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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Central Market Case: Property worth Rs 10 crores, reduced to Rs 2 crores as soon as the decision came

सेंट्रल मार्केट प्रकरण: 10 करोड़ की संपत्ति, फैसला आते ही दो करोड़ की रह गई... 15000 लोगों के रोजगार पर संकट

Wed, 18 Dec 2024 03:01 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Wed, 18 Dec 2024 03:01 AM IST
सार

सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों के साथ ही काफी संख्या में कर्मचारी भी काम करते हैं। कुछ दुकानों पर जहां सामान्य तौर पर पांच से छह कर्मचारी हैं तो गारमेंट्स की बड़ी दुकानों पर इनकी संख्या 40 से 50 तक है।

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Central Market Case: Property worth Rs 10 crores, reduced to Rs 2 crores as soon as the decision came
शास्त्रीनगर सेंटल मार्केट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल है। मामला न्यायालय से जुड़ा होने के कारण व्यापारी और अधिकारी सीधे टिप्पणी करने से बचते नजर आए, लेकिन दबे सुर में इसे व्यापारियों के खिलाफ घातक बताया। लोगों का कहना है कि डेढ़ हजार के करीब दुकानें हैं, ऐसे में सीधे तौर पर 15000 लोग प्रभावित होंगे। इसी के साथ जो संपत्ति सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने से पहले 10 करोड़ रुपये की थी, उसकी कीमत महज दो करोड़ रह गई है।
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व्यापारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया जाएगा। व्यापारियों के मुताबिक सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों के साथ ही काफी संख्या में कर्मचारी भी काम करते हैं। कुछ दुकानों पर जहां सामान्य तौर पर पांच से छह कर्मचारी हैं तो गारमेंट्स की बड़ी दुकानों पर इनकी संख्या 40 से 50 तक है। इसके अलावा छोटी-छोटी दुकानों से भी कई व्यापारी और परिवार जुड़े हैं। पॉश कॉलोनी में शुमार शास्त्रीनगर में बनी सेंट्रल मार्केट में जरूरत का हर सामान मिलता है। दीपावली पर तो शहर की सबसे सुंदर सजावट के साथ मेले का आयोजन होता है। खान-पान व जनरल स्टोर की तमाम दुकानों से होम डिलीवरी की भी व्यवस्था है।
 
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सेंट्रल मार्केट में सरकारी दर भले ही जो हो लेकिन यहां संपत्तियों के दाम आसमान पर हैं। आबूलेन भी शहर के बड़े बाजार में शामिल है, लेकिन यहां संपत्ति पर कैंटोनमेंट बोर्ड का अधिकार है। ऐसे में यहां संपत्ति और दुकानें खरीदने, बेचने में भी बहुत परेशानी होती है। दूसरी ओर शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट, आवास विकास की कॉलोनी है। यहां संपत्तियों के दाम बहुत ऊंचे हैं। व्यापारियों का कहना है कि सेंट्रल मार्केट में जो दुकानें व संपत्ति दस करोड़ रुपये की थी, वह महज दो करोड़ की अब आंकी जा रही है।
 
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व्यापारी बोले- शोषण नहीं करेंगे बर्दाश्त

कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के लिए सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की गर्दन पर तलवार लटका दी है। किसी भी व्यापारी का अहित नहीं होने देगा संगठन। - अजय गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है। व्यापार संघ शासन और प्रशासन से बात कर कोई बीच का रास्ता निकालने का प्रयास करेगा। यह प्रयास रहेगा कि व्यापारी का नुकसान न हो। - नवीन गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ

सेंट्रल मार्केट की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और सरकार को व्यापारियों के हित में निर्णय लेना चाहिए। 
- जितेंद्र अग्रवाल अट्टू, व्यापारी नेता, सेंट्रल मार्केट

सरकार, जिला प्रशासन, संबंधित विभाग भी व्यापारियों के हित में निर्णय ले। 30 साल पुराने प्रतिष्ठानों को तोड़ना अनुचित होगा। - राकेश बंसल, व्यापारी, सेंट्रल मार्केट

व्यापारियों के हित में कार्य करता आया हूं। विभागीय अधिकारियों से संपर्क पर समस्या का समाधान निकालेंगे। - किशोर वाधवा, व्यापारी, सेंट्रल मार्केट

सेंट्रल मार्केट के सभी व्यापारी एकजुट हैं। किसी भी व्यापारी की रोजी रोटी नहीं छिनने दी जाएगी। पूरा शहर का व्यापारी एकजुट होकर विरोध करेगा। - प्रेम कुमार, व्यापारी, सेंट्रल मार्केट

जनप्रतिनिधियों को सेंट्रल मार्केट की वर्तमान स्थिति को देखते हुए व्यापारियों के साथ आकर समस्या का समाधान कराने का प्रयास करना चाहिए। - अंजनेय सिंह, व्यापारी, सेंट्रल मार्केट

सालों से बार बार सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को टारगेट कर शोषण किया जा रहा है। व्यापारी एकजुट हैं। किसी का भी अहित नहीं होने देंगे। - महिपाल सिंह, व्यापारी, सेंट्रल मार्केट
 
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