चैत्र नवरात्र 2023: मेरठ के भद्रकाली मंदिर में पूरी होती है हर मनोकामना, व्रत में सेहत के हिसाब से करें खानपान
मेरठ के सदर सिद्धपीठ भद्रकाली मंदिर का विशेष महत्व है। मां यहां पंचमुंड आसन पर विराजमान हैं। मां को वही स्पर्श करता है जिसने गुरु मंत्र धारण किया है। नवरात्र में मंदिर में पूजा करने पर हर मनोकामना पूरी होती है।
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मेरठ के सदर सिद्धपीठ दक्षिणेश्वरी भद्रकाली मंदिर का 400 साल का इतिहास है। मंदिर में दर्शन के लिए शहर भर से लोग नवरात्र पर पहुंचते हैं। मां पांच मुंड आसन पर विराजमान हैं। भक्त यहां मां काली के रौद्र रूप के दर्शन करते हैं। मां का स्वरूप मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है। भक्त यहां नारियल की भेंट चढ़ाते हैं। मूर्ति का साक्षात स्वरूप काली मां का रूप माना जाता है।
मंदिर की स्थापना चार सौ साल पहले नीलकंठ बनर्जी द्वारा की गई। गुरु मंत्र प्राप्त कर मां काली की मूर्ति की स्थापना की और देवी की पूजा अर्चना करने लगे। मां यहां पंचमुंड आसन पर विराजमान हैं। मां को वही स्पर्श करता है जिसने गुरु मंत्र धारण किया है। मां की नवरात्र के अतिरिक्त दीपावली पर भी विशेष पूजा की जाती है। मां की उपासना पूरी रात की जाती है। हर अमावस्या पर मां की विशेष पूजा की जाएगी। नवरात्र के बाद मंदिर में विशाल भंडारा किया जाता है।
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व्रत के दौरान खिचड़ी, दलिया, पतली खीर, फलाहार और फलों का रस का करें सेवन
नवरात्र में खानपान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अपनी सेहत के हिसाब से खानपान करें। शुगर, हृदय और किडनी आदि के रोगी व्रत रखने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें। व्रत रखने से जहां शरीर के पाचन तंत्र को आराम मिलता है। वहीं लंबे व्रत और खानपान में लापरवाही आपकी सेहत भी बिगाड़ सकती है।
खासकर डायबिटीज और हृदय रोगी कुट्टू खाने में एहतियात बरतें। दिल के मरीजों को व्रत में सेंधा नमक और चीनी की मात्रा कम रखनी चाहिए। जिन लोगों में खून की कमी हो, फेफड़े और लीवर के मरीज भी व्रत के दौरान विशेष सावधानी बरतें। चिकित्सक से राय लेकर ही उपवास शुरू करें।
-फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि नवरात्र में तली भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए। फलाहार का ही ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। पतली खिचड़ी, दलिया, पतली खीर, फलों का रस का सेवन कर सकते हैं।
-फिजिशियन डॉ. विश्वजीत बैंबी ने बताया कि व्रत के दौरान हल्का आहार ही सेहत के लिए सही रहेगा। मरीज़ अगर व्रत रखे तो डॉक्टर द्वारा बताए आहार योजना (डाइट प्लान) के हिसाब से खाए पीएं।
-मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिव कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच कराई जाएगी कि कोई काफी समय से रखा हुआ पुराना कुट्टू का आटा तो नहीं बेच रहा है। अगर ऐसा मिलता है तो इसके सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।