{"_id":"6abfdf31711b897ce5087ac5","slug":"car-catches-fire-while-moving-near-daurala-uncle-and-nephew-suffer-burns-meerut-news-c-42-1-smrt1030-106520-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: दौराला के पास चलती कार में आग लगी, चाचा-भतीजा झुलसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: दौराला के पास चलती कार में आग लगी, चाचा-भतीजा झुलसे
विज्ञापन
दिल्ली के ध्यानार्थ-- -- -- -- -- -- -- -- --
अझौता मोड़ के पास हादसा, बाहर निकलने के दौरान हाथ और कमर झुलसी
- लावड़ रोड पर आग बुझने तक लगा रहा जाम
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला(मेरठ )। लावड़ रोड पर अझौता मोड़ के पास शुक्रवार देर शाम चलती सियाज कार में अचानक आग लगने से चाचा-भतीजा झुलस गए। दोनों दिल्ली के भजनपुरा से अंदावली गांव में अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। आग लगने के बाद कार से बाहर निकलने के दौरान दोनों के हाथ और कमर झुलस गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
दिल्ली के भजनपुरा निवासी सुरेंद्र अपने भतीजे सार्थक के साथ सियाज कार से इंचौली थाना क्षेत्र के अंदावली गांव जा रहे थे। सार्थक के मामा अंदावली गांव में रहते हैं। बताया गया कि दौराला थाना क्षेत्र अंतर्गत लावड़ रोड पर काली नदी पार करते ही अझौता मोड़ के पास अचानक कार में आग लग गई। देखते-ही-देखते आग ने कार को अपनी चपेट में ले लिया। कार में आग लगी देखकर दोनों ने बाहर निकलने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों झुलस गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कार में लगी आग पर काबू पाया। आग की लपटें देखकर मार्ग से गुजर रहे वाहन चालक भी रुक गए। इससे सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। आग बुझने के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया।
विज्ञापन
पुलिस ने झुलसे सुरेंद्र और सार्थक को सिवाया टोल प्लाज़ा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों की हालत को देखते हुए उन्हें मोदीपुरम स्थित एसडीएस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
सीओ दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि कार में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। हादसे के दौरान कार में दोनों ही सवार थे। पुलिस ने घटना की जानकारी उनके परिजनों को दी।
-- -- -- -- -- -- -- -
चाचा-भतीजे के लिए फरिश्ता बना ई-रिक्शा चालक
कार से निकलते ही दोनों हुए बेहोश, आंख खुली तो अस्पताल में थे
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। हादसे के बाद अपनों की मदद तो हर कोई करता है, लेकिन अनजान होकर भी किसी की जिंदगी बचाने के लिए आगे आना इन्सानियत की मिसाल है। अझौता मोड़ पर कार में आग लगने से झुलसे चाचा-भतीजे सुरेंद्र और सार्थक के लिए एक ई-रिक्शा चालक ऐसा ही मददगार बनकर सामने आया। दोनों कार से निकलने के बाद बेहोश हो गए थे। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया, लेकिन उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले उस शख्स का नाम तक नहीं मालूम।
सार्थक ने बताया कि कार में आग लगने के बाद दोनों किसी तरह बाहर निकले। इस दौरान उनके हाथ और कमर झुलस गए। बाहर निकलते ही दोनों बेहोश हो गए। बेहोशी से पहले उन्होंने एक ई-रिक्शा चालक को वहां रुकते और उन्हें झुलसी हालत में अपने ई-रिक्शा में बैठाते देखा था। इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं। आंख खुली तो अस्पताल में चाचा सुरेंद्र उनके साथ थे।
सार्थक के लिए हादसे का दर्द इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि करीब एक माह पहले ही उसके पिता का निधन हुआ है। पिता की मौत के बाद परिवार संभालने की कोशिश कर रहे सार्थक पर अब यह हादसा भी टूट पड़ा। हालांकि, संकट की घड़ी में किसी अनजान व्यक्ति का बिना पहचान पूछे मदद के लिए आगे आना परिवार के लिए राहत और इन्सानियत की उम्मीद बन गया।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
अझौता मोड़ के पास हादसा, बाहर निकलने के दौरान हाथ और कमर झुलसी
- लावड़ रोड पर आग बुझने तक लगा रहा जाम
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला(मेरठ )। लावड़ रोड पर अझौता मोड़ के पास शुक्रवार देर शाम चलती सियाज कार में अचानक आग लगने से चाचा-भतीजा झुलस गए। दोनों दिल्ली के भजनपुरा से अंदावली गांव में अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। आग लगने के बाद कार से बाहर निकलने के दौरान दोनों के हाथ और कमर झुलस गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
दिल्ली के भजनपुरा निवासी सुरेंद्र अपने भतीजे सार्थक के साथ सियाज कार से इंचौली थाना क्षेत्र के अंदावली गांव जा रहे थे। सार्थक के मामा अंदावली गांव में रहते हैं। बताया गया कि दौराला थाना क्षेत्र अंतर्गत लावड़ रोड पर काली नदी पार करते ही अझौता मोड़ के पास अचानक कार में आग लग गई। देखते-ही-देखते आग ने कार को अपनी चपेट में ले लिया। कार में आग लगी देखकर दोनों ने बाहर निकलने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों झुलस गए।
विज्ञापन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कार में लगी आग पर काबू पाया। आग की लपटें देखकर मार्ग से गुजर रहे वाहन चालक भी रुक गए। इससे सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। आग बुझने के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया।
विज्ञापन
पुलिस ने झुलसे सुरेंद्र और सार्थक को सिवाया टोल प्लाज़ा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों की हालत को देखते हुए उन्हें मोदीपुरम स्थित एसडीएस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
सीओ दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि कार में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। हादसे के दौरान कार में दोनों ही सवार थे। पुलिस ने घटना की जानकारी उनके परिजनों को दी।
चाचा-भतीजे के लिए फरिश्ता बना ई-रिक्शा चालक
कार से निकलते ही दोनों हुए बेहोश, आंख खुली तो अस्पताल में थे
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। हादसे के बाद अपनों की मदद तो हर कोई करता है, लेकिन अनजान होकर भी किसी की जिंदगी बचाने के लिए आगे आना इन्सानियत की मिसाल है। अझौता मोड़ पर कार में आग लगने से झुलसे चाचा-भतीजे सुरेंद्र और सार्थक के लिए एक ई-रिक्शा चालक ऐसा ही मददगार बनकर सामने आया। दोनों कार से निकलने के बाद बेहोश हो गए थे। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया, लेकिन उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले उस शख्स का नाम तक नहीं मालूम।
सार्थक ने बताया कि कार में आग लगने के बाद दोनों किसी तरह बाहर निकले। इस दौरान उनके हाथ और कमर झुलस गए। बाहर निकलते ही दोनों बेहोश हो गए। बेहोशी से पहले उन्होंने एक ई-रिक्शा चालक को वहां रुकते और उन्हें झुलसी हालत में अपने ई-रिक्शा में बैठाते देखा था। इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं। आंख खुली तो अस्पताल में चाचा सुरेंद्र उनके साथ थे।
सार्थक के लिए हादसे का दर्द इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि करीब एक माह पहले ही उसके पिता का निधन हुआ है। पिता की मौत के बाद परिवार संभालने की कोशिश कर रहे सार्थक पर अब यह हादसा भी टूट पड़ा। हालांकि, संकट की घड़ी में किसी अनजान व्यक्ति का बिना पहचान पूछे मदद के लिए आगे आना परिवार के लिए राहत और इन्सानियत की उम्मीद बन गया।