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सीसीएसयू : नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव करे सरकार

Mon, 18 May 2020 01:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2020 01:21 AM IST
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CCSU: Government should change the new National Education Policy
सीसीएसयू : नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव करे सरकार
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मेरठ। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। पिछले तीन महीने से कोरोना संक्रमण के रूप में नई चुनौती पूरे विश्व के सामने खड़ी है। दो माह से शिक्षण संस्थान बंद हैं। बोर्ड परीक्षा को छोड़कर सारी परीक्षाएं बाधित हैं। इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कुछ संस्थानों ने ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य किया है। इसके साथ ही भविष्य की दृष्टि से कुछ अवसर भी दिखाई दे रहे हैं। इस चुनौती को अवसर में बदलने के लिए नई शिक्षा नीति में बदलाव करना आवश्यक है। कम से कम तीन-चार स्तर पर आधारित परिवर्तन के बारे में सरकार को सोचना होगा। ये विचार रविवार को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ द्वारा भारतीय शिक्षा कोविड 19 के परिप्रेक्ष्य में उत्पन्न चुनौतियां एवं अवसर विषय पर आयोजित ई-कांफ्रेंस में रखे।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को लिखा है कि ऑनलाइन शिक्षा कितनी मात्रा में, स्वरूप क्या हो इसके लिए स्कूली एवं उच्च शिक्षा के लिए मार्गदर्शिका तय करनी होगी। स्वास्थ्य शिक्षा, योग शिक्षा को सभी स्तर पर लागू करने पर सरकार को विचार करना चाहिए। इसके अतिरिक्त स्वदेशी स्वावलंबन, अर्थव्यवस्था को पाठ्यक्रम से जोड़ना जरूरी है। कौशल शिक्षा के पाठ्यक्रमों में बदलाव की जरूरत है। छात्रों के विषयों के अनुसार कौशल शिक्षा दी जाए। सभी शैक्षिक संस्थानों में खासतौर से सरकारी संस्थानों में देशी वस्तुओं का उपयोग अनिवार्य किया जाए। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कोरोना संक्रमण के बाद परिस्थितियों, भविष्य की चुनौतियों एवं आवश्यकता को ध्यान में रखकर नीति के प्रारूप में परिवर्तन करके ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की जाए।
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तीन दिवसीय ई-कांफ्रेंस का प्रारंभ करते हुए व्यावसायिक शिक्षण संस्थान के प्रमुख प्रो. राजीव सिजरिया ने सभी का परिचय कराते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संयोजक समीर कौशिक ने कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार तनेजा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के माध्यम से होने वाले सामाजिक उत्तरदायित्व एवं कोरोना संक्रमण से निपटने में यहां के कर्मियों प्राध्यापकों एवं संबद्ध महाविद्यालयों द्वारा अपने वेतन से दिए गए सहयोग, श्रम सहयोग, समय दान आदि का उल्लेख करते हुए सराहना की।
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स्वागत भाषण डीन, इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी प्रो. हरे कृष्णा द्वारा दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने की। सर छोटूराम संस्थान की डायरेक्टर प्रो. जयमाला ने सभी का आभार जताया। कांफ्रेंस में आज मुख्य रूप से प्रश्न पूछने वालों में प्रो. एसएस गौरव, डॉ. योगेंद्र शर्मा, प्रो. रूपनारायण आदि रहे। यहां प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. शिवराज पुंडीर, प्रो. राकेश सोनी, प्रो. आलोक, डॉ. प्रशांत, डॉ. मनोज, डॉ. विवेक त्यागी शामिल रहे।
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