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कांप्लेक्स की दीवार गिरी, दो बच्चों समेत तीन दबे
Thu, 04 Apr 2019 04:25 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Thu, 04 Apr 2019 04:25 AM IST
सार
- कंकरखेड़ा में हादसा, जेसीबी से तीनों को बाहर निकाला गया
- गुस्साए लोगों ने दो घंटे जाम लगाकर किया हंगामा
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दीवार गिरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोहटा रोड स्थित जवाहर नगर कॉलोनी में बुधवार को निर्माणाधीन कांप्लेक्स की दीवार गिरने से दो बच्चे और एक मजदूर मलबे में दब गए। पुलिस ने जेसीबी की मदद से तीनों को मलबे से निकालकर अस्पताल भिजवाया। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने करीब दो घंटे तक जाम लगाकर हंगामा काटा
पुलिस के अनुसार कांप्लेक्स के बेसमेंट की खुदाई के दौरान बड़ी दीवार अचानक से गिर गई। इस दौरान ट्यूशन से लौट रहे कॉलोनी के बच्चे गोलू पुत्र हरीश और अंशुल पुत्र आशित के अलावा एक मजदूर दीवार के मलबे में दब गए। जिसके बाद वहां चीख पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची कंकरखेड़ा पुलिस ने लोगों की मदद से तीनों को मलबे से निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। वहीं, बच्चों के परिजनों और कॉलोनी के लोगों ने कांप्लेक्स मालिक पर एमडीए से साठगांठ कर अवैध निर्माण करने का आरोप लगाकर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक लोगों ने हंगामा किया। इसके चलते दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में समाजसेवी विजय कश्यप, दुष्यंत रोहटा, छात्र नेता गुडडू मलिक, प्रदीप ढाका आदि ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। पीड़ित पक्ष ने अज्ञात में तहरीर दी है।
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बच्चा दबने की अफवाह फैली
इस दौरान अफवाह फैल गई कि अभी भी एक बच्चा मलबे में दबा है, जिसके बाद सर्च अभियान चलाया गया। लेकिन बाद में पता चला कि जिस बच्चे के दबने की बात कही गई, वह तो अपने घर पर है।
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उचित उपचार न कराने का आरोप
बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया कि दोनों बच्चों को गंभीर चोेटें लगीं। लेकिन पुलिस ने जिला अस्पताल में उपचार के नाम पर खानापूर्ति कराकर बच्चों को घर भिजवा दिया। जिसके बाद दोनों बच्चों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस कांप्लेक्स के मालिक से साठगांठ कर मामला रफादफा करने में लगी है। पुलिस ने कांप्लेक्स के मालिक से पूछताछ करने की भी जहमत नहीं उठाई।
किसी के साथ गलत नहीं होगा
इंस्पेक्टर एपी मिश्रा का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर अज्ञात में केस दर्ज करा दिया है। बच्चों का जिला अस्पताल में ठीक उपचार हुआ है। चिकित्सकों ने जांच के बाद ही बच्चों को घर भेजा है। बाद में परिजन उन्हें निजी अस्पताल क्यों ले गए, इसकी जानकारी नहीं है। वहीं, सीओ दौराला जितेंद्र सरगम का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। किसी के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा।