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स्मार्ट सिटी के लिए महापौर ने पार्षदों से मांगे सुझाव

Fri, 24 Jan 2020 01:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jan 2020 01:54 AM IST
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chairman take advice from carporator for smart city
मेरठ---स्मार्ट सिटी को लेकर टाउन हाल मे आयोजित बैठक मे बोलते नगर आयुक्त डा. अरविंद कुमार चौरसिया मह
मेरठ। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए डीपीआर का काम तेजी पकड़ने लगा है। बृहस्पतिवार को नगर निगम प्रशासन ने प्रोजेक्ट की रूपरेखा पार्षदों के सम्मुख रख उनके सुझाव मांगे। हालांकि पार्षदों ने पहले शहर की सफाई व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा। 14 फरवरी तक डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा जाना प्रस्तावित है।
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टाउन हॉल स्थित तिलक सभागार में महापौर सुनीता वर्मा की मौजूदगी में नगर आयुक्त अरविंद चौरसिया ने स्मार्ट सिटी के लिए योजना में शामिल किए जाने वाले महत्वपूर्ण बिंदुओं से चर्चा शुरू की। उन्होंने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़कों के विस्तार को प्रोजेक्ट में विशेष जगह दी गई है। उन्होंने बताया कि बेगमपुल से हापुड़ अड्डा, कमिश्नरी से एल-ब्लॉक और शॉप्रिक्स मॉल से बिजली बंबा बाईपास को स्मार्ट रोड बनाया जाएगा। यहां ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। तेजगढ़ी बेगमपुल और दिल्ली रोड पर फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। यातायात व्यवस्था प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा रहेगी। उन्होंने पार्षदों से भी इस पर सुझाव मांगे। उन्होंने शहर के 10 प्रमुख चौराहों का सुंदरीकरण और टाउन हॉल को मल्टी लेवल पार्किंग के रूप में विकसित की बात भी कही।
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ट्रामा सेंटर और स्टेडियम प्रोजेक्ट से जुड़े
नगर आयुक्त ने बताया कि डीपीआर में ट्रामा सेंटर को शामिल किया गया है। लखनऊ की तर्ज पर यहां भी ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा। इसके अलावा कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में हाईमास्ट लाइट लगाने और राष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिलाने के लिए 400 मीटर का एस्ट्रोटर्फ तैयार किया जाएगा।
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नगर निगम के अधिवक्ता होंगे प्रशांत भूषण
नगर आयुक्त ने बताया कि जिमखाना और लेडीज पार्क प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी के लिए नगर निगम प्रशासन ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण से संपर्क साधा था। इस मामले पर उनसे बात भी हो गई है। प्रशांत भूषण ने नगर निगम की पैरवी करने की बात कही है। पार्षदों ने प्रशांत भूषण के नाम पर अपनी मोहर लगा दी।
समान व्यवस्था पर हुआ हंगामा
बैठक में पार्षद सभी वार्डों में समान सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति किए जाने की मांग कर रहे थे। तभी भाजपा के ललित नागदेव और अब्दुल गफ्फार के बीच नोकझोंक हो गई। दोनों पक्षों के पार्षद, नगर आयुक्त व मेयर के मंच तक पहुंच गए। उन्हें बमुश्किल शांत कराया गया।
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रात्रिकालीन सफाई का मुद्दा उठाया
वार्ड 32 के पार्षद ललित नागदेव ने कहा कि मुरादाबाद, लखनऊ, बनारस के अलावा मेरठ कैंट में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था लागू है। शहर को बेहतर बनाने के लिए रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में 400 सफाई कर्मचारियों का प्रस्ताव पास हो चुका है। वर्तमान में 200 सफाई कर्मी ही काम पर हैं। बचे हुए 200 कर्मचारी रात में लगाए जा सकते हैं। उन्होंने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना मेरठ में कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि फूड हाट राजस्व का बड़ा आधार बन सकता है। नगर निगम इस पर गंभीरता दिखाए। बोर्ड बैठक का मुद्दा भी भाजपा पार्षद ने उठाया। इस पर नगरायुक्त ने शुक्रवार दोपहर बोर्ड बैठक बुलाने का फरमान सुना दिया।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी को घेरा
स्मार्ट सिटी के लिए बुलाई गई बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. गजेंद्र कुमार नहीं पहुंचे। इसका पार्षदों ने विरोध किया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को बुलाए जाने पर पार्षदों ने उन्हें घेर लिया। पार्षदों ने कहा कि शहर में गंदगी पसरी है। नाले कूड़े से पटे हैं। अगर नगर स्वास्थ्य अधिकारी गंभीरता दिखाएं तो शहर अपने आप स्मार्ट बन जाएगा।
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