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सीसीएसयू : आंतरिक परीक्षा में फेल तो नहीं दे सकेंगे पीजी एनईपी के पेपर
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) की ओर से सोमवार को पीजी स्तर पर लागू एनईपी में परीक्षा, बैक पेपर एवं कक्षा पदोन्नति के नियम जारी कर दिए गए हैं। इसके मुताबिक अब से पीजी में विद्यार्थियों को आंतरिक परीक्षा में पास होना अनिवार्य होगा। पास न होने पर वे बाह्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। वहीं, दो वर्षीय पीजी एनईपी को पूरा करने के लिए अधिकतम छह साल मिलेंगे। पहले सामान्य पीजी में छात्रों को अधिकतम चार वर्ष मिलते थे। पीजी का एक वर्ष पूरा करने के बाद छात्र स्नातक (शोध सहित) की उपाधि ले सकेगा। पीजी के किसी एक वर्ष को पूरा करने के लिए छात्रों को अधिकतम तीन वर्ष मिलेंगे।
बता दें कि पीजी एनईपी में विद्यार्थियों को आंतरिक एवं बाह्य परीक्षा दोनों में अलग-अलग पास होना अनिवार्य होगा और प्रत्येक में 36-36 फीसदी अंक अनिवार्य होंगे। मुख्य एवं माइनर के प्रत्येक कोर्स एवं पेपर सौ अंकों के होंगे और इसमें भी 36 फीसदी अंक जरूरी होंगे। बाह्य परीक्षा 70 और आंतरिक परीक्षा 30 अंक की होगी। इसमें 21 और नौ अंक लाने जरूरी होंगे। विवि के अनुसार आंतरिक परीक्षा में पास होने पर ही विद्यार्थी बाह्य परीक्षा दे सकेंगे।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
-छात्र विषम से सम सेमेस्टर में हमेशा प्रोन्नत होंगे, रिजल्ट चाहे जो हो
-पहले वर्ष से दूसरे वर्ष के लिए न्यूनतम 50 फीसदी क्रेडिट पास करने जरूरी
-किसी सेमेस्टर में आधे या सभी पेपर में अनुपस्थित या फेल होने पर प्रोन्नति नहीं
-फेल होने पर छात्र अनेक बार दे सकेंगे बैक पेपर
-उत्तीर्ण विषयों में अंक सुधार का मौका केवल एक बार ही मिलेगा
-आंतरिक परीक्षा में उत्तीर्ण पेपर या बैक पेपर की सुविधा नहीं मिलेगी
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बता दें कि पीजी एनईपी में विद्यार्थियों को आंतरिक एवं बाह्य परीक्षा दोनों में अलग-अलग पास होना अनिवार्य होगा और प्रत्येक में 36-36 फीसदी अंक अनिवार्य होंगे। मुख्य एवं माइनर के प्रत्येक कोर्स एवं पेपर सौ अंकों के होंगे और इसमें भी 36 फीसदी अंक जरूरी होंगे। बाह्य परीक्षा 70 और आंतरिक परीक्षा 30 अंक की होगी। इसमें 21 और नौ अंक लाने जरूरी होंगे। विवि के अनुसार आंतरिक परीक्षा में पास होने पर ही विद्यार्थी बाह्य परीक्षा दे सकेंगे।
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इन बातों का रखना होगा ध्यान
-छात्र विषम से सम सेमेस्टर में हमेशा प्रोन्नत होंगे, रिजल्ट चाहे जो हो
-पहले वर्ष से दूसरे वर्ष के लिए न्यूनतम 50 फीसदी क्रेडिट पास करने जरूरी
-किसी सेमेस्टर में आधे या सभी पेपर में अनुपस्थित या फेल होने पर प्रोन्नति नहीं
-फेल होने पर छात्र अनेक बार दे सकेंगे बैक पेपर
-उत्तीर्ण विषयों में अंक सुधार का मौका केवल एक बार ही मिलेगा
-आंतरिक परीक्षा में उत्तीर्ण पेपर या बैक पेपर की सुविधा नहीं मिलेगी