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गड्ढा मुक्त सड़क के दावे, सो रहा विभाग, लोग गवां रहे जान
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लावड़- लावड़ रोड पर दौराला में गड्ढों में डाले गए पत्थर। स्रोत : संवाद
बीते एक साल में 8 से 10 लोगों की गई जान, 30 से 35 हुए घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
लावड़। सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क के दावे हवा हवाई होते नजर आ रहे हैं। शहर से लेकर देहात तक की सड़कों को गड्ढा मुक्त होने का वादा किया गया था। दौराला-मसूरी मार्ग पर पिछले दो साल में कई परिवारों के घर के चिराग बुझ गए, जबकि हादसे में कई लोग घायल हो गए। इनके उपचार में परिवार की जमापूंजी लग गई। हादसों में वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
साल 2020 में दौराला-मसूरी मार्ग का पीडब्ल्यूडी ने निर्माण कराया था। दावा किया गया था कि ओवरलोड वाहन गुजरने के बाद भी यह मार्ग जल्दी से नहीं टूटेगा। लेकिन विभाग का दावा कुछ साल में ही गलत साबित होता दिखाई दिया। टोल से बचकर इस मार्ग से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के कारण मार्ग क्षतिग्रस्त होने लगा है। आलम यह है कि दौराला से मसूरी मार्ग तक 13 किमी के सफर में इस मार्ग पर लगभग 300 से 400 गहरे गड्ढे हैं। गड्ढों के चलते पिछले वर्ष पत्रकार मुकेश शर्मा की मौत हो गई थी। इसके बाद विभाग की नींद टूटी और गड्ढों को भरवा दिया गया था, लेकिन कुछ माह बाद ही मार्ग पर फिर से गहरे गड्ढे हो गए। एक के बाद एक मार्ग पर हादसे होते गए, लेकिन विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी और परिवार के चिराग बुझते रहे। मंगलवार को भी मितापुर निवासी बबलू की भी गड्ढे से बचने के फेर में ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा कर मौत हो गई थी।
दौराला से मसूरी तक पत्थरों से भरे जा रहे गड्ढे
बुधवार को दौराला से मसूरी मार्ग तक गड्ढों में पत्थर डालने का कार्य शुरू किया गया। कस्बा निवासी संजय गुप्ता, प्रवेश सैनी, गौरव जैनपुर, दिनेश दौराला का कहना है कि इस मार्ग पर पत्थर डालकर गड्ढे भरने से काम नहीं चलेगा। अब यह मार्ग दोबारा से बनना चाहिए। पांच साल से अधिक बीत चुके हैं और मार्ग की हालत खस्ताहाल है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। गड्ढे भरे तो जा रहे हैं, लेकिन ओवरलोड वाहन गुजरने व बारिश होने से यहां पर फिर से गड्ढे बन जाएंगे, जो हादसों का सबब बनेंगे।
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सालभर में इन लोगों की हुई मौत
दौराला-मसूरी मार्ग पर मवीमीरा गांव निवासी हरिया की ईट भट्ठे के सामने, सिवाया निवासी समीना की अझौता मोड के पास गड्ढे के चलते बाइक से गिरने के कारण, भैंसा निवासी मयंक की जैनपुर गांव के सामने, लावड़ निवासी पत्रकार मुकेश की सब्जी मंडी, महलका निवासी वृद्ध की गड्ढे के चलते टेंपो पलटने, कंकरखेड़ा के चौक मोहल्ला निवासी ऋतिक, चीनी मिल गेट के सामने गड्ढे में पहिया पड़ने से युवक, सरधना रोड पर ओवरब्रिज पर चिरौड़ी निवासी छात्रा आदि की मौत हो चुकी है। जबकि, कई लोग गड्ढों में पहिया पड़ने से गिरकर घायल हो चुके हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लावड़। सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क के दावे हवा हवाई होते नजर आ रहे हैं। शहर से लेकर देहात तक की सड़कों को गड्ढा मुक्त होने का वादा किया गया था। दौराला-मसूरी मार्ग पर पिछले दो साल में कई परिवारों के घर के चिराग बुझ गए, जबकि हादसे में कई लोग घायल हो गए। इनके उपचार में परिवार की जमापूंजी लग गई। हादसों में वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
साल 2020 में दौराला-मसूरी मार्ग का पीडब्ल्यूडी ने निर्माण कराया था। दावा किया गया था कि ओवरलोड वाहन गुजरने के बाद भी यह मार्ग जल्दी से नहीं टूटेगा। लेकिन विभाग का दावा कुछ साल में ही गलत साबित होता दिखाई दिया। टोल से बचकर इस मार्ग से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के कारण मार्ग क्षतिग्रस्त होने लगा है। आलम यह है कि दौराला से मसूरी मार्ग तक 13 किमी के सफर में इस मार्ग पर लगभग 300 से 400 गहरे गड्ढे हैं। गड्ढों के चलते पिछले वर्ष पत्रकार मुकेश शर्मा की मौत हो गई थी। इसके बाद विभाग की नींद टूटी और गड्ढों को भरवा दिया गया था, लेकिन कुछ माह बाद ही मार्ग पर फिर से गहरे गड्ढे हो गए। एक के बाद एक मार्ग पर हादसे होते गए, लेकिन विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी और परिवार के चिराग बुझते रहे। मंगलवार को भी मितापुर निवासी बबलू की भी गड्ढे से बचने के फेर में ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा कर मौत हो गई थी।
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दौराला से मसूरी तक पत्थरों से भरे जा रहे गड्ढे
बुधवार को दौराला से मसूरी मार्ग तक गड्ढों में पत्थर डालने का कार्य शुरू किया गया। कस्बा निवासी संजय गुप्ता, प्रवेश सैनी, गौरव जैनपुर, दिनेश दौराला का कहना है कि इस मार्ग पर पत्थर डालकर गड्ढे भरने से काम नहीं चलेगा। अब यह मार्ग दोबारा से बनना चाहिए। पांच साल से अधिक बीत चुके हैं और मार्ग की हालत खस्ताहाल है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। गड्ढे भरे तो जा रहे हैं, लेकिन ओवरलोड वाहन गुजरने व बारिश होने से यहां पर फिर से गड्ढे बन जाएंगे, जो हादसों का सबब बनेंगे।
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सालभर में इन लोगों की हुई मौत
दौराला-मसूरी मार्ग पर मवीमीरा गांव निवासी हरिया की ईट भट्ठे के सामने, सिवाया निवासी समीना की अझौता मोड के पास गड्ढे के चलते बाइक से गिरने के कारण, भैंसा निवासी मयंक की जैनपुर गांव के सामने, लावड़ निवासी पत्रकार मुकेश की सब्जी मंडी, महलका निवासी वृद्ध की गड्ढे के चलते टेंपो पलटने, कंकरखेड़ा के चौक मोहल्ला निवासी ऋतिक, चीनी मिल गेट के सामने गड्ढे में पहिया पड़ने से युवक, सरधना रोड पर ओवरब्रिज पर चिरौड़ी निवासी छात्रा आदि की मौत हो चुकी है। जबकि, कई लोग गड्ढों में पहिया पड़ने से गिरकर घायल हो चुके हैं।

लावड़- लावड़ रोड पर दौराला में गड्ढों में डाले गए पत्थर। स्रोत : संवाद