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रैपिड के स्टेशनों को बिजली के लिए सब स्टेशन का निर्माण शुरू
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रैपिड के स्टेशनों को बिजली के लिए सब स्टेशन का निर्माण शुरू
मेरठ/ परतापुर। अपने शहर से दिल्ली तक रैपिड रेल संचालन के काम में तेजी आ गई है। ट्रेन के संचालन में बिजली उपयोग के लिए जहां पावर रिसीविंग सब स्टेशन के निर्माण कार्य की शुरुआत मुरादनगर में कर दी गई है वहीं रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए एनसीआरटीसी के इंजीनियरों ने शनिवार को हाईवे के दोनों ओर क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया। काम की गति में तेजी से 2025 तक मेरठ से दिल्ली की दूरी 45 मिनट में तय होने का सपना पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है। इस बीच शहर में भी रैपिड रेल का काम शुरू हो गया है।
एनसीआरटीसी ने पहले पावर सब-स्टेशन का निर्माण कार्य मुरादनगर में प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह और इरकॉन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू किया है। पावर सब स्टेशन को यूपीपीटीसीएल के मुरादनगर ग्रिड से 220 केवी के केबल द्वारा बिजली मिलेगी। 220 केवी बिजली को कम कर 25 केवी बिजली गुलधर से मेरठ दक्षिण के बीच और दुहाई डिपो को आरआरटीएस ट्रेन के परिचालन के लिए भेजा जाएगा। प्रत्येक स्टेशन पर 220 केवी को कम कर 415 वोल्ट बिजली स्टेशन की जरूरतों जैसे लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियों, लाइट, सिग्नल और टेलीकॉम के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल
एनसीआरटीसी इसके लिए नवीनतम तकनीक इंडोर जीआईएस (गैस इंसुलेटेड स्विचगियर) सब स्टेशन का उपयोग कर रहा है। इससे सब स्टेशन के लिए कम भूमि की जरूरत होती है। रिसीविंग सब स्टेशन को एपीएफ़ (एक्टिव पावर फिल्टर) से लैस किया जाएगा ताकि बिजली की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ संरक्षण भी किया जा सके। 82 किमी लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए एनसीआरटीसी ऐसे चार और पावर सब स्टेशन बनाएगा।
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इन स्टेशनों को मिलेगी बिजली
गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ और मेरठ साउथ
जल्दी ठीक होंगी क्षतिग्रस्त सड़कें
परतापुर। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में सड़क क्षतिग्रस्त होने, मार्ग चौड़ीकरण में घटिया सामग्री लगाने और आए दिन हादसे होने की खबर प्रकाशित की थी। इस पर इंजीनियरों के दल ने निरीक्षण किया और मार्ग चौड़ीकरण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक किया जाए। मार्ग चौड़ीकरण में बाधा बन रहे पेड़ों व बिजली के खंभों को भी जल्द हटाने के लिए कहा गया है। जल्दी ही बिजली लाइनों को भी भूमिगत किया जाएगा। वहीं, परतापुर तिराहे पर भी पिलर निर्माण के लिए ग्राइंडिंग मशीन लगा दी गई। यहां रैंप बनाने का प्रावधान है।
संवाद
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे: सभी
ओवरब्रिज एक-दूसरे से जोड़े गए
परतापुर। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे के सभी ओवरब्रिज आपस में जोड़ दिए गए हैं। कार्यदायी संस्था का लक्ष्य 31 दिसंबर, 2020 तक एक्सप्रेसवे को उद्घाटन के लिए तैयार करने का है। सभी ओवरब्रिज जोड़ने के बाद कई जगहों पर मिट्टी भराव करने के बाद एक्सप्रेसवे पर डामर डाला जाएगा। तीनों इंटरचेंज का काम पहले ही पूरा हो चुका है। गांव अछरौडा के पीछे टोल प्लाजा के पास सेफ्टी ग्लास लगाने के साथ ही हाईमास्ट लाइट लगाई जा रही है।
संवाद
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मेरठ/ परतापुर। अपने शहर से दिल्ली तक रैपिड रेल संचालन के काम में तेजी आ गई है। ट्रेन के संचालन में बिजली उपयोग के लिए जहां पावर रिसीविंग सब स्टेशन के निर्माण कार्य की शुरुआत मुरादनगर में कर दी गई है वहीं रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए एनसीआरटीसी के इंजीनियरों ने शनिवार को हाईवे के दोनों ओर क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया। काम की गति में तेजी से 2025 तक मेरठ से दिल्ली की दूरी 45 मिनट में तय होने का सपना पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है। इस बीच शहर में भी रैपिड रेल का काम शुरू हो गया है।
एनसीआरटीसी ने पहले पावर सब-स्टेशन का निर्माण कार्य मुरादनगर में प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह और इरकॉन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू किया है। पावर सब स्टेशन को यूपीपीटीसीएल के मुरादनगर ग्रिड से 220 केवी के केबल द्वारा बिजली मिलेगी। 220 केवी बिजली को कम कर 25 केवी बिजली गुलधर से मेरठ दक्षिण के बीच और दुहाई डिपो को आरआरटीएस ट्रेन के परिचालन के लिए भेजा जाएगा। प्रत्येक स्टेशन पर 220 केवी को कम कर 415 वोल्ट बिजली स्टेशन की जरूरतों जैसे लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियों, लाइट, सिग्नल और टेलीकॉम के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
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नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल
एनसीआरटीसी इसके लिए नवीनतम तकनीक इंडोर जीआईएस (गैस इंसुलेटेड स्विचगियर) सब स्टेशन का उपयोग कर रहा है। इससे सब स्टेशन के लिए कम भूमि की जरूरत होती है। रिसीविंग सब स्टेशन को एपीएफ़ (एक्टिव पावर फिल्टर) से लैस किया जाएगा ताकि बिजली की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ संरक्षण भी किया जा सके। 82 किमी लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए एनसीआरटीसी ऐसे चार और पावर सब स्टेशन बनाएगा।
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इन स्टेशनों को मिलेगी बिजली
गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ और मेरठ साउथ
जल्दी ठीक होंगी क्षतिग्रस्त सड़कें
परतापुर। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में सड़क क्षतिग्रस्त होने, मार्ग चौड़ीकरण में घटिया सामग्री लगाने और आए दिन हादसे होने की खबर प्रकाशित की थी। इस पर इंजीनियरों के दल ने निरीक्षण किया और मार्ग चौड़ीकरण के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक किया जाए। मार्ग चौड़ीकरण में बाधा बन रहे पेड़ों व बिजली के खंभों को भी जल्द हटाने के लिए कहा गया है। जल्दी ही बिजली लाइनों को भी भूमिगत किया जाएगा। वहीं, परतापुर तिराहे पर भी पिलर निर्माण के लिए ग्राइंडिंग मशीन लगा दी गई। यहां रैंप बनाने का प्रावधान है।
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मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे: सभी
ओवरब्रिज एक-दूसरे से जोड़े गए
परतापुर। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे के सभी ओवरब्रिज आपस में जोड़ दिए गए हैं। कार्यदायी संस्था का लक्ष्य 31 दिसंबर, 2020 तक एक्सप्रेसवे को उद्घाटन के लिए तैयार करने का है। सभी ओवरब्रिज जोड़ने के बाद कई जगहों पर मिट्टी भराव करने के बाद एक्सप्रेसवे पर डामर डाला जाएगा। तीनों इंटरचेंज का काम पहले ही पूरा हो चुका है। गांव अछरौडा के पीछे टोल प्लाजा के पास सेफ्टी ग्लास लगाने के साथ ही हाईमास्ट लाइट लगाई जा रही है।
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