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बीपीई की डिग्री में सैकड़ों छात्र फंसे
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 05 Dec 2015 02:02 AM IST
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बीपीई और एमपीई की डिग्री कर रहे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यूजीसी आदेश जारी कर चुकी है कि बीपीई, बीपीएड, एमपीई और एमपीएड की डिग्री को पुनर्गठित किया जाए। एक ही कोर्स की दो डिग्री नहीं चल सकती। सत्र 2015-16 में इसका पालन नहीं किया गया। प्राइवेट संस्थानों में सैकड़ों छात्रों के एडमिशन हो चुके हैं। यूजीसी ने कोर्स पर एक कमेटी बैठाई है, उसकी जांच चल रही है। हकीकत यह है कि उक्त कोर्स अभी वैध नहीं है।
सीसीएसयू से संबद्ध करीब आधा दर्जन कॉलेजों में बीपीई (बैचलर फिजिकल एजूकेशन) और एमपीई (मास्टर इन फिजिकल एजूकेशन) की पढ़ाई हो रही है। वहीं कॉलेजों में बीपीएड और एमपीएड भी होती है। दोनों कोर्स एक से हैं। यूजीसी का कहना है एक ही कोर्स की दो डिग्री संचालित नहीं होगी। भारत सरकार द्वारा इस बारे में गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है।
बीपीई को बीपीएड की डिग्री तथा एमपीई और एमपीएड की डिग्री को पुनर्गठित करने को कहा था। विवि ने इस आदेश का पालन किए बगैर सत्र 2015-16 में बीपीई और एमपीई में एडमिशन की मंजूरी दे दी। सैकड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। बीपीई की डिग्री एलएनआईपी ग्वालियर में चलाई जा रही थी।
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यूजीसी के आदेश पर वहां डिग्री पुनर्गठित हो चुकी है। विवि ने इससे सबक नहीं लिया। डीन एजूकेशन प्रो. प्रदीप मिश्रा का कहना यूजीसी ने हाल में इस मामले पर निर्णय करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। उसे फैसला करना है। लेकिन इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है कि यूजीसी के आदेश और भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन का क्यों पालन नहीं किया गया।
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सीसीएसयू से संबद्ध करीब आधा दर्जन कॉलेजों में बीपीई (बैचलर फिजिकल एजूकेशन) और एमपीई (मास्टर इन फिजिकल एजूकेशन) की पढ़ाई हो रही है। वहीं कॉलेजों में बीपीएड और एमपीएड भी होती है। दोनों कोर्स एक से हैं। यूजीसी का कहना है एक ही कोर्स की दो डिग्री संचालित नहीं होगी। भारत सरकार द्वारा इस बारे में गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है।
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बीपीई को बीपीएड की डिग्री तथा एमपीई और एमपीएड की डिग्री को पुनर्गठित करने को कहा था। विवि ने इस आदेश का पालन किए बगैर सत्र 2015-16 में बीपीई और एमपीई में एडमिशन की मंजूरी दे दी। सैकड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। बीपीई की डिग्री एलएनआईपी ग्वालियर में चलाई जा रही थी।
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यूजीसी के आदेश पर वहां डिग्री पुनर्गठित हो चुकी है। विवि ने इससे सबक नहीं लिया। डीन एजूकेशन प्रो. प्रदीप मिश्रा का कहना यूजीसी ने हाल में इस मामले पर निर्णय करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। उसे फैसला करना है। लेकिन इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है कि यूजीसी के आदेश और भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन का क्यों पालन नहीं किया गया।