गन्ने की फसल गिरने से उसकी कटाई में भी अतिरिक्त परेशानी होगी। खेत में गन्ना बिछ जाने के कारण मजदूरों को कटाई में अधिक समय और मेहनत करनी पड़ सकती है। इससे किसानों की लागत भी बढ़ने की आशंका है। साथ ही गिरी फसल में कीट लगने से बर्बाद होने की भी आशंका बनी हुई है। किसानों ने प्रशासन से सर्वेक्षण कराकर मुआवजे की मांग की है।