...तो इसलिए खास रहेगा सीएम योगी का मेरठ दौरा, इन अहम बिंदुओं पर करेंगे समीक्षा
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देश को आजाद कराने के लिए मेरठ से हुए क्रांतिघोष की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ में होंगे। दस मई को क्रांति दिवस है और मुख्यमंत्री का मेरठ आगमन नौ मई को फिक्स हो गया है। पुलिस-प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
दरअसल पहले यह संभावना जतायी जा रही थी कि मुख्यमंत्री 7 मई को मेरठ या आगरा किसी एक जिले में जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने खुद ही यह रहस्य बनाए रखा था कि वे पहले कहां जाएंगे। लेकिन शुक्रवार को यह स्थिति साफ हो गई कि सात मई को वे आगरा जाएंगे और नौ मई को मेरठ पहुंचेंगे। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मेरठ में अपने दौरे के दौरान कार्यालयों का निरीक्षण करेंगे और सभी विभागों की बिंदुवार समीक्षा बैठक भी लेंगे। वे किसी गांव का औचक निरीक्षण भी कर सकते हैं। लेकिन वे किस गांव में जाएंगे, यह फिक्स न होने से अफसर ज्यादा परेशान हैं। ऐसे में सभी गांवों में तैयारी करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। वहीं, मुख्यमंत्री किस रूट से सर्किट हाउस पहुंचेंगे, इसको लेकर शुक्रवार को भी मंथन चलता रहा।
सांसद ने दिया था निमंत्रण
सांसद राजेंद्र अग्रवाल और स्थानीय भाजपा नेताओं ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री से लखनऊ जाकर मुलाकात की थी। बताया था कि क्रांति का पहला संग्राम दस मई को मेरठ से ही शुरू हुआ था और मेरठ इसे क्रांति दिवस के रूप में मनाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस दिन आने के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि मुख्यमंत्री दस मई को न सही। लेकिन क्रांति दिवस की पूर्व संध्या पर मेरठ आ रहे हैं।
मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सूचना अधिकारिक तौर पर प्राप्त हो गई है। वह नौ मई को मेरठ आ रहे हैं। इसके लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी विभागों को तैयार रहने को कहा है। बिंदुवार रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।
इन बिंदुओं पर योगी करेंगे समीक्षा
कानून व्यवस्था।
बड़ी आपराधिक घटनाओं में वरिष्ठ अधिकारियों का तत्वरित भ्रमण।
डीएम और एसएसपी के बीच बेहतर समन्वय।
तहसील दिवस की समीक्षा।
थाना एवं तहसील दिवसों में संबधित अधिकारियों की उपस्थिति।
जनसमस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही प्रभावी निस्तारण।
आपदा राहत राशि का समय से भुगतान।
ऊर्जा विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन।
विद्युत लाइनों से लगने वाली आग की घटनाओं में राहत निर्धारित समय से मिलना।
ग्रामों में विद्युतीकरण की गति बढ़ाना और आपूर्ति बेहतर करना।
गेहूं क्रय केंद्रों की स्थिति और किसानों की समस्या का समाधान।
आलू का उचित मूल्य किसानों को दिलाना।
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की स्थिति।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति।
इंद्र धनुष योजना का क्रियान्वयन।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा और शिक्षकों की उपस्थिति की स्थिति।
गर्मी में पेयजल की उपलब्धता।
जल संचय के कार्य।
सामान्य साफ सफाई।
शौचालय निर्माण एवं खुले में शौच समाप्त करने की व्यवस्था।
नमामि गंगे योजना के कार्यों की प्रगति।
बरसात से पहले जलभराव से निपटने की तैयारी आदि।