मेरठ मेडिकल में कोरोना से हो रहीं मौतों पर मुख्यमंत्री नाराज, बैठक में अधिकारियों को लगाई फटकार
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कोरोना के मरीजों में वृद्धि और मेडिकल कॉलेज में बढ़ते मौत के आंकड़े पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। मंगलवार को ऑनलाइन बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लापरवाही पर अफसर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण से मौतों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। मेरठ के अलावा बुलंदशहर, हापुड़, बिजनौर, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बागपत समेत आसपास के जिलों के कुल 271 कोविड मरीजों की मेडिकल कॉलेज में मौत हो चुकी हैं।
मेरठ जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या मंगलवार तक 196 थी। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त से पूछा कि कोरोना रोकने के लिए प्रशासन ने क्या-क्या काम किए। मेडिकल कॉलेज की क्या व्यवस्था ? इस पर अधिकारी चुप्पी साध गए। मुख्यमंत्री ने डीएम, सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी फटकार लगाई।
मुख्यमंत्री ने हिदायत देते हुए कहा है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य खुद व्यवस्था देखें। मरीजों का हरहाल में बेहतर इलाज किया जाए। दूसरी बीमारियों से ग्रसित जो भी मरीज मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में हैं, उनके इलाज में भी लापरवाही नहीं मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और सीएमएस को कड़े निर्देश दिए हैं। कहा कि हर हाल में कोरोना संक्रमण के जो भी मरीज आइसोलेट हैं, उनका बेहतर इलाज किया जाए। मरीजों के साथ दुर्व्यवहार न हो। मौत की संख्या में कमी लाई जाए। कोरोना संक्रमण फैलने पर नियंत्रण किया जाए। बैठक में मंडलायुक्त अनीता मेश्राम, डीएम के. बालाजी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र, सीएमओ डॉ. राजकुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी व अन्य जिलों के अधिकारी भी शामिल रहे।
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