EXCLUSIVE: दिवाली पर रहना सावधान, नहीं तो ये खतरनाक रिफाइंड कर देगा सेहत खराब
दिवाली के लिए जहां बाजार गुलजार है तो वहीं इस तरह से भी खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे हैं जो सेहत की दृष्टि से किसी भी सूरत में सही नहीं है। खुले में गैस चूल्हे पर पाम ऑयल, वनस्पति घी आदि को केमिकल और रंग डालकर उबाला जा रहा और नामी गिरामी कंपनियों के मिलते जुलते नामों से माल पैक कर विभिन्न शहरों में सप्लाई किया जा रहा है।
त्योहार पर इस समय विभिन्न तरीकों से खाद्य पदार्थ तैयार हो रहे हैं। दरअसल दिवाली का बाजार ही इतना बड़ा है और खपत भी कम नहीं है। सारा माल बाजार में इस समय खप रहा है। यही कारण है कि खाद्य उत्पाद बनाने वाले कुछ लोगों ने इस समय पूरी ताकत लगा दी है ताकि बाजार में इस समय ज्यादा से ज्यादा बिक्री कर मोटा मुनाफा कमा सकें।
एक बड़े ब्रांड के टिन भी लगाए
इस फैक्ट्री में एक अन्य बड़े ब्रांड के खाली और भरे रिफाइंड के टिन भी अमर उजाला के कैमरे में कैद हुए। बताया जा रहा है कि इस ब्रांड का माल भी यहां तैयार किया जा रहा है। इसकी आपूर्ति मेरठ के अलावा अन्य जिलों में भी की जा रही है।
गुणवत्ता का नहीं कोई मानक
इस तरह से तैयार किए गए रिफाइंड की गुणवत्ता कैसी है, इसका कोई मानक नहीं है। स्वास्थ्य पर इसका क्या असर होगा, न ही एफएसडीआई की टीम का ध्यान इधर है। वहां कैसा माल बनाया जा रहा है, इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है, इस पर किसी का ध्यान नहीं है। हर बार त्योहार के सीजन में यहां यह धंधा जोरशोर से शुरू होता है।
केमिकल, कलर डाल रहे
इस त्योहारी सीजन में छोटे-छोटे मकानों में फैक्ट्रियां शुरू हो गई हैं। थाना भावनपुर से किला परीक्षितगढ़ रोड पर ऐसा ही हो रहा है। अमर उजाला ने एक ऐसी ही फैक्ट्री का जायजा लिया तो पाया कि यहां एक मकान में गंदगी में रिफाइंड तैयार किया जा रहा था। कई चूल्हों पर गैस सिलेंडर लगाकर रिफाइंड तैयार हो रहा है। इसे तैयार करने के लिए पाम ऑयल, वनस्पति घी, एक अन्य सफेद रंग का पदार्थ, केमिकल और हल्का सा कलर डाला जा रहा है।
छोटे डिब्बों में पैकिंग
एक नामी ब्रांड से मिलते जुलते नाम के डिब्बों में यह माल पैक किया जा रहा है। मकान में ही भीतर छोटी सी रेपर चिपकाने वाली तथा पैकिंग मशीन लगाई गई है। जमीन पर डिब्बे तथा सामग्री बिखरी पड़ी है। यहीं पर डिब्बों पर रैपर चिपका दिए जाते हैं और डिब्बे सील कर दिए जाते हैं। सारा काम जमीन पर ही गंदगी में हो रहा है।
हर समय बना रहता है खतरा
जिस तरह से यहां सिलेंडरों से चूल्हों पर काम होता है उससे हर समय हादसे का भी खतरा बना रहता है। सुरक्षा का कोई इंतजाम यहां नहीं है। इस पूरे काम में घरेलू सिलेंडरों का प्रयोग हो रहा है। हर समय कई कर्मचारी यहां काम करते हैं और अमूमन बाहर से गेट बंद ही रहता है। ऐसे में यदि आग लगने जैसी कोई घटना हो जाए तो यहां बचाव का कोई साधन नहीं है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/