गोवंश को नहीं मिल रहा भरपेट चारा, सरकारी बजट नाकाफी, संस्था ने किया किनारा
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निगम ने सूरजकुंड वाहन डिपो, सूरजकुंड कांजी हाउस, परतापुर सहित तीन स्थानों पर अस्थायी गोशाला संचालित की हैं। शहर की सड़कों से आवारा गोवंश को पकड़कर गोशाला में रखा गया। फिलहाल तीनों गोशालाओं में 323 गोवंश बताए जा रहे हैं। इन गोवंश को चारा, चौकीदारी और पकड़ने की जिम्मेदारी एक संस्था को दी गई है।
संस्था ने एक ही माह में गोवंश को आठ लाख रुपये का चारा खिलाने का बिल निगम प्रशासन को दिया तो निगम प्रशासन के पसीने छूट गए हैं। निगम प्रशासन ने संस्था के चारा बिल को लौटा दिया है। निगम ने चारा उपलब्ध कराने के लिए टेंडर निकाला है।
परतापुर बराल में बन रहा कान्हा उपवन
नगर निगम परतापुर बराल में बड़े स्तर पर कान्हा उपवन तैयार करा रहा है। जिस पर 20 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। निर्माण कार्य पूरा होने में छह माह से अधिक समय लग जाएगा। गोवंश चारे के लिए दी धनराशि का दुरुपयोग न हो, इसके लिए शासन ने नगरायुक्त और जिला पशु चिकित्सा अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है।
सभी गोवंश को उचित चारा देना प्राथमिकता में शामिल है। यह बात जरूर है कि बाजार से लिए जा रहे चारे के रेट काफी ज्यादा हैं। लेकिन रेट अधिक होने का मतलब यह नहीं कि गोवंश को चारा न मिले। -एमके चौहान, नगरायुक्त