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छोटूराम में अधिकारियों को बंधक बनाया
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Wed, 16 Mar 2016 02:27 AM IST
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सीसीएसयू में अधिकारियों का घेराव करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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सीसीएसयू के सर छोटूराम इंस्टीट्यूट के निदेशक और टीसीपीओ (ट्रेनिंग कम प्लेसमेंट ऑफिसर) को छात्रों ने करीब तीन घंटे तक ऑफिस में बंधक बनाए रखा। कैंपस प्लेसमेंट के लिए कंपनियां नहीं बुलाने पर छात्रों ने नाराजगी जाहिर की। जो कंपनियां बुलाई गई थीं, वह फर्जी निकलीं। प्रशासन पर सवाल खड़े किए कि उनकी ओर से प्रयास नहीं किए जा रहे। अप्रैल तक पांच जॉब फेयर कराने के आश्वासन पर ही छात्र माने।
समाजवादी छात्रसभा के जिला अध्यक्ष राजदीप विकल और आदेश प्रधान के नेतृत्व में छात्रों ने निदेशक डॉ. सोहनलाल गर्ग और सीटीपीओ एसएन मिश्रा को करीब तीन घंटे तक निदेशक के ऑफिस में बंधक बनाए रखा। छात्रों ने अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई। आरोप लगाया कि जो कंपनियां बुलाई जा रही हैं, उनमें से अधिकांश फर्जी हैं।
कोई चार हजार तो कोई आठ हजार देने की बात कर रही है। बदले में छात्रों से पैसे मांगे जा रहे हैं। प्रशासन के पुराने आश्वासन पर जवाब मांगा। अधिकारियों को बंधक बनाए जाने पर डीन साइंस प्रो. मृदुल गुप्ता मौके पर पहुंचे। छात्रों ने डीन से नाराजगी जाहिर की। छात्रों ने आरोप लगाया कि दूसरे छोटे और निजी संस्थान कैंपस प्लेसमेंट करा रहे हैं, जबकि अपने संस्थान में अच्छे छात्रों को मौका नहीं मिल रहा। प्रत्येक कोऑर्डिनेटर द्वारा दो कंपनियां बुलाने की बात तय हुई थी।
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लेकिन अमल नहीं हुआ। कॉल सेंटर की कंपनी बुलाकर संस्थान अपना पल्ला झाड़ रहा है। तय हुआ कि संस्थान अप्रैल तक पांच जॉब फेयर लगाएगा। इसमें कई कंपनियां बुलाई जाएंगी। 12 हजार रुपये से कम सैलरी वाली कंपनी नहीं बुलाई जाएगी। बंधक बनाने में पंकज प्रधान, अरुण खटीक, ललित, अंकित भड़ौली, राणा प्रताप सिंह, शुभम, फैजल मौजूद रहे।
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समाजवादी छात्रसभा के जिला अध्यक्ष राजदीप विकल और आदेश प्रधान के नेतृत्व में छात्रों ने निदेशक डॉ. सोहनलाल गर्ग और सीटीपीओ एसएन मिश्रा को करीब तीन घंटे तक निदेशक के ऑफिस में बंधक बनाए रखा। छात्रों ने अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई। आरोप लगाया कि जो कंपनियां बुलाई जा रही हैं, उनमें से अधिकांश फर्जी हैं।
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कोई चार हजार तो कोई आठ हजार देने की बात कर रही है। बदले में छात्रों से पैसे मांगे जा रहे हैं। प्रशासन के पुराने आश्वासन पर जवाब मांगा। अधिकारियों को बंधक बनाए जाने पर डीन साइंस प्रो. मृदुल गुप्ता मौके पर पहुंचे। छात्रों ने डीन से नाराजगी जाहिर की। छात्रों ने आरोप लगाया कि दूसरे छोटे और निजी संस्थान कैंपस प्लेसमेंट करा रहे हैं, जबकि अपने संस्थान में अच्छे छात्रों को मौका नहीं मिल रहा। प्रत्येक कोऑर्डिनेटर द्वारा दो कंपनियां बुलाने की बात तय हुई थी।
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लेकिन अमल नहीं हुआ। कॉल सेंटर की कंपनी बुलाकर संस्थान अपना पल्ला झाड़ रहा है। तय हुआ कि संस्थान अप्रैल तक पांच जॉब फेयर लगाएगा। इसमें कई कंपनियां बुलाई जाएंगी। 12 हजार रुपये से कम सैलरी वाली कंपनी नहीं बुलाई जाएगी। बंधक बनाने में पंकज प्रधान, अरुण खटीक, ललित, अंकित भड़ौली, राणा प्रताप सिंह, शुभम, फैजल मौजूद रहे।