Meerut News: अब नए सिरे से चुनाव की रणनीति बना रहे दावेदार, पढ़िए ये खास रिपोर्ट
Meerut News : दावेदार अब नए सिरे से चुनाव की रणनीति बना रहे हैं। पढ़िए अमर उजाला की ये रिपोर्ट।
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निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद सभी दलों और दावेदारों ने नए सिरे से चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। राजनीतिक दलों के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद अगले साल अप्रैल तक चुनाव होने की उम्मीद है। ऐसे में संभावित प्रत्याशियों में संशय की स्थिति पैदा हो गई है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद निकाय चुनाव की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। कोर्ट ने बिना ओबीसी के आरक्षण के चुनाव कराने के आदेश दिए तो सरकार ने ट्रिपल टेस्ट कराकर चुनाव कराने की बात कही है। ऐसे में संभावित प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। हालांकि अभी निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। अधिकतर पार्टियां हाईकोर्ट के आदेश को लेकर विधिक राय लेने में जुटी हैं। फैसले के अनुसार ओबीसी के लिए आरक्षित सीटें अब सामान्य मानी जाएंगी। इससे प्रदेश में किसी भी प्रकार का ओबीसी आरक्षण नहीं रह गया। यदि निर्वाचन आयोग अभी चुनाव कराता है तो ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य मानकर चुनाव होगा। जबकि एससी और एसटी के लिए इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा।
बोले कस्बे के लोग, सर्वे स्वागत योग्य है
मुख्यमंत्री ने कहा है कि ट्रिपल टेस्ट के आधार पर पिछड़ी जाति के आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण करेंगे। यह बयान स्वागत योग्य है। न्यायालय का सम्मान करते हुए निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होगी। - सुशील नागर, समाजसेवी
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सभी को मौका मिले
हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। लेकिन नगर पंचायत में सबसे ज्यादा आबादी सामान्य लोगों की है तो सामान्य आरक्षण पर चुनाव होना चाहिए। सभी को मौका मिलना चाहिए। - गोपाल शर्मा, हस्तिनापुर
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अभी चल रहा है मंथन
निकाय चुनाव को लेकर सरकार की ओर से बड़े स्तर पर मंथन हो रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था है। उसके अनुसार चुनाव होना चाहिए। - मित्र सेन प्रजापति, समाजसेवी
कोर्ट का फैसला मान्य
कोर्ट का फैसला मान्य है। पार्टी के पदाधिकारी रणनीति बना रहे हैं। फिलहाल हम लोगों का पूरा जोर संगठन को मजबूत करने पर है। - गौरव गुर्जर, भाजपा कार्यकर्ता