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किसान दिवस: पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह में ग्रामीणों का दिल जीतने की थी खासियत

Wed, 23 Dec 2020 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 23 Dec 2020 12:44 AM IST
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Chaudhary Charan Singh laid the foundation of degree college in Rasna
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह में ग्रामीणों के बीच जाकर दिल जीतने की खासियत थी। वह जाति और धर्म के धुर विरोधी होने के साथ समाज को एकसूत्र में बांधने में विश्वास रखते थे। उन्होंने मेरठ के रोहटा थानाक्षेत्र के गांव रासना में डिग्री कॉलेज की नींव रखने के लिए मौके पर जाकर ग्रामीणों से उनके दिल की बात जानी थी। पूर्व प्रधानमंत्री 1956 और 1975 में गांव रासना इंटर कॉलेज की रजत जयंती और डिग्री कॉलेज के शिलान्यास समारोह में भी आए।

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गांव रासना निवासी न्यादर सिंह ने वर्ष 1936 में जीवन प्रभात नाम से एक स्कूल की स्थापना की थी। उस समय दूरदराज तक शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्ष पद पर चौधरी चरण सिंह को रखा गया, क्योंकि न्यादर सिंह और चौधरी साहब के पारिवारिक घनिष्ठ संबंध थे। 1948 में श्री शालिग्राम शर्मा स्मारक परिन्यास परिषद ट्रस्ट की स्थापना करते हुए इंटर कॉलेज संचालित किया गया।
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चौधरी चरण सिंह का जन्म भले ही गाजियाबाद के नूरपुर गांव में हुआ हो, लेकिन उनका बचपन जानी ब्लॉक के गांव भूपगढ़ी में बीता। ट्रस्ट के मंत्री प्रदीप त्यागी ने बताया कि चौधरी चरण सिंह का गांव रासना में आना-जाना लगा रहता था।

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उन्होंने राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने का काम किया। पूर्व प्रधानमंत्री ने राजनीति के लिए मेरठ के क्षेत्र बागपत को चुना। वहीं, रासना व आसपास के गांवों में जनता ने उन्हें खूब प्यार व सम्मान दिया।

त्यागी ने बताया कि जब मेरठ से बड़ौत तक कोई डिग्री कॉलेज नहीं था, उस समय क्षेत्र में शिक्षा का स्तर उठाने के लिए डिग्री कॉलेज के शिलान्यास करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा, तुरंत बताओ, कब करना है।

1936 में एक छोटे से विद्यालय की प्रबंध समिति से शुरू हुआ सफर 1948 में इंटर कॉलेज और 1975 में डिग्री कॉलेज के शिलान्यास तक पहुंचा। चौधरी चरण सिंह ने न्यादर सिंह के पुत्र ओमप्रकाश त्यागी को बीकेडी से विधान परिषद का सदस्य बनाया था।

ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह गांव वालों से रूबरू होकर खुले मन से बात करते थे। त्यागी ने बताया कि रासना गांव में 17 स्वतंत्रता सेनानी थे, जिसके लिए चौधरी साहब इस धरती की सराहना करते थे।

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