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सीसीएसयू का बीएससी मैथ का पेपर आउट

Fri, 13 May 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 13 May 2016 02:06 AM IST
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ccs universtiy paper leak
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 सीसीएसयू का बृहस्पतिवार को बीएससी मैथ का पेपर आउट हो गया। मवाना में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से पेपर बांटा गया। विवि ने जांच के लिए दो सदस्य कमेटी गठित की है।
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शाम की पाली में तीन से पांच बजे बीएससी मैथ थर्ड ईयर का कोड संख्या 328 का पेपर था। यह पेपर फोटो कॉपी करके मवाना में पुलिस चौकी के पास स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से बांटा गया।
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छात्रों ने इसकी सूचना एसडीएम अरविंद कुमार को दी। उन्होंने मौके पर पुलिस भेजी, लेकिन इंस्टीट्यूट बंद मिला। परीक्षा शुरू होने से दो-तीन घंटे पहले पेपर बाजार में उपलब्ध बताया जा रहा है। इसके बदले छात्रों से पैसे वसूले गए हैं। दोपहर की पाली में बीएससी मैथ सेकेंड ईयर कोड 228 का पेपर था। इसके भी आउट होने की चर्चा रही। हाथ से लिखे सवाल छात्रों में बांटने की सूचना विवि को मिली।
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विवि के पास पेपर शुरू होने से ऐन पहले सूचना मिली इसलिए जांच के बाद पेपर रुकवाया नहीं गया। शाम को कुलपति ने बैठक की। परीक्षा नियंत्रक वीके सिन्हा के मुताबिक विवि को ई-मेल के माध्यम से दोपहर 3.18 बजे कुछ सवाल मिले। कुलपति के निर्देश पर मामले की जांच के लिए प्रो. एपी गर्ग और डीएवी कॉलेज बुलंदशहर के रिटायर प्रिंसिपल डॉ. डीएन सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा है। कमेटी स्थल निरीक्षण कर तीन दिन में पेपर आउट हुआ या नहीं, कहां से हुआ और कौन दोषी है इस बारे में रिपोर्ट देगी।

कहां से आउट हुआ पेपर
पेपर आउट होे की संभावना कॉलेज से जताई जा रही है। दोपहर की पाली के पेपर के सवाल शहर में सर्कुलेट होने की सूचना थी, जबकि शाम की पाली का पेपर मवाना से आउट होने की सूचना मिली। अगर कॉलेज से पेपर आउट है तो शहर और बाहर दोनों जगह नेटवर्क काम कर रहा है। यह जांच का विषय है कि कोचिंग इंस्टीट्यूट तक पेपर कैसे पहुंचा।

नहीं होती कार्रवाई
विवि के पेपर आउट होना पुराना मर्ज है। पूर्व कुलपति विक्रम चंद्र गोयल के कार्यकाल में सेमेस्टर सिस्टम में पेपर आउट हुआ था। एक पेपर निरस्त किया गया था। अब मुख्य परीक्षा में पेपर आउट होने का मामला सामने आया है। जांच कमेटी बनती है, वह रिपोर्ट देती है लेकिन कार्रवाई नहीं होती। इस वजह से पेपर आउट करने वाले रैकेट तक विवि नहीं पहुंच पाता।

छात्रों का नुकसान
पेपर आउट होने से छात्रों का नुकसान है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद विवि पेपर को लेकर निर्णय करेगा। अगर विवि पेपर निरस्त करता है तो दोबारा छात्रों को पेपर देना होगा। अगले सप्ताह इस पर निर्णय होगा।

नकल पकड़ी, दो केंद्र बदले
विवि के फ्लाइंग स्क्वॉयड की रिपोर्ट के आधार पर दो परीक्षा केंद्र बदले गए हैं। केंद्रों पर नकल होते हुए पकड़ी गई थी। कई लापरवाही भी मिली। स्क्वॉयड ने बृहस्पतिवार को मुख्य परीक्षा के दौरान धर्मपाल सिंह डिग्री कॉलेज आदमपुर बागपत का निरीक्षण किया।

यहां नकल होती मिली। परीक्षा नियंत्रक ने 14 मई और इससे आगे की सभी परीक्षा के लिए उक्त परीक्षा केंद्र को बड़ौत स्थित डेजी कॉलेज से संबद्ध कर दिया है। इसी तरह फ्लाइंग स्क्वायड ने लक्ष्मी चंद पटवारी कॉलेज ऑफ एजुकेशन खेकड़ा बागपत में दूसरी पाली में नकल होते पकड़ी। इस केंद्र की 14 मई की परीक्षा और आगे की सभी परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र को एमएम कॉलेज खेकड़ा से संबद्ध कर दिया है।
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