Meerut Nikay Chunav: हस्तिनापुर में BJP व निर्दलीय के बीच कांटे की टक्कर, मतदान के रुझान में बसपा पिछड़ी
मेरठ में नगर निकाय चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। नगर निकायों में किसकी सरकार बनेगी यह तो मतगणना के बाद ही साफ होगा लेकिन आज मतदान के रुझान की बात करें तो सभी पार्टी प्रत्याशी एक-दूसरे का टक्कर दे रहे हैं।
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महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर की नगर पंचायत सीट के अध्यक्ष का ताज किसके सिर बंधेगा यह तो मतदान गणना के बाद ही पता चलेगा। मतदान के रुझान में भाजपा और भाजपा के राज्य मंत्री दिनेश खटीक की बहन सुधा खटीक और निर्दलीय व पिछले 15 वर्षो में पति पत्नि तीन बार चेयरमैन पद पर रहने वाले अरुण कुमार की पत्नी डॉ. सुनीता वर्मा के बीच कांटे का मुकाबला दिखा।
अभी तक मतदान के रुझान में भाजपा की सुधा खटीक और निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. सुनीता वर्मा के बीच मुकाबला सिमटता दिखा। सामान्य बाहुल्य बूथों पर करीब 70 प्रतिशत मतदान भाजपा के पक्ष में होता दिखाई दिया। वहीं अनुसूचित जाति क्षेत्र के बूथों पर निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. सुनीता वर्मा का दबदबा कायम रहा। यहां पर जीत का दारोमदार बंगाली समाज पर है जिनके करीब पांच वोट है।
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मतदान के दिन बंगाली समाज किस पक्ष में मतदान कर रहा है इस बात का अंदाजा लोग नहीं लगा पा रहे हैं। मतदाता पूरी तरह चुप्पी साधे हुए मतदान कर रहे हैं जिससे चुनाव विशेषज्ञों को आंकड़े जुटाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवार दोनों ही प्रत्याशी बंगाली समाज को अपनी ओर आने का दावा कर रहे हैं यह बात भी स्पष्ट है बंगाली समाज एकजुट होकर जिसकी ओर चला गया उसकी जीत निश्चित है। हालांकि खुलकर अपने पक्ष में लाने के लिए कोई भी प्रत्याशी कामयाबी हासिल नहीं कर सका।
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गुरुवार को हुए मतदान के रुझान से बसपा प्रत्याशी को मुकाबले से बाहर माना जा रहा है। यहां से बसपा प्रत्याशी संतोष देवी को उम्मीदवार घोषित किया गया था। बसपा का बेस वोट जाटव भी अधिकतर निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. सुनीता वर्मा के पक्ष में जाता दिखाई दे रहा है।
हालांकि कहीं कहीं जाटव वोट में भाजपा प्रत्याशी सेंध लगाने में कामयाब रहीं। तो कहीं कहीं निर्दलीय उम्मीदवार भी सामान्य श्रेणी की वोटों में सेंधमारी कर रहे हैं। ऐसे में दोहरा मुकाबला यानी आमने-सामने की टक्कर में चुनाव बदल गया है। जिसका अंदाजा अभी कस्बे के लोग नहीं लगा पा रहे हैं। स्थिति चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होगी।