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ठंड ने ठिठुराया: सर्दी में बढ़ने लगी दिल की धड़कन, सुबह के समय बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा, रहें सचेत

Tue, 02 Jan 2024 10:10 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 02 Jan 2024 10:10 AM IST
सार

सर्दियों के मौसम में ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, जो दिल के रोगियों की परेशानी बढ़ा सकता है। सर्दियों में हार्ट अटैक के मुकाबले हार्ट फेल का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में सचेत रहने की आवश्यकता है।
 

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Chilled by cold: Heart beat increases in winter, risk of heart attack increases in the morning
यूपी में सर्दी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सर्दी में मरीजों के दिल की धड़कन सामान्य गति से तेज चल रही हैं। प्राइवेट अस्पतालों में हृदय संंबंधी रोगियों की भरमार है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश हार्ट अटैक सुबह के समय आ रहे हैं। इनमें से अधिकांश को हाई ब्लड प्रेशर और सीने में दबाव की शिकायत है। चिकित्सक बुजुर्गों और अन्य को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

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सर्दियों का मौसम स्वास्थ्य के लिहाज से हेल्दी माना जाता है, लेकिन दिल के रोगियों के लिए यह मौसम ठीक नहीं है। एमबीबीएस फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग, जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि गर्मियों में और सामान्य मौसम में दिल के रोगियों को कोई खास परेशानी नहीं होती, लेकिन सर्दियों में उन्हें ज्यादा तकलीफ होती है। सर्दी में जहां ऑक्सीजन की कमी रहती है, जिससे रक्त वहनियां संकरी हो जाती हैं, इससे दिल के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है।
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Chilled by cold: Heart beat increases in winter, risk of heart attack increases in the morning
हाई ब्लड प्रेशर - फोटो : unsplash

सर्दियों के मौसम में ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, जो दिल के रोगियों के लिए परेशानी का सबसे बड़ा कारण है। जिन लोगों का कॉलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है, उनके लिए यह मौसम खासा खतरनाक होता है। दिल के मरीजों में घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दबाव या जकड़न बढ़ जाती है।

फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि सर्दियों में हार्ट अटैक के मुकाबले हार्ट फेल का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में सांस फूलने की शिकायत को इस मौसम में बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

क्यों बढ़ता है बीपी
-सर्दियों में तापमान कम होने से रक्त वहनियां संकरी हो जाती हैं। संकरी शिराओं और धमनियों में रक्त के संचारण के लिए अधिक बल की आवश्यकता होती है। इससे रक्तदाब बढ़ जाता है।
-सर्दियों में शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है। इससे भी रक्त का दाब बढ़ जाता है। रक्तदाब बढ़ने से स्ट्रोक, हार्ट अटैक और कार्डिक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।
-सर्दियों में शरीर के तापमान और ऊष्मा के स्तर को बनाए रखने के लिए रक्त के प्रवाह को रोकता है। इससे रक्त के संचरण के लिए अधिक बल लगाना पड़ता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
-शरीर में अल्फा रिसेप्टर होते हैं, जो सर्दियों में अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।

सर्दियों में ब्लड प्रेशर पर ऐसे करें काबू
-मीठा, नमकीन और खट्टा कम खाएं।
-सर्दियों में घर में दुबके न रहें, बल्कि धूप सेकें।
-हाई ब्लड प्रेशर से पीडि़त होने पर अधिक ठंड में सुबह के समय दवा लेकर ही बाहर निकलें।
-आउटडोर गतिविधियां कम से कम करें।
-एक मोटा कपड़ा पहनने की बजाय कपड़ों की कई तह पहनें, इससे ऊष्मा कपड़ों की परतों के बीच में देर तक एकत्र रहती है।
-सिर को अच्छी तरह से ऊनी कपड़ों से ढक कर रखें।
-संतुलित, पोषक और ताजा भोजन खाएं।
-अल्कोहल और कैफीन के सेवन से बचें, क्योंकि ये शरीर से ऊष्मा को तेजी से बाहर निकालते हैं।

पैरालाइसिस का भी बढ़ता है खतरा
डाॅ. पंकज गर्ग बताते हैं कि सर्दी अधिक होने पर हार्ट या फिर बीपी की बीमारी होने का खतरा अधिक रहता है। हार्ट अटैक, बीपी बढ़ने या फिर पेरालाइसिस होने की संभावना ज्यादा रहती है। जिसका प्रमुख कारण यह होता है कि व्यायाम करना बंद कर दिया जाता है। साथ ही, चिकनाई अधिक खाई जाती है। तला भूने खाद्य पदार्थ अधिक खाए जाते हैं। बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि घर के अंदर ही व्यायाम करें, हल्का खाना लें, गुन गुनगुना पानी पीएं, अचार कम से कम खाएं। बुजुर्ग घर से बाहर निकलने से बचें।

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