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जीएसटी अनिवार्य है, लेकिन व्यापारी नहीं करा रहे पंजीकरण
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जीएसटी अनिवार्य है, लेकिन व्यापारी नहीं करा रहे पंजीकरण
मेरठ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग को मेरठ जोन (मेरठ और बागपत जिला) में 35 हजार नए व्यापारी पंजीकृत कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसे इस साल मार्च माह तक पूरा करना है। विभाग ऐसे व्यापारियों का चिह्निकरण कर रहा है, जिनके लिए पंजीकरण अनिवार्य है, मगर वे करा नहीं रहे हैं। इस संबंध में बृहस्पतिवार को व्यापारियों के साथ बैठक भी की गई।
अभी तक इस जोन में 56 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इनमें 32 हजार व्यापारी वाणिज्य कर विभाग यानि सीजीएसटी और 24 हजार व्यापारी सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) में पंजीकृत हैं। पंजीकरण बढ़ाने के लिए विभाग व्यापारियों को जागरूक कर रहा है। उन्हें जीएसटी में पंजीकरण के लाभ बता रहा है।
बृहस्पतिवार को संयुक्त व्यापार संघ (वशिष्ट गुट) के पदाधिकारियों के साथ एडिशनल कमिश्नर सम्पूर्णा नन्द पाण्डेय और एडीशनल कमिश्नर शशि भूषण सिंह के साथ वाणिज्य कर भवन में बैठक की। बताया कि बीमा और पेंशन योजना केअलावा पंजीकृत व्यापारियों को बैंकों से आसानी से कम दर पर ऋण पाने की सुविधा है। साथ ही बताया कि कुछ व्यापारी ऐसे हैं, जिन्हें जीएसटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य है, लेकिन वह पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। ऐसे व्यापारी तत्काल पंजीकरण कराएं विधिक कार्रवाई से बचें। बैठक में संयुक्त व्यापार संघ वशिष्ठ गुट अजय गुप्ता अध्यक्ष, दलजीत सिंह महामंत्री, सुधीर रस्तोगी उपाध्यक्ष, अरूण वशिष्ट संरक्षक एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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यह मिलेंगे लाभ
जैसे-पंजीकरण कराने से 10 लाख तक की बीमा मिलेगा। इसके अलावा पेंशन योजना भी शुरू होने वाली है। अगर पंजीकरण नहीं कराएंगे तो यह लाभ नहीं मिलेगा। दूसरी तरफ, जो व्यापारी पंजीकरण नहीं करा रहे हैं, वह रिटर्न फाइल करने केझंझटों से बचना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि जब वह इस दायरे में आते ही नहीं तो पंजीकरण क्यों कराएं। जबकि सरकार चाहती है कि भले ही आप रिटर्न फाइल करने केदायरे में न आते हैं, मगर पंजीकरण जरूर कराएं। इसी की कवायद इन दिनों चल रही है। विभाग दो दिन से लगातार व्यापारियों को बुलाकर उनसे अनुरोध कर रहा है कि छोटे व्यापारियों को भी इसमें पंजीकृत कराएं।
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मेरठ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग को मेरठ जोन (मेरठ और बागपत जिला) में 35 हजार नए व्यापारी पंजीकृत कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसे इस साल मार्च माह तक पूरा करना है। विभाग ऐसे व्यापारियों का चिह्निकरण कर रहा है, जिनके लिए पंजीकरण अनिवार्य है, मगर वे करा नहीं रहे हैं। इस संबंध में बृहस्पतिवार को व्यापारियों के साथ बैठक भी की गई।
अभी तक इस जोन में 56 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इनमें 32 हजार व्यापारी वाणिज्य कर विभाग यानि सीजीएसटी और 24 हजार व्यापारी सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) में पंजीकृत हैं। पंजीकरण बढ़ाने के लिए विभाग व्यापारियों को जागरूक कर रहा है। उन्हें जीएसटी में पंजीकरण के लाभ बता रहा है।
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बृहस्पतिवार को संयुक्त व्यापार संघ (वशिष्ट गुट) के पदाधिकारियों के साथ एडिशनल कमिश्नर सम्पूर्णा नन्द पाण्डेय और एडीशनल कमिश्नर शशि भूषण सिंह के साथ वाणिज्य कर भवन में बैठक की। बताया कि बीमा और पेंशन योजना केअलावा पंजीकृत व्यापारियों को बैंकों से आसानी से कम दर पर ऋण पाने की सुविधा है। साथ ही बताया कि कुछ व्यापारी ऐसे हैं, जिन्हें जीएसटी में पंजीकरण कराना अनिवार्य है, लेकिन वह पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। ऐसे व्यापारी तत्काल पंजीकरण कराएं विधिक कार्रवाई से बचें। बैठक में संयुक्त व्यापार संघ वशिष्ठ गुट अजय गुप्ता अध्यक्ष, दलजीत सिंह महामंत्री, सुधीर रस्तोगी उपाध्यक्ष, अरूण वशिष्ट संरक्षक एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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यह मिलेंगे लाभ
जैसे-पंजीकरण कराने से 10 लाख तक की बीमा मिलेगा। इसके अलावा पेंशन योजना भी शुरू होने वाली है। अगर पंजीकरण नहीं कराएंगे तो यह लाभ नहीं मिलेगा। दूसरी तरफ, जो व्यापारी पंजीकरण नहीं करा रहे हैं, वह रिटर्न फाइल करने केझंझटों से बचना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि जब वह इस दायरे में आते ही नहीं तो पंजीकरण क्यों कराएं। जबकि सरकार चाहती है कि भले ही आप रिटर्न फाइल करने केदायरे में न आते हैं, मगर पंजीकरण जरूर कराएं। इसी की कवायद इन दिनों चल रही है। विभाग दो दिन से लगातार व्यापारियों को बुलाकर उनसे अनुरोध कर रहा है कि छोटे व्यापारियों को भी इसमें पंजीकृत कराएं।