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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के गांव में जश्न, ग्रामीणों ने कही ये बड़ी बात

Mon, 05 Aug 2019 09:19 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Mon, 05 Aug 2019 09:19 PM IST
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Celebration in the village of Governor Satyapal Malik after section 370 ended in Jammu and Kashmir
जश्न मनाते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

केंद्र सरकार की ओर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के पैतृक गांव हिसावदा में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह पूरे गांव और देश के लिए गौरव की बात है। मलिक के रहते हुए अनुच्छेद में बदलाव से इतिहास बन गया है। 

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सोमवार को हिसावदा में ग्राम प्रधान के आवास पर ग्रामीणों ने खुशी मनाई। प्रधान के पति उत्तर कुमार ने कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा होने से सैनिकों के सामने समस्याएं थीं। सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किया है। पिछले करीब एक साल से हिसावदा के रहने वाले सत्यपाल मलिक वहां के राज्यपाल हैं। पूरे गांव के लिए यह गौरव की बात है कि उनकी मौजूदगी में सरकार ने यह कदम उठाया है। केंद्र सरकार के इस कदम से पूरे देश को लाभ होगा। देश का माहौल खराब करने वालों को भी अब जेल भेजा जा सकेगा। वीर बहादुर सिंह, जगपाल सिंह, धर्मवीर सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे

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मेरठ से की थी राजनीति की शुरुआत
बागपत में हिसावदा गांव के रहने वाले सत्यपाल मलिक को पहले बिहार का राज्यपाल बनाया गया था। लेकिन एक साल पहले ही उन्हें जम्मू कश्मीर की जिम्मेदारी दे दी गई थी। मलिक ने राजनीति की शुरुआत मेरठ कॉलेज मेरठ की छात्र राजनीति से की थी। बागपत से विधायक और अलीगढ़ से सांसद रह चुके हैं। वह भाजपा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे थे। मलिक को 30 सितंबर 2017 को बिहार का राज्यपाल बनाया गया था। 

बता दें कि उन्होंने वर्ष 1968 में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और वह मेरठ कॉलेज के पहले अध्यक्ष चुने गए थे। बीकेडी के टिकट पर बागपत से वर्ष 1974 में चुनाव लड़े और विधानसभा पहुंचे। इमरजेंसी के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए। दो दिसंबर 1989 से 1991 तक  अलीगढ़ से सांसद रहे। वे दो बार राज्यसभा भेजे गए। भाजपा में वह विभिन्न पदों पर रहे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। सत्यपाल मलिक के पिता बुध सिंह किसान थे। बुध सिंह के निधन के बाद सत्यपाल मलिक का पालन पोषण उनकी माता जगबीरी देवी ने किया था।

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