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छात्रों को मिल सकेगी उत्तर पुस्तिका
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Thu, 12 May 2016 03:06 AM IST
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सीसीएसयू लोगो।
- फोटो : फाइल फोटो।
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी देने की व्यवस्था करने जा रहा है। केंद्रीय सूचना आयुक्त के आदेश पर दिल्ली विश्वविद्यालय में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। सीसीएसयू में आयुक्त के आदेश के पालन के लिए रजिस्ट्रार ने कुलसचिव को प्रस्ताव भेजा है। विवि इसे लागू करने के लिए तैयार है। जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है। इससे जहां मूल्यांकन की क्वालिटी में सुधार होगा।
अभी तक छात्र उत्तर पुस्तिका आरटीआई के जरिए देख सकते हैं। उन्हें फोटोकॉपी नहीं मिलती। विवि में सबसे ज्यादा आरटीआई उत्तर पुस्तिका देखने के लिए लगाई जाती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के मामले में केंद्रीय सूचना आयुक्त ने आदेश जारी किया था कि छात्रों को उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी दी जा सकती है। प्रति पेज दो रुपये चार्ज कर फोटोकॉपी दें। विवि में यह आदेश आ चुका है। रजिस्ट्रार दीप चंद्र ने आदेश के आधार पर प्रस्ताव बनाकर कुलपति को प्रस्ताव भेज दिया है।
विवि मूल्यांकन में पारदर्शिता लाना चाहता है। सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव पर सहमति हो चुकी है। जल्द ही इसे लागू करने की घोषणा हो सकती है। फोटोकॉपी देने के लिए विवि किसी कंपनी को टेंडर देगा। नए सत्र से विवि इसे लागू कर सकता है।
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मूल्यांकन पर खड़े होते रहे हैं सवाल
विवि में हर साल मूल्यांकन पर सवाल खड़े होते हैं। नंबर कम देने, टोटल गलत करने और फेल करने के आरोप छात्र लगाते हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में छात्रों की कमी पाई जाती है। लेकिन कुछ मामले सही भी निकलते हैं। पिछले साल हुई जांच में यह साबित हुआ था कि कुछ शिक्षकों ने गलत मूल्यांकन किया था। उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी मिलने पर छात्रों के दावे का पता चलेगा।
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अभी तक छात्र उत्तर पुस्तिका आरटीआई के जरिए देख सकते हैं। उन्हें फोटोकॉपी नहीं मिलती। विवि में सबसे ज्यादा आरटीआई उत्तर पुस्तिका देखने के लिए लगाई जाती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के मामले में केंद्रीय सूचना आयुक्त ने आदेश जारी किया था कि छात्रों को उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी दी जा सकती है। प्रति पेज दो रुपये चार्ज कर फोटोकॉपी दें। विवि में यह आदेश आ चुका है। रजिस्ट्रार दीप चंद्र ने आदेश के आधार पर प्रस्ताव बनाकर कुलपति को प्रस्ताव भेज दिया है।
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विवि मूल्यांकन में पारदर्शिता लाना चाहता है। सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव पर सहमति हो चुकी है। जल्द ही इसे लागू करने की घोषणा हो सकती है। फोटोकॉपी देने के लिए विवि किसी कंपनी को टेंडर देगा। नए सत्र से विवि इसे लागू कर सकता है।
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मूल्यांकन पर खड़े होते रहे हैं सवाल
विवि में हर साल मूल्यांकन पर सवाल खड़े होते हैं। नंबर कम देने, टोटल गलत करने और फेल करने के आरोप छात्र लगाते हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में छात्रों की कमी पाई जाती है। लेकिन कुछ मामले सही भी निकलते हैं। पिछले साल हुई जांच में यह साबित हुआ था कि कुछ शिक्षकों ने गलत मूल्यांकन किया था। उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी मिलने पर छात्रों के दावे का पता चलेगा।