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कैश की किल्लत से सीसीएसयू ने बढ़ाई डेट

Fri, 11 Nov 2016 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Fri, 11 Nov 2016 01:58 AM IST
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कैश की किल्लत से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने परीक्षा फार्म भरने की डेट बढ़ा दी है। यूजी और पीजी के परीक्षा फार्म अब ऑनलाइन 25 नवंबर तक भरे जाएंगे, 28 तक कॉलेजों में जमा होंगे।
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सीसीएसयू ग्रेजुएशन (रेग्युलर, प्राइवेट) और पोस्ट ग्रेजुएशन (प्राइवेट) फर्स्ट ईयर और विषम सेमेस्टर में दिसंबर 2016 के परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरवा रही है। फार्म भरने के बाद छात्रों को कॉलेजों में जमा करना पड़ता है। कॉलेज फार्म विवि में जमा करते हैं। छात्रों को कॉलेज को शुल्क देना होता है। 450 रुपये की रसीद कटती है। 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने की वजह से छात्रों को फार्म जमा करने में परेशानी हुई। पुराने नोट काउंटर पर लेने से मना कर दिया गया। रजिस्ट्रार दीप चंद्र का कहना है कि ऑनलाइन फार्म भरने की बृहस्पतिवार को आखिरी तारीख थी। समस्या का पता चलने पर विवि ने तारीख बढ़ा दी।
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मेरठ कॉलेज में चलेगी फॉरेन लैंग्वेज, टूरिज्म की क्लास
मेरठ कॉलेज में जल्द ही फॉरेन लैंग्वेज की क्लास शुरू होगी। छात्र ट्रेडिशनल कोर्स के अलावा रोजगार परक छोटे कोर्स भी कर सकेंगे। फीस का बोझ भी नहीं पड़ेगा। कॉलेज में चार रोजगार परक कोर्स शुरू होने वाले हैं। छात्र अपनी डिग्री के साथ-साथ यह कर सकेंगे। यूजीसी ने कॉलेज को ग्रांट भेज दी है।
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यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत देश के शिक्षण संस्थान से रोजगार देने वाले सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स कैंपस में शुरू करने के लिए प्रस्ताव मांगा था। मेरठ कॉलेज ने चार कोर्स का प्रस्ताव भेजा था। यूजीसी ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए करीब सवा करोड़ रुपये की ग्रांट भी जारी कर दी है। चार कोर्स में डिप्लोमा इन टूरिज्म, डिप्लोमा इन टैली एंड एकाउंट, डिप्लोमा इन फॉरेन लैंग्वेज, डिप्लोमा इन कंप्यूटर प्रोफिसिएंसी शामिल हैं। यह कोर्स छह महीने से लेकर एक साल तक के हैं। फॉरेन लैंग्वेज में फ्रेंच और स्पैनिश का प्रस्ताव भेजा गया था। विदेशी भाषाओं में इन दो की अधिक डिमांड है। मकसद रोजगार परक कोर्स करने के लिए छात्रों को कैंपस से बाहर न जाना पड़े, इसलिए यह योजना शुरू की गई। सरकार का इस योजना पर फोकस है। यह कोर्स फिलहाल केवल नैक की ए ग्रेड प्राप्त कॉलेजों में ही चलेंगे। जिन शिक्षण संस्थानों का प्रस्ताव मंजूर हुआ था, उनको यूजीसी ने पैसा भेज दिया है। अहम बात यह है कि कोर्स में आवेदन सिर्फ कॉलेज के स्टूडेंट ही कर सकेंगे। सीटों की संख्या सीमित है। आवेदन अधिक आने पर मेरिट या टेस्ट का प्रावधान किया जा सकता है। कॉलेज के प्रेस प्रवक्ता विनय कुमार का कहना है रोजगार परक कोर्स शुरू करने के लिए बजट आ गया है। यूजीसी के पत्र का इंतजार है। अगले सप्ताह तक वह आने की उम्मीद है। पत्र मिलते ही उक्त कोर्स के लिए आवेदन मांगे जाएंगे।
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