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Meerut News: 100 वर्ग मीटर से कम के भवनों पर एक मीटर सेट बैक की नहीं हो अनिवार्यता

Tue, 04 Aug 2026 10:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 10:55 PM IST
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Cantt MLA wrote a latter to CM
कैंट विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
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-बोले- 800 मकान आ रहे ध्वस्तीकरण की जद में
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के मामले में मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि 100 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों पर एक मीटर फ्रंट सेट बैक की अनिवार्यता समाप्त किया जाए। उन्होंने शास्त्रीनगर के भवनों को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से बचाने की मांग की है।
विधायक अमित अग्रवाल ने बताया कि शास्त्रीनगर क्षेत्र में अधिकांश आवासीय भवन 100 वर्गमीटर अथवा उससे कम क्षेत्रफल के भूखंडों पर निर्मित हैं। वर्तमान में फ्रंट सेट बैक के संबंध में की जा रही कार्रवाई के कारण लगभग 800 मकानों पर ध्वस्तीकरण का खतरा उत्पन्न हो गया है, जिससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों को राहत मिल सके, इसकी कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वर्षों पूर्व निर्मित छोटे आवासीय भवनों की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखा जाए। इसके तहत 100 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों के लिए एक मीटर फ्रंट सेट बैक की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु आवश्यक संशोधन कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके तथा उनके आशियाने सुरक्षित रह सकें।
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बारिश में भी धरने पर बैठी रहीं महिलाएं
वहीं दूसरी ओर, शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के सेक्टर-2 तथा गोल मंदिर के पास सेक्टर-3, 4 के चौराहे पर मंगलवार को बारिश के बीच भी महिलाओं ने धरना जारी रखा। इसी के साथ सील खोलने के बाद से लगातार संपत्तियों में ध्वस्तीकरण काम चल रहा है। मंगलवार को बारिश के बीच भी गुरुद्वारा रोड, रंगोली रोड और सेंट्रल में कई संपत्तियों में अवैध निर्माण लोगों द्वारा खुद ही तोड़े जाता रहा। व्यापारी लगातार आवास एवं विकास परिषद में अधिकारियों से मिल रहे हैं। मामले में एनबीसीसी के जरिये भी भवन निर्माण को लेकर वार्ता चल रही है। हालांकि महिलाएं और व्यापारी बिल्डर द्वारा रीकंस्ट्रक्शन के प्रस्ताव को पहले ही खारिज कर चुके हैं।
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सुप्रीम कोर्ट में जमा की गई जनहित याचिका
दुकानदारों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में राहत की मांग को लेकर जनहित याचिका सबमिट की गई है। व्यापारियों का कहना है कि एक केस का फैसला दूसरे केस पर अपने आप लागू नहीं होता। सुप्रीम कोर्ट का आदेश अगर पूरे देश के लिए ही है तो इसे शास्त्रीनगर में ही क्यों लागू किया जा रहा है।

व्यापारी नेता राहुल मलिक एडवोकेट ने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा पीआईएल दाखिल कराई जा रही है। उधर, उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सभी सील भवनों के स्वामी को 15 दिन में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। खुद ही आवंटी अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में ध्वस्तीकरण न होने पर परिषद इसे ध्वस्त करेगा।
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