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CCSU : एमए के बंडलों में गड़बड़ी, एक रोल नंबर की दो कॉपियां मिलीं

Tue, 24 Dec 2019 01:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Dec 2019 01:51 AM IST
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CCSU :2 copies found of one roll number
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस में एमए के दो बंडलों में कॉपियों की गड़बड़ सामने आई है। एक रोल नंबर की दो-दो कॉपियां मिली हैं। विवि प्रशासन ने पूरे मामले में तीन सदस्यीय समिति का गठन करते हुए इस मामले में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। कुलपति ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे में मामलों रिपोर्ट दर्ज कराकर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मूल्यांकन में आंखें मूंदकर नंबर देने वाले परीक्षकों पर भी लगाम कसी जाएगी। इस मामले में भी समिति से जल्द से जल्द से रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि शिक्षकों पर कार्रवाई की जा सके।
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एमए उर्दू प्राइवेट प्रथम वर्ष के छात्र ने इंप्रूवमेंट देने के बाद उसकी मार्कशीट नहीं बनने की शिकायत की थी। उसने उर्दू में जी-162 विषय में कॉलेज कोड 317 पर परीक्षा दी थी। इस मामले में विश्वविद्यालय ने जांच की तो सामने आया कि कॉपियों के बंडल में इस रोल नंबर की दो कॉपियां मिलीं। दोनों में हैंडराइटिंग भी अलग-अलग थी। इस वजह से इन दोनों कॉपियों का मूल्यांकन नहीं किया जा सका। इसके अलावा एमए प्रथम वर्ष शिक्षा के संबंध में भी कॉलेज कोड 249 की जी-202 विषय के छात्र के मामले में भी ऐसा ही हुआ। इस छात्र की भी बंडल में दो कॉपियां एक ही रोल नंबर की प्राप्त हुई। दोनों कॉपियों की हैंड राइटिंग भी अलग-अलग है। इनमें एक कॉपी 2017 की और दूसरी 2018 की है। यह गड़बड़झाला कॉलेज में हुआ या विश्वविद्यालय में इसकी जांच को विवि प्रशासन एफआईआर भी करा सकता है। यह भी तब है जबकि विश्वविद्यालय पर एमबीबीएस की कॉपियों की अदला-बदली का दाग लग चुका है। उस पूरे मामले में एसआईटी की जांच चल रही है। विश्वविद्यालय ने परीक्षा समिति की बैठक में पूरे मामले में तीन सदस्यीय समिति का गठन करते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। इस कार्यकाल में जो कर्मचारी और अधिकारी आंसर बुक सेक्शन में तैनात रहे हैं, उनकी भूमिका की भी जांच होगी। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने स्पष्ट कर दिया कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कॉलेजों की भूमिका की भी इसमें जांच की जा रही है।
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लापरवाह परीक्षकों पर कार्रवाई में देरी क्यों
परीक्षा समिति की बैठक में एक मामला बिजनेस स्कूल नोएडा के छात्र-छात्राओं का सामने आया। इसमें बीएड द्वितीय वर्ष के कोर्ड संख्या 703 में प्रयोगात्मक परीक्षा हुई थी लेकिन जो नंबर परीक्षकों ने रखे वह इंटरनेट की मार्कशीट में गलत दर्शाए गए थे। इस पेपर कोर्ड में अधिकतम अंक 160 हैं और न्यूनतम अंक 76 है। परीक्षकों द्वारा इन छात्रों को न्यूनतम से भी कम अंक दे दिए गए। यानी कि साफ हो गया कि ये परीक्षक आंखें मूंदकर नंबर रख रहे थे। इससे पहले भी कई परीक्षकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दोबारा चेकिंग में लगातार छात्र-छात्राओं द्वारा जमा की जाने वाली राशि लौटाई जा रही है। कुलपति ने स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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