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आयुष्मान भारत : परवान नहीं चढ़ रहा गोल्डन कार्ड अभियान
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आयुष्मान भारत : परवान नहीं चढ़ रहा गोल्डन कार्ड अभियान
मेरठ। स्वास्थ्य विभाग का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पा रहा है। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग केदौरान मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने कम गोल्डन कार्ड बनाए जाने पर नाराजगी जताई। साथ ही हिदायत दी कि ज्यादा से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाए जाएं।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग तीन माह तक गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चला रहा है, लेकिन यह अभियान पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पा रहा है, क्योंकि जन सुविधा केंद्र वाले आर्थिक जनगणना में लगे हुए हैं। ऐसे में गांव-गांव और मोहल्ला-मोहल्ला जाकर गोल्डन कार्ड शिविर लगाने का अभियान उस गति से नहीं चल रहा है, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि एनआईसी भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रमुख सचिव ने गोल्डन कार्ड की संख्या बढ़ाने को कहा है। वह इस संबंध में जल्द ही जन सुविधा केंद्रों केसाथ बैठक करेंगे और इस अभियान में गति लाने की कोशिश करेंगे।
गौरतलब है कि आयुष्मान योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। इसमें फिलहाल 64 अस्पताल पंजीकृत हैं, जिनमें छह सरकारी और 58 निजी अस्पताल हैं।
अभी बनने हैं 9 लाख से ज्यादा के गोल्डन कार्ड
आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू हुए 15 माह से ज्यादा का समय हो गया है। इसके बावजूद अभी भी नौ लाख से ज्यादा लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बन सके हैं, जबकि इलाज के दौरान गोल्डन कार्ड का होना जरूरी है। अगर गोल्डन कार्ड नहीं है तो इलाज नहीं मिलता है। कई बार तो इलाज के दौरान ही लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाना पड़ता है।
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मेरठ। स्वास्थ्य विभाग का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पा रहा है। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग केदौरान मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने कम गोल्डन कार्ड बनाए जाने पर नाराजगी जताई। साथ ही हिदायत दी कि ज्यादा से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाए जाएं।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग तीन माह तक गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चला रहा है, लेकिन यह अभियान पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पा रहा है, क्योंकि जन सुविधा केंद्र वाले आर्थिक जनगणना में लगे हुए हैं। ऐसे में गांव-गांव और मोहल्ला-मोहल्ला जाकर गोल्डन कार्ड शिविर लगाने का अभियान उस गति से नहीं चल रहा है, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि एनआईसी भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रमुख सचिव ने गोल्डन कार्ड की संख्या बढ़ाने को कहा है। वह इस संबंध में जल्द ही जन सुविधा केंद्रों केसाथ बैठक करेंगे और इस अभियान में गति लाने की कोशिश करेंगे।
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गौरतलब है कि आयुष्मान योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। इसमें फिलहाल 64 अस्पताल पंजीकृत हैं, जिनमें छह सरकारी और 58 निजी अस्पताल हैं।
अभी बनने हैं 9 लाख से ज्यादा के गोल्डन कार्ड
आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू हुए 15 माह से ज्यादा का समय हो गया है। इसके बावजूद अभी भी नौ लाख से ज्यादा लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बन सके हैं, जबकि इलाज के दौरान गोल्डन कार्ड का होना जरूरी है। अगर गोल्डन कार्ड नहीं है तो इलाज नहीं मिलता है। कई बार तो इलाज के दौरान ही लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाना पड़ता है।
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