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छठ पर्व 2022: आज डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी व्रती, गगोल तीर्थ में मेले का दिखने लगा स्वरूप

Sun, 30 Oct 2022 01:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 30 Oct 2022 01:55 PM IST
सार

परतापुर स्थित गगोल तीर्थ पर छठ मेले की तैयारी शुरू हो गई है। रविवार शाम और सोमवार सुबह छठ पूजा के मुख्य आयोजन होंगे।

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Chhath festival 2022: Today the fasting will offer arghya to the setting sun, the form of the fair is visible
छठ पूजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छठ महोत्सव के दूसरे दिन महिलाओं ने खरना पूजन किया गया। मिट्टी का चूल्हा और आम की लकड़ी जलाकर फल और सब्जी का प्रयोग कर प्रसाद तैयार किया गया। चावल, दूध और गुड़ से खीर तैयार की गई। व्रती महिलाओं के बाद परिवार के अन्य सदस्यों से प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही अस्तांचल सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी शुरू हो गई।

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खरना पर शास्त्रीनगर, यूनिवर्सिटी कैंपस, गंगानगर और रोहटा रोड पर भव्य आयोजन हुए। शहर में 12 क्लोज डोर कॉलोनियों में कार्यक्रम हुए। मोदीपुरम, कंकरखेड़ा बाईपास, सुपरटेक सहित जागृति विहार और शास्त्रीनगर की विभिन्न जगह खरना पूजा की गई। छठ पूजा समिति पल्लवपुरम के द्वारा भी खरना का पर्व मनाया गया। यूनिवर्सिटी कैंपस में में प्रतिमा चौबे, सुनीता पांडेय, सरोज पांडेय, नीतू ने सामूहिक पूजन किया। 
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परतापुर स्थित गगोल तीर्थ पर छठ मेले की तैयारी शुरू हो गई है। रविवार शाम और सोमवार सुबह छठ पूजा के मुख्य आयोजन होंगे। इस बीच पुलिस भी मेले में सुरक्षा आदि का जायजा ले रही है। नगर निगम की ओर से गगोल तीर्थ पर सफाई आदि कार्य कराए जा रहे हैं। 
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सत्य का अनुसरण करने वालों पर होती है कृपा
सूर्य देव की उपासना से अक्षय फल प्राप्त होता है। माता सीता जी को सूर्य देव की उपासना से फल प्राप्त हुआ। महाभारत में भी सत्य का अनुसरण करने वाले सूर्य देव के कृपा पात्र बने। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि सृष्टि की आत्मा सूर्य हैं। सूर्य देव को प्रात: काल में अर्घ्य देने से तेज की वृद्धि होती है और शरीर रोग मुक्त हो जाता है।

खाद्य पदार्थों की हुई खरीदारी
सदर, कोटला, नई सड़क सहित विभिन्न स्थानों पर पूजा सामग्री की दुकानों से सूप, छाज आदि की खरीदारी की गई। बाजार से सीताफल, अनानास, गन्ना, सेब सहित मूली और अन्य सब्जियों की खरीदारी की गई।

डीजे पर गूंजेंगे छठ मैया के गीत
शहर में गगोल तीर्थ के साथ राम ताल वाटिका, मोदीपुरम, जेलचुंगी, शास्त्रीनगर सहित विभिन्न जगहों पर छठ पूजा की तैयारी पूर्ण हो गई है। विभिन्न स्थानों पर टेंट लगाए गए। कुंडों की सफाई कराई गई। कुछ जगहों पर कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं।

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