कांग्रेस नेता मुन्नी बेगम की हत्या का खुलासा, बदमाशों ने रची थी खतरनाक साजिश
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बागपत में कांग्रेस की महिला नेता मुन्नी बेगम की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। जेल में बंद जाहिद लंबू के कहने पर ही उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इस हत्याकांड में अभी चार आरोपी फरार हैं।
एसपी जयप्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि पांच मार्च को केतीपुरा निवासी कांग्रेस सेवादल की शहर संगठक मुन्नी बेगम की हत्या कर दी गई थी। मृतका के पति मोबीन ने मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में सामने आया कि मोबीन की पत्नी मुन्नी बेगम व जेल में बंद जाहिद उर्फ लंबू निवासी निरपुड़ा रिश्तेदार हैं, जिनमें पहले से ही रंजिश चली आ रही थी। उसी के तहत जाहिद उर्फ लंबू ने जेल से पेशी पर आने के दौरान अपने साथी विक्की पुत्र ब्रजपाल निवासी पिचौकरा, बूटन पुत्र सरफराज, शादाब उर्फ सद्दू पुत्र यामीन निवासीगण हर्रा थाना सरूरपुर जनपद मेरठ, जाहिद पुत्र हासिम निवासी मोहल्ला केतीपुरा बागपत, पत्नी शहनाज व साले जिशान, अहशान, रिहान के साथ मिलकर मुन्नी बेगम की हत्या करने की योजना बनाई। इसी के तहत पांच मार्च को मुन्नी बेगम के घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई।
इस मामले में बुधवार को पुलिस ने अभियुक्त शादाब उर्फ सद्दू निवासी हर्रा व जाहिद निवासी बागपत को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 32 बोर की पिस्टल, एक खोखा व एक कारतूस बरामद किया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। एसपी ने बताया कि जाहिद लंबू के साले रिहान को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस हत्याकांड में अब चार आरोपी फरार हैं, जिन्हें शीघ्र पकड़ लिया जाएगा।
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इस तरह दिया वारदात को अंजाम
वारदात से पहले पांच मार्च को जाहिद लंबू का साला जिशान हर्रा गांव से बाइक पर शादाब को बरनावा बस स्टैंड पर छोड़कर गया था। शादाब बरनावा बस द्वारा बागपत पहुंचा। यहां उसे जाहिद लंबू की पत्नी शहनाज व साले अहसान और रिहान मिले। थोड़ी ही दूरी पर उन्हें विक्की पिचौकरा व बूटन हर्रा मिले। यहां से सभी शहनाज के साथ उसके घर गए। शहनाज ने अपने भाई रिहान को मुन्नी बेगम के घर लोकेशन लेने के लिए भेजा। रिहान ने फोन कर शहनाज को बताया कि मुन्नी घर पर ही है। इसके बाद शहनाज ने विक्की, शादाब व बूटन को मुन्नी के हत्या करने के लिए भेज दिया। तीनों बाइक पर सवार होकर आए और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मुन्नी बेगम की हत्या कर दी।
जेल से ही फोन करता था जाहिद लंबू
आरोपी जाहिद पुत्र हासिम फेरी पर कपड़े बेचने का काम करता है। उसने बताया कि जेल में बंद जाहिद उर्फ लंबू ने उसे मुन्नी की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए कहा था। जाहिद लंबू जेल से मोबाइल फोन पर मुन्नी के बारे में जानकारी लेता रहता था। जाहिद लंबू ने जेल से कई बार उसे फोन किए। हत्या के दिन भी वह शहनाज के साथ ही था।
मोबीन को सता रहा है हत्या का डर
मुन्नी बेगम के पति मोबीन ने बताया कि जेल में बंद जाहिद लंबू उसकी भी हत्या की योजना बना रहा है। उसे आए दिन धमकियां मिल रही हैं। डर के कारण कारोबार भी ठप पड़ा है और परिवार को भूखे मरने की नौबत हो गई है। यदि वह मजदूरी करने जाता है तो जाहिद लंबू उसकी हत्या करा देगा।
शहनाज व मुन्नी में होता था झगड़ा
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि मुन्नी बेगम व जाहिद उर्फ लंबू के बीच काफी दिनों से रंजिश चल रही है। दो मामलों में मुन्नी ने उसके साथ समझौता कर लिया था। अब जाहिद लंबू की पत्नी शहनाज व मुन्नी बेगम केतीपुरा मोहल्ले में अलग-अलग मकानों में रह रही थी। दोनों के बीच आए दिन झगड़ा होता रहता था। जाहिद लंबू को यह अच्छा नहीं लगता था। इस झगड़े से छुटकारा पाने के लिए ही उसने मुन्नी की हत्या कराई है।
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