सेंट्रल मार्केट प्रकरण: कॉम्पलेक्स की 21 दुकानें ही नहीं, पूरा मार्केट ध्वस्तीकरण की जद में, घर-घर में शोरूम
सेंट्रल मार्केट के अवैध कॉम्पलेक्स के ध्वस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया के लिए दो माह का समय दिया गया है। वहीं सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों में खलबली मची हुई है।
विस्तार
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट का 661/6 अवैध कॉम्लेक्स को ध्वस्त करने के लिए आवास एवं विकास परिषद ने टेंडर जारी कर दिए हैं। विभाग की ओर से सेंट्रल मार्केट की अन्य संपत्तियों के अवैध निर्माण ध्वस्त करने के लिए भी 1.66 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है।
ध्वस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया के लिए दो माह का समय दिया गया है। इसमें 14 मई तक टेंडर डाले जा सकते हैं जो अगले दिन खोले जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेश और विभाग के टेंडर जारी करने के बाद व्यापारियों में बेचैनी और बढ़ गई है।
आवास एवं विकास परिषद की शास्त्रीनगर स्कीम संख्या 7 के तहत ही सेंट्रल मार्केट आता है। इसमें सेक्टर-2 व सेक्टर-6 का मुख्य मार्ग मुख्य रूप से सेंट्रल मार्केट माना जाता है। आवास विकास ने दिसंबर-2024 में सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट रखी जिसमें कहा कि आवास विकास की इस स्कीम में 6379 स्वीकृत आवासीय संपत्तियां हैं।
इनमें से 860 संपत्ति ऐसी हैं, जिनमें व्यावसायिक प्रयोग हो रहा है। सेंट्रल मार्केट में सराफा, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, मर्चेंट स्टोर आदि हैं। कई लोगों ने क्षेत्र में निचले तल पर शोरूम बना लिए हैं और ऊपरी तल पर रिहाइश है। अफसरों से सांठगांठ करके बड़े पैमाने पर गली-गली में भी दुकानें, शोरूम बन रहे हैं।
1473 आवासीय संपत्ति में बना दिए व्यावसायिक प्रतिष्ठान
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन शर्मा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने राजेंद्र कुमार बड़जात्या की याचिका पर सुनवाई करते हुए दुकानदारों को राहत नहीं दी है। 17 दिसंबर 2024 को 661/6 के ध्वस्तीकरण के आदेश न्यायाधीश जेबी पारदीवाला व आर. माधवन की खंडपीठ ने किए थे।
दुकानदारों के दुकानें खाली न करने पर ऐतराज जताया और याची को अदालत की अवमानना का भी दोषी माना है। मामले से जुड़ी सभी लंबित याचिकाएं भी निस्तारित करने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि केवल अवैध कॉम्पलेक्स ही नहीं पूरा सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण की जद में आ रहा है। विभाग के मुताबिक 1473 आवासीय संपत्ति में व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाए गए हैं। ऐसे में इन सभी पर ध्वस्तीकरण के बादल मंडराने लगे हैं।
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कोठियों में चल रहे जिम, पार्लर, शोरूम, बैंक
शास्त्रीनगर में तेजगढ़ी से हापुड़ चुंगी मार्ग में कोठियों में जिम, पार्लर, शोरूम, आदि चल रहे हैं। ए-ब्लॉक से एल-ब्लॉक तक कुल 6106 आवासीय संपत्तियां हैं। इनमें 613 में ऐसी हैं जिनमें शोरूम, कंपनियों के आउटलेट्स, सराफा, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, मर्चेंट स्टोर, बेकरी आदि खुल गए हैं। इसी क्षेत्र में 255 स्वीकृत व्यावसायिक संपत्तियां भी हैं।
शास्त्रीनगर में सेक्टर-1 से 13 तक 6379 आवासीय संपत्ति हैं। इनमें 5409 मकान ही ऐसे हैं, जिनमें अभी आवास ही हैं। ऐसी 860 संपत्ति में व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं जबकि 230 संपत्तियां ही ऐसी हैं जो व्यावसायिक हैं। सेक्टर-2 व छह में घरों में सबसे ज्यादा दुकानें हैं। सबसे कम सेक्टर-12 में महज दो और सेक्टर-1 में 16 ही आवासीय भवन में व्यावसायिक प्रयोग हो रहे हैं।
ये है सर्वे रिपोर्ट
सेक्टर कुल आवासीय आवासीय आवासीय में व्यावसायिक संपत्ति
| - | (दस्तावेज में) | (मौजूदा स्थिति) | (व्यावसायिक काम) | (स्वीकृत नक्शे) |
| 1 | 251 | 235 | 16 | 0 |
| 2 | 1325 | 985 | 293 | 47 |
| 3 | 960 | 813 | 132 | 15 |
| 4 | 667 | 595 | 72 | 0 |
| 5 | 104 | 82 | 22 | 0 |
| 6 | 754 | 607 | 99 | 48 |
| 7 | 190 | 164 | 26 | 0 |
| 8 | 402 | 372 | 30 | 0 |
| 9 | 327 | 277 | 50 | 7 |
| 10 | 284 | 262 | 22 | 0 |
| 11 | 564 | 503 | 61 | 0 |
| 12 | 286 | 284 | 2 | 30 |
| 13 | 265 | 230 | 35 | 83 |
| कुल- | 6379 | 5409 | 860 | 230 |