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Meerut News: नहीं मिला परामर्श, बिना दवा के मायूस लौटे तीमारदार
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मेरठ..कंवलजीत..सेन्ट्रल मार्किट प्रकरण को लेकर संयुक्त व्यापार संघ के मेरठ बंद के आह्ववान पर बं
संयुक्त व्यापार संघ द्वारा बुलाए गए मेरठ बंद का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा जिससे मरीजों को भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। शहर के प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम में ओपीडी बंद रहने के कारण इलाज के लिए आए दर्जनों मरीजों को बिना परामर्श और दवा के ही वापस लौटना पड़ा। गढ़ रोड स्थित जगत हॉस्पिटल और अन्य निजी नर्सिंग होम में सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। अस्पतालों के सहायता केंद्रों पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि बंद के समर्थन में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही सुचारू हैं।
सोहराबगेट बस स्टैंड और गढ़ रोड स्थित एस-2एस एस्कवायर कॉम्प्लेक्स में संचालित निजी नर्सिंग होम, फेयर मेड क्लीनिक और डॉ. राहुल शर्मा क्लीनिक समेत कई स्वास्थ्य केंद्र बंद रहे। इसके चलते गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को घंटों इंतजार के बाद निराश होकर घर जाना पड़ा। वहीं शहर के अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप रहने से पूरे दिन मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी और नाराजगी का माहौल बना रहा। तीमारदारों का कहना था कि बंद से आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा जाना चाहिए था।
मरीजों का छलका दर्द:
डायबिटीज और गुर्दे की समस्या से पीड़ित जयबूनिशा (49 वर्ष) अपने बेटे शाहरुख के साथ 45 किलोमीटर दूर से दवाई लेने आई थीं। उन्होंने बताया कि कमजोरी के कारण चलना मुश्किल है, सुबह 6 बजे से कॉम्प्लेक्स के बाहर बैठे थे, लेकिन 10 बजे तक क्लिनिक न खुलने पर बिना दिखाए लौटना पड़ा।
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जिसोरा गांव से 27 किलोमीटर का सफर तय कर आए शाहिद (71 वर्ष) के दिल में स्टंट पड़ा हुआ है। उनका इलाज धनवंतरी अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने कहा कि दवा का क्रम टूटने से डर लग रहा है कि कहीं स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े।
सरधना निवासी जमशेद (62 वर्ष) एस-टू स्क्वायर बिल्डिंग में डॉ. तलहा खान आबिदी से दिल का इलाज करा रहे हैं। एक साल से नियमित दवा ले रहे जमशेद ने बताया कि सीने में दर्द की समस्या है और समय पर दवा न मिलने से उन्हें किसी अनहोनी का भय सता रहा है।
किठौर से आए मुजम्मिल (68 वर्ष) को मिर्गी के दौरे की समस्या है। उनका इलाज न्यूरो केयर सेंटर पर डॉ. दीपिका सागर से चल रहा है। उनके परिजन मुनफत ने चिंता जताई कि दवा न मिलने से दोबारा दौरे पड़ सकते हैं।
अलीपुर जिजमाना निवासी मेहताब (68 वर्ष) सांस और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की समस्या से परेशान हैं। प्रेक्षा हार्ट एंड न्यूरो केयर सेंटर पर डॉ. धीरज सोनी से इलाज करा रहे मेहताब ने बताया कि डॉक्टर ने हार्ट अटैक की चेतावनी दी है, लेकिन बंद की वजह से रेगुलर दवा नहीं मिल सकी।
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सोहराबगेट बस स्टैंड और गढ़ रोड स्थित एस-2एस एस्कवायर कॉम्प्लेक्स में संचालित निजी नर्सिंग होम, फेयर मेड क्लीनिक और डॉ. राहुल शर्मा क्लीनिक समेत कई स्वास्थ्य केंद्र बंद रहे। इसके चलते गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को घंटों इंतजार के बाद निराश होकर घर जाना पड़ा। वहीं शहर के अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप रहने से पूरे दिन मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी और नाराजगी का माहौल बना रहा। तीमारदारों का कहना था कि बंद से आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा जाना चाहिए था।
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मरीजों का छलका दर्द:
डायबिटीज और गुर्दे की समस्या से पीड़ित जयबूनिशा (49 वर्ष) अपने बेटे शाहरुख के साथ 45 किलोमीटर दूर से दवाई लेने आई थीं। उन्होंने बताया कि कमजोरी के कारण चलना मुश्किल है, सुबह 6 बजे से कॉम्प्लेक्स के बाहर बैठे थे, लेकिन 10 बजे तक क्लिनिक न खुलने पर बिना दिखाए लौटना पड़ा।
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जिसोरा गांव से 27 किलोमीटर का सफर तय कर आए शाहिद (71 वर्ष) के दिल में स्टंट पड़ा हुआ है। उनका इलाज धनवंतरी अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने कहा कि दवा का क्रम टूटने से डर लग रहा है कि कहीं स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े।
सरधना निवासी जमशेद (62 वर्ष) एस-टू स्क्वायर बिल्डिंग में डॉ. तलहा खान आबिदी से दिल का इलाज करा रहे हैं। एक साल से नियमित दवा ले रहे जमशेद ने बताया कि सीने में दर्द की समस्या है और समय पर दवा न मिलने से उन्हें किसी अनहोनी का भय सता रहा है।
किठौर से आए मुजम्मिल (68 वर्ष) को मिर्गी के दौरे की समस्या है। उनका इलाज न्यूरो केयर सेंटर पर डॉ. दीपिका सागर से चल रहा है। उनके परिजन मुनफत ने चिंता जताई कि दवा न मिलने से दोबारा दौरे पड़ सकते हैं।
अलीपुर जिजमाना निवासी मेहताब (68 वर्ष) सांस और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की समस्या से परेशान हैं। प्रेक्षा हार्ट एंड न्यूरो केयर सेंटर पर डॉ. धीरज सोनी से इलाज करा रहे मेहताब ने बताया कि डॉक्टर ने हार्ट अटैक की चेतावनी दी है, लेकिन बंद की वजह से रेगुलर दवा नहीं मिल सकी।