फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   chndrabhedi pranayam in most useful

शरीर में ठंडक का संचारण करता है चंद्रभेदी प्राणायाम

Tue, 04 May 2021 02:55 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 04 May 2021 02:55 AM IST
विज्ञापन
chndrabhedi pranayam in most useful
शरीर में ठंडक का संचारण करता है चंद्रभेदी प्राणायाम
विज्ञापन

मेरठ। गर्मियों में शरीर में शीतलता रहे, इसके लिए किए जाने प्राणायामों में चंद्रभेदी प्राणायाम प्रमुख है। योग प्रशिक्षण बबलू ठाकुर का कहना है कि इस प्राणायाम को नियमित करने से शरीर में ठंडक का संचारण होता है और रोगों से छुटकारा मिलता है।
चंद्रभेदी प्राणायाम को बायीं नासिका से जिसे चंद्र नाड़ी के नाम से जाना जाता है, उससे किया जाता है। नासिका की शुद्धि होती है व क्रियाशील हो जाती है। जिससे शीतलता की प्राप्ति होती है, जिस कारण प्राणायाम का नाम चंद्रभेदी प्राणायाम कहा जाता है ।
विज्ञापन

विधि : इस आसन को करने के लिए आसन पर पद्मासन या सुखासन की स्थिति में बैठ जाएं। रीढ़ की हड्डी, कमर और गर्दन को सीधा रखें। आंखें कोमलता से बंद चेहरे पर प्रसन्नता के भाव रखें। अपने बाएं हाथ को बाएं घुटने पर ज्ञान मुद्रा में रखें साथ ही दाएं हाथ प्राणायाम मुद्रा में लाते हुए अंगूठे से दाएं नाक को बंद कर लें। इसके बाद बाएं नाक से गहरा और लंबा श्वांस भरे, जिससे कि इसका प्रभाव पैर के नख से लेकर सिर की चोटी तक महसूस हो और फिर अनामिका अंगुली से बाएं नाक को बंद कर लें, यथाशक्ति आंतरिक कुंभक करें। इस अवस्था में तीनों बंद मूलबंध, उड्डियान बंध व जालंधर बंध भी लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जब श्वांस न रोक सके तो उसके बाद दाहिने नथूने से धीरे-धीरे करके श्वांस को छोड़े। कुंभक के समय को धीरे-धीरे बढ़ाए। इसी प्रकार कई आवर्तियां करें यानि कि बायीं नासिका से श्वांस को भरें यथाशक्ति आंतरिक कुंभक लगाएं, दायीं नासिका से श्वांस को बाहर निकाल दें। श्वांस को बड़ी सहजता व सरलता से भरना है व कुछ क्षण आंतरिक कुंभक में रुककर बड़ी सरलता व सहजता से ही बाहर निकाल देना है। यह प्राणायाम भी किसी समय किया जा सकता है, जब आपको गर्मी का अहसास हो तब ही कर लें, लेकिन वातावरण स्वच्छ हो इसका ध्यान अवश्य रखें।

लाभ : इस प्राणायाम को करने से तनाव और शरीर में होने वाली थकान को दूर किया जा सकता है। यह प्राणायाम हृदय से संबंधित बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। पेट की गर्मी को कम करता है और शरीर में स्फूर्ति लाता है। यदि मुंह में छाले हो गए है, तो इस प्राणायाम द्वारा उसे भी दूर किया जा सकता है। इस प्राणायाम को रोज करने से चर्म रोग से छुटकारा पाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed