{"_id":"6a2047cdeae9bc60a603ada8","slug":"complete-the-survey-work-by-june-30-meerut-news-c-72-1-mct1009-154218-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: 30 जून तक पूरा करें सर्वे का कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: 30 जून तक पूरा करें सर्वे का कार्य
Wed, 03 Jun 2026 08:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 03 Jun 2026 08:57 PM IST
विज्ञापन
पदभार संभालने के बाद उप गन्ना आयुक्त ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ परिक्षेत्र के नवनियुक्त उप गन्ना आयुक्त यशपाल सिंह ने कार्यभार ग्रहण करते ही बुधवार को परिक्षेत्र के सभी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी चीनी मिल अधिकारियों व विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण तरीके से सर्वे का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने 30 जून तक कार्य पूरा करने को कहा।
उप गन्ना आयुक्त ने कहा कि गन्ना सर्वेक्षण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि संपूर्ण गन्ना अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। सर्वेक्षण के आधार पर ही गन्ना क्षेत्रफल, उत्पादन संभावनाएं, चीनी मिलों की पेराई क्षमता, गन्ना आपूर्ति व्यवस्था, कैलेंडर निर्माण तथा किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की रूपरेखा निर्धारित होती है।
उन्होंने कहा कि यदि सर्वेक्षण आंकड़े शुद्ध होंगे तो किसानों को पर्ची वितरण, गन्ना मूल्य भुगतान तथा अन्य सुविधाओं का लाभ भी पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को सर्वेक्षण संबंधी शिकायत होने पर उसका त्वरित निस्तारण किया जाए। बैठक में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, अलीगढ के साथ-साथ कई जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ परिक्षेत्र के नवनियुक्त उप गन्ना आयुक्त यशपाल सिंह ने कार्यभार ग्रहण करते ही बुधवार को परिक्षेत्र के सभी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी चीनी मिल अधिकारियों व विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण तरीके से सर्वे का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने 30 जून तक कार्य पूरा करने को कहा।
उप गन्ना आयुक्त ने कहा कि गन्ना सर्वेक्षण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि संपूर्ण गन्ना अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। सर्वेक्षण के आधार पर ही गन्ना क्षेत्रफल, उत्पादन संभावनाएं, चीनी मिलों की पेराई क्षमता, गन्ना आपूर्ति व्यवस्था, कैलेंडर निर्माण तथा किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की रूपरेखा निर्धारित होती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यदि सर्वेक्षण आंकड़े शुद्ध होंगे तो किसानों को पर्ची वितरण, गन्ना मूल्य भुगतान तथा अन्य सुविधाओं का लाभ भी पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को सर्वेक्षण संबंधी शिकायत होने पर उसका त्वरित निस्तारण किया जाए। बैठक में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, अलीगढ के साथ-साथ कई जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन