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अयोध्या फैसले के बाद अब गंगा-यमुना की स्वच्छता लक्ष्य : पूर्व न्यायाधीश
Sat, 03 Jun 2023 02:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 03 Jun 2023 02:05 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
अयोध्या विवाद पर फैसला देने वाले हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल ने कहा कि अब मेरे लिए गंगा-यमुना की स्वच्छता से बड़ा कोई काम नहीं है। वर्तमान में एनजीटी में बतौर न्यायिक सदस्य सुधीर अग्रवाल ने बताया कि गंगा-यमुना की सफाई के तहत सीवरेज व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सरकारों पर करीब 80 हजार करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है।
पूर्व न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल ने बताया अब मैं पर्यावरण से संबंधित काम कर रहा हूं। एनजीटी में बैठकर गंगा की स्वच्छता से बड़ी कोई सेवा नहीं है। इसके लिए गंगोत्री से लेकर बंगाल तक मॉनीटरिंंग कर रहे हैं। बताया कि उन्होंने एक लाख 40 हजार मुकदमे तय किए हैं। जो सब जगह के हैं।
इन चर्चित मामलों में दिया फैसला
1. सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारने के लिए आवश्यक है कि सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों, नेताओं, जजों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़े। जगह-जगह लोग इसे अभी तक आगे बढ़ा रहे हैं। फैसले में कहा था कि कलेक्टर और चपरासी का बच्चा एक साथ पढ़ेगा तो समानता होगी तो स्कूल का स्तर और शिक्षा का भी स्तर सुधरेगा।
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2. सरकारी अस्पतालों की स्थिति सुधारनी है, तो सरकारी अधिकारी का ट्रीटमेंट सिर्फ सरकारी अस्पताल में हो। रिम्बर्समेंट न मिले चाहे अधिकारी हो या जज हो। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है।
3. नेताओ के लिए फैसला था कि जो भ्रष्टाचार करते हैं, उनकी प्रॉपर्टी जब्त हो।
4. नेताओं को मिलने वाली सिक्याोरिटी पर भी फैसला था। जिसमें कहा था जो अपराध में लिप्त मंत्री या नेताओं को सिक्योरिटी नहीं मिलनी चाहिए।
5. स्वामी स्वरूपानंद और वासुदेवानंद के बीच भद्रकाश्रम पीठ के शंकराचार्य पद का झगड़ा था। दोनों को अयोग्य ठहराकर दोबारा से प्रक्रिया की आवश्यकता बताई। इसमें तय किया था कि देश में चार ही पीठ हैं । एक पीठ पर एक ही शंकचारार्य होगा।
0- इसलिए 14 जुलाई को जारी होगी बायोग्राफी
बायोग्राफी के निदेशक राजीव निशाना ने बताया कि पूर्व न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल की पत्नी नूतन का जन्म 14 जुलाई को हुआ था। अयोध्या फैसले के वक्त उनकी पत्नी ने उन्हें ढ़ाढस बंधाया था। फैसले के बाद धमकियां मिलीं थीं। जिसके बाद पत्नी का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वीडियो बायोग्राफी में सुधीर अग्रवाल गीत गाते दिखेंगे। म्युजिक शकर-डे ने दिया है।
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मेरठ।
अयोध्या विवाद पर फैसला देने वाले हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल ने कहा कि अब मेरे लिए गंगा-यमुना की स्वच्छता से बड़ा कोई काम नहीं है। वर्तमान में एनजीटी में बतौर न्यायिक सदस्य सुधीर अग्रवाल ने बताया कि गंगा-यमुना की सफाई के तहत सीवरेज व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सरकारों पर करीब 80 हजार करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है।
पूर्व न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल ने बताया अब मैं पर्यावरण से संबंधित काम कर रहा हूं। एनजीटी में बैठकर गंगा की स्वच्छता से बड़ी कोई सेवा नहीं है। इसके लिए गंगोत्री से लेकर बंगाल तक मॉनीटरिंंग कर रहे हैं। बताया कि उन्होंने एक लाख 40 हजार मुकदमे तय किए हैं। जो सब जगह के हैं।
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इन चर्चित मामलों में दिया फैसला
1. सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारने के लिए आवश्यक है कि सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों, नेताओं, जजों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़े। जगह-जगह लोग इसे अभी तक आगे बढ़ा रहे हैं। फैसले में कहा था कि कलेक्टर और चपरासी का बच्चा एक साथ पढ़ेगा तो समानता होगी तो स्कूल का स्तर और शिक्षा का भी स्तर सुधरेगा।
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2. सरकारी अस्पतालों की स्थिति सुधारनी है, तो सरकारी अधिकारी का ट्रीटमेंट सिर्फ सरकारी अस्पताल में हो। रिम्बर्समेंट न मिले चाहे अधिकारी हो या जज हो। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है।
3. नेताओ के लिए फैसला था कि जो भ्रष्टाचार करते हैं, उनकी प्रॉपर्टी जब्त हो।
4. नेताओं को मिलने वाली सिक्याोरिटी पर भी फैसला था। जिसमें कहा था जो अपराध में लिप्त मंत्री या नेताओं को सिक्योरिटी नहीं मिलनी चाहिए।
5. स्वामी स्वरूपानंद और वासुदेवानंद के बीच भद्रकाश्रम पीठ के शंकराचार्य पद का झगड़ा था। दोनों को अयोग्य ठहराकर दोबारा से प्रक्रिया की आवश्यकता बताई। इसमें तय किया था कि देश में चार ही पीठ हैं । एक पीठ पर एक ही शंकचारार्य होगा।
0- इसलिए 14 जुलाई को जारी होगी बायोग्राफी
बायोग्राफी के निदेशक राजीव निशाना ने बताया कि पूर्व न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल की पत्नी नूतन का जन्म 14 जुलाई को हुआ था। अयोध्या फैसले के वक्त उनकी पत्नी ने उन्हें ढ़ाढस बंधाया था। फैसले के बाद धमकियां मिलीं थीं। जिसके बाद पत्नी का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वीडियो बायोग्राफी में सुधीर अग्रवाल गीत गाते दिखेंगे। म्युजिक शकर-डे ने दिया है।