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डीसीओ बने गन्ना समितियों के अध्यक्ष, समितियां हुई भंग
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समितियां भंग, जिला गन्ना अधिकारी बने अध्यक्ष
दौराला। सहकारी गन्ना विकास समितियों का कार्यकाल बुधवार को समाप्त होने के बाद समितियां व परिषद भंग कर दी गई है। समितियां भंग होने के बाद गन्ना विभाग ने सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष डीसीओ व सदस्य ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक को बनाया है।
बताते चले कि फरवरी-मार्च माह में सहकारी गन्ना विकास समितियों के चुनाव होने थे। समितियों का कार्यकाल आठ अप्रैल तक था। परंतु लॉकडाउन होने के बाद समितियों का चुनाव नहीं हो सका और बुधवार को समितियों व परिषद का कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें भंग कर दिया गया है। समितियां भंग होने के बाद जिला गन्ना अधिकारी अब अध्यक्ष व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक और सचिव सदस्य होंगे। दौराला समिति की बात करें तो समिति से लगभग 50 हजार 322 किसान जुड़े है। 275 डेलीगेट व नौ डायरेक्टर है। वहीं सकौती समिति से 23 हजार किसान, लगभग 125 डेलीगेट व नौ डायरेक्टर है।
वहीं इस बार नए परिसीमन के कारण डेलीगेट की संख्या बढ़ने की संभावना थी। अब छह माह तक डीसीओ प्रशासक रहेंगे। छह माह बाद ही समितियों का चुनाव संपन्न होगा।
समितियों व परिषद का कार्यकाल समाप्त होने के कारण उन्हें भंग कर दिया गया है। अब समितियों के अध्यक्ष जिला गन्ना अधिकारी होंगे व सचिव और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सदस्य होंगे। सभी सदस्यों, डायरेक्टरों को पद मुक्त कर दिया गया है।
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प्रदीप यादव, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति दौराला
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दौराला। सहकारी गन्ना विकास समितियों का कार्यकाल बुधवार को समाप्त होने के बाद समितियां व परिषद भंग कर दी गई है। समितियां भंग होने के बाद गन्ना विभाग ने सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष डीसीओ व सदस्य ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक को बनाया है।
बताते चले कि फरवरी-मार्च माह में सहकारी गन्ना विकास समितियों के चुनाव होने थे। समितियों का कार्यकाल आठ अप्रैल तक था। परंतु लॉकडाउन होने के बाद समितियों का चुनाव नहीं हो सका और बुधवार को समितियों व परिषद का कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें भंग कर दिया गया है। समितियां भंग होने के बाद जिला गन्ना अधिकारी अब अध्यक्ष व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक और सचिव सदस्य होंगे। दौराला समिति की बात करें तो समिति से लगभग 50 हजार 322 किसान जुड़े है। 275 डेलीगेट व नौ डायरेक्टर है। वहीं सकौती समिति से 23 हजार किसान, लगभग 125 डेलीगेट व नौ डायरेक्टर है।
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वहीं इस बार नए परिसीमन के कारण डेलीगेट की संख्या बढ़ने की संभावना थी। अब छह माह तक डीसीओ प्रशासक रहेंगे। छह माह बाद ही समितियों का चुनाव संपन्न होगा।
समितियों व परिषद का कार्यकाल समाप्त होने के कारण उन्हें भंग कर दिया गया है। अब समितियों के अध्यक्ष जिला गन्ना अधिकारी होंगे व सचिव और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सदस्य होंगे। सभी सदस्यों, डायरेक्टरों को पद मुक्त कर दिया गया है।
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प्रदीप यादव, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति दौराला