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विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर केस
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मेरठ : विहिप और बजरंग दल के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं पर मुकदमा
मेरठ के सरधना क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को संयुक्त रूप से 27 जुलाई को देश में बढ़ते धर्मांतरण, गो हत्या जैसे मुद्दों पर पैदल मार्च निकालना भारी पड़ गया। अशोक स्तंभ पुलिस चौकी प्रभारी ने बजरंग दल के विभाग संयोजक मिलन सोम समेत आठ नामजद व 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 27 जुलाई को नगर के रामलीला ग्राउंड से पैदल मार्च निकाला था। जिसकी सूचना बजरंग दल के विभाग संयोजक मिलन सोम ने अपने संगठन के पदाधिकारियों और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को भी दी थी। रामलीला मैदान से शुरू हुए संगठन के पैदल मार्च देवी मंदिर पर पुलिस बल ने रोक दिया। एसडीएम अमित कुमार भारतीय भी मौके पर पहुंचे तथा देवी मंदिर परिसर में संगठन कार्यकर्ताओें से ज्ञापन लेकर निकाले जा रहे पैदल मार्च को समाप्त करा दिया था। जबकि पैदल मार्च तहसील मुख्यालय तक जाना था।
पैदल मार्च बीच में ही समाप्त कराए जाने के सवाल पर मिलन सोम ने बताया था कि 26 जुलाई की रात उसके घर पर कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्होंने ज्ञापन नहीं देने के लिए दबाव बनाया था। लेकिन उन्होंने शांतिपूर्वक व कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए ज्ञापन देने की बात कही थी। पूर्व में दी गई सूचना के आधार पर 27 जुलाई को संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रामलीला मैदान में पहुंच गए।
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एसआई विजयपाल सिंह ने बजरंग दल के विभाग संयोजक मिलन सोम, सुनील सिद्धू, राधेश्याम अग्रवाल, मनु त्यागी, अर्जुन राणा, प्रदीप सोम, सचिन सोम, अमित व 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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मेरठ के सरधना क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को संयुक्त रूप से 27 जुलाई को देश में बढ़ते धर्मांतरण, गो हत्या जैसे मुद्दों पर पैदल मार्च निकालना भारी पड़ गया। अशोक स्तंभ पुलिस चौकी प्रभारी ने बजरंग दल के विभाग संयोजक मिलन सोम समेत आठ नामजद व 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 27 जुलाई को नगर के रामलीला ग्राउंड से पैदल मार्च निकाला था। जिसकी सूचना बजरंग दल के विभाग संयोजक मिलन सोम ने अपने संगठन के पदाधिकारियों और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को भी दी थी। रामलीला मैदान से शुरू हुए संगठन के पैदल मार्च देवी मंदिर पर पुलिस बल ने रोक दिया। एसडीएम अमित कुमार भारतीय भी मौके पर पहुंचे तथा देवी मंदिर परिसर में संगठन कार्यकर्ताओें से ज्ञापन लेकर निकाले जा रहे पैदल मार्च को समाप्त करा दिया था। जबकि पैदल मार्च तहसील मुख्यालय तक जाना था।
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पैदल मार्च बीच में ही समाप्त कराए जाने के सवाल पर मिलन सोम ने बताया था कि 26 जुलाई की रात उसके घर पर कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्होंने ज्ञापन नहीं देने के लिए दबाव बनाया था। लेकिन उन्होंने शांतिपूर्वक व कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए ज्ञापन देने की बात कही थी। पूर्व में दी गई सूचना के आधार पर 27 जुलाई को संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रामलीला मैदान में पहुंच गए।
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एसआई विजयपाल सिंह ने बजरंग दल के विभाग संयोजक मिलन सोम, सुनील सिद्धू, राधेश्याम अग्रवाल, मनु त्यागी, अर्जुन राणा, प्रदीप सोम, सचिन सोम, अमित व 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है।