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सेंट्रल मार्केट: आरटीआई कार्यकर्ता ने किया ऐसा काम, आवास विकास अफसरों की गर्दन फंसी, व्यापारियों की टेंशन बढ़ी
Sun, 27 Jul 2025 01:06 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:06 PM IST
सार
Meerut News: शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के 661/6 के 22 व्यापारियों की आफत कम नहीं हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ध्वस्तीकरण न करने पर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने अवमानना याचिका दायर कर दी है।
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शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण को लेकर आवास एवं विकास परिषद की हीलाहवाली पर सुप्रीम कोर्ट में आरटीआाई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने अवमानना याचिका दाखिल कर दी है। याचिका दाखिल होने से आवास एवं विकास परिषद में हड़कंप मच गया है। अब अपनी गर्दन बचाने को अधिकारी 661/6 के 22 व्यापारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। इसी के साथ ध्वस्तीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया नए सिरे से शुरू कर दी गई है। एक अगस्त को टेंडर खोला जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन ने 17 दिसंबर 2024 को अवैध कॉम्पलेक्स 661/1 के मामले में सुनवाई करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। इसी आदेश के खिलाफ राजीव गुप्ता एवं अन्य की ओर से उप्र आवास एवं विकास परिषद एवं अन्य बनाम याचिका दाखिल की थी। इस पर 22 जुलाई को न्यायाधीश की खंडपीठ ने पुनर्याचिका को हस्ताक्षरित आदेश के साथ खारिज कर दिया।
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व्यापारियों की सुप्रीम कोर्ट में 18 जुलाई को पांचवीं पुनरीक्षण याचिका भी खारिज हो गई थी। इसी के साथ अब विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू कर दी है। विभाग ने फिर से एक करोड़ 66 लाख रुपये से ध्वस्तीकरण को टेंडर जारी किया है, जो एक अगस्त को खोला जाएगा।
इससे पहले तीन बार टेंडर जारी किए जिसमें एक ही कंपनी की ओर से टेंडर डाला गया। शासन की समिति ने तीसरी बार भी एक ही कंपनी के टेंडर डाले जाने पर इसे रद कर दिया था।
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि आवास एवं विकास परिषद की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना की जा रही है। आदेश के सात महीने बाद भी ध्वस्तीकरण नहीं किया गया। केवल कागजों में नोटिस भेजकर काम निपटाया जा रहा है।
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि आवास एवं विकास परिषद की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना की जा रही है। आदेश के सात महीने बाद भी ध्वस्तीकरण नहीं किया गया। केवल कागजों में नोटिस भेजकर काम निपटाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अवमानना याचिका दायर कर दी गई है। एक सप्ताह में इस पर सुनवाई संभव है। दरअसल, आवास एवं विकास परिषद की शास्त्रीनगर स्कीम संख्या 7 के तहत ही सेंट्रल मार्केट आता है। इसमें सेक्टर-2 व सेक्टर-6 का मुख्य मार्ग मुख्य रूप से सेंट्रल मार्केट माना जाता है। आवास विकास की रिपोर्टर के मुताबिक इस स्कीम में 6379 स्वीकृत आवासीय संपत्तियां हैं। इनमें से 860 संपत्ति ऐसी हैं, जिनमें व्यावसायिक प्रयोग हो रहा है। सेंट्रल मार्केट में सराफा, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, मर्चेंट स्टोर आदि हैं।
उधर दूसरी ओर आवास विकास के अधिकारी अपनी गर्दन बचाने में जुटे हैं और 661/6 के 22 दुकानदारों के दुकानें खाली न करने पर इनके खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी में है।
उधर दूसरी ओर आवास विकास के अधिकारी अपनी गर्दन बचाने में जुटे हैं और 661/6 के 22 दुकानदारों के दुकानें खाली न करने पर इनके खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी में है।