सामने आई रेलवे अधिकारियों की लापरवाही, ट्वीट के बाद मिला यात्री को उपचार, ये है पूरा मामला
रेलवे जहां यात्रियों को सफल व सुखद यात्रा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, वहीं उसके अधिकारी और कर्मचारी इस प्रयास को कमजोर बनाने पर तुले हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि माता वैष्णो देवी-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन से लौट रहे एक यात्री के पैर में चोट लगने की जानकारी होने के बावजूद रेलवे के कर्मचारियों और अधिकारियों ने उसे उपचार देना जरूरी नहीं समझा।
जख्मी यात्री सिटी स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल और ट्रेन के स्टाफ से उपचार की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी और उसे बिना उपचार दिए ही ट्रेन को सिटी स्टेशन से रवाना कर दिया। हालांकि अमर उजाला संवाददाता के ट्वीट पर रेल मंत्रालय के आदेश पर गाजियाबाद स्टेशन पर घायल यात्री को उपचार मिल सका।
दरअसल, माता वैष्णो देवी के दर्शन कर अपने भाई के साथ लौट रहे 27 साल के अभिषेक मुजफ्फरनगर स्टेशन पर कुछ लेने के लिए उतरे। अचानक से ट्रेन चल दी, हड़बडाहट में ट्रेन में सवार होने के चक्कर में उनके घुटने और पैर के निचले हिस्से में चोट लग गई।
मुजफ्फरनगर स्टेशन से सिटी स्टेशन को यात्री के उपचार के लिए रेलवे सुरक्षा बल ने मैसेज दिया। सिटी स्टेशन पर एक घंटे 34 मिनट की देरी से दोपहर 2.02 बजे ट्रेन के पहुंचते ही आरपीएफ ने यात्री के पास जाकर जानकारी ली। लेकिन अभिषेक को यहां से बिना उपचार दिए ही ट्रेन को रवाना कर दिया गया। ट्रेन के चलने पर अभिषेक का भाई आरपीएफ से उपचार की गुहार लगाता रहा।
अमर उजाला संवाददाता ने किया ट्वीट
जिस समय सिटी स्टेशन पर ट्रेन रुकी अमर उजाला संवाददाता भी आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल के साथ ट्रेन में चढ़े, लेकिन उपचार नहीं मिलने के कारण ट्रेन के चलने पर नीचे उतर गए। इसके बाद अमर उजाला संवाददाता ने रेल मंत्रालय के ट्विटर अकाउंट पर मामले की जानकारी दी।
रेल मंत्रालय ने मामले को संज्ञान में लिया जिसके बाद अभिषेक को गाजियाबाद स्टेशन पर उपचार दिया गया। गाजियाबाद स्टेशन अधीक्षक कुलदीप त्यागी ने बताया कि डॉ. मधुलिका ने यात्री का उपचार कर दिया है। वहीं, इसके बाद मंत्रालय से भी ट्विटर के माध्यम से संवाददाता को मेडिकल उपचार देने के बारे में जानकारी दी गई। वहीं, मंत्रालय से फोन पर भी घायल यात्री के बारे में जानकारी ली गई।
मुझे स्टेशन अधिकारियों की तरफ से मरीज के बारे में सूचित नहीं किया गया था। अगर मुझे सूचना दी जाती तो मरीज को उपचार दिया जाता। - विशाल शर्मा, नर्सिंग अधीक्षक, सिटी स्टेशन
हमने रेलवे प्रशासन को बता दिया था
मेरे पास मुजफ्फरनगर रेलवे सुरक्षा बल की ओर से मरीज के चोटिल होने की सूचना भेजी गई थी। मैंने सूचना रेलवे प्रशासन को दे दी थी और हमारे सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार और कांस्टेबल पिंकू राठी भी ट्रेन में मरीज से मिले थे। - जितेंद्र कुमार, आरपीएफ थाना प्रभारी
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