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कैंट के नये बायलॉज बदलेंगे सूरत
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 03 Sep 2016 01:45 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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कैंट बोर्ड ने अपने बायलॉज (नियम) तैयार कर लिए हैं। सब ठीक रहा तो यह छह महीने में लागू हो जाएंगे। जल्द ही बायलॉज मंजूरी के लिए सरकार को भेजे जाएंगे। बिल्डिंग बायलॉज भी तैयार किए गए हैं। कैंट इलाके में बिल्डिंग को लेकर तमाम तरह के विवाद और उलझन इससे दूर होंगी। यह जानकारी शुक्रवार को मध्य कमान की प्रिंसिपल डायरेक्टर दीपा बाजवा ने दी। वह दो दिन के निरीक्षण पर आई थीं।
बंगला नंबर 210 बी पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कैंट बोर्ड ने हाईकोर्ट के नियम का पालन किया। प्रिंसिपल डायरेक्टर (पीडी) दीपा बाजवा ने प्रेस वार्ता में कहा कि सभी 25 छावनियों को छह माह में बायलॉज बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बिल्डिंग बायलॉज भी तैयार किए जा रहे हैं। मेरठ कैंट बोर्ड ने बायलॉज तैयार कर लिए हैं। कैंट बोर्ड एक्ट 1924 में बना था। 2006 में संशोधन होकर लागू हुआ। अभी तक पुराने बायलॉज चल रहे हैं। कंस्ट्रक्शन में ग्राउंड प्लस वन की व्यवस्था है। मुंबई और दिल्ली जैसे इलाकों में जगह की कमी होने की वजह से मल्टीस्टोरी की मान्यता दी जाती है।
अभी अपने यहां नहीं है। लोगों की जरूरत और जगह की कमी की वजह से मल्टीस्टोरी आज की डिमांड है। उम्मीद है कैंट में मल्टीस्टोरी को मान्यता मिलेगी। 1924 की एक्ट में कंकरीट का जिक्र तक नहीं है। सालों से कंकरीट से निर्माण हो रहा है। बिल्डिंग मैटीरियल और तकनीक बदल चुकी है। नए बायलॉज के हिसाब से मकान भूकंप रोधी होने चाहिए। वॉटर हार्वेस्टिंग होना जरूरी है। क्या होना चाहिए और क्या नहीं। यह सब नए सिरे से तय होगा। दीपा बाजवा ने कैंट बोर्ड ऑफिस और रक्षा संपदा कार्यालय का दौरा किया। वह सब एरिया भी गई। कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा, सभासद में रिनी जैन, बुशरा कमाल, नीरज राठौड़, अनिल जैन, धर्मेंद्र सोनकर, विपिन सोढ़ी ने मुलाकात की।
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स्मार्ट कैंट बोर्ड के प्रोजेक्ट से पीडी खुश
पीडी दीपा बाजवा ने कहा मध्य कमान की 25 छावनियों में से सिर्फ मेरठ कैंट बोर्ड को स्मार्ट कैंट बनाने का प्रोजेक्ट मिला है। यह मेरठ के लिए बड़ी बात है। बोर्ड ने स्मार्ट कैंट बनाने का जो प्रोजेक्ट बनाया है, वह सराहनीय है। उन्होंने प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन देखा। सीईओ राजीव श्रीवास्तव प्रोजेक्ट की जानकारी दी। स्मार्ट कैंट बोर्ड में वर्किंग वूमेंस के लिए हॉस्टल बनाया जाना है। करीब 100 वर्किंग वूमेंस के लिए हॉस्टल बनाने की तैयारी है। इसके लिए कैंट बोर्ड एनेक्सी को चुना गया है। शहर में नौकरी करने वाली महिलाएं इस हॉस्टल में रह सकेंगी। इसके लिए बोर्ड मिनिस्ट्री ऑफ वूमेंस से सब्सिडी मिलेगी। पीडी ने यह जगह देखी। सीवरेज सिस्टम के लिए मदद करने की बात कही। सीवरेज सिस्टम के लिए काम शुरू हो गया है। स्मार्ट कैंट में पुलिस कंट्रोल रूम बनाने, आधुनिक टॉयलेट, स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाएगी। पीडी ने कहा कैंट को स्मार्ट बनाने के लिए जनता का जागरूक होना जरूरी है। सांसद और विधायक भी अपनी निधि से योगदान दें।
मोबाइल सिगनल की समस्या होगी दूर
कैंट इलाके में मोबाइल के सिगनल की समस्या जल्द दूर हो सकती है। स्मार्ट कैंट प्रोजेक्ट के तहत कम्यूनिकेश ऑन व्हील्स योजना के तहत मोबाइल टॉवर की मंजूरी दी जाएगी। कैंट बोर्ड को इसके लिए अधिकृत कर दिया गया है। सरकार ने यह योजना निकाली है। मोबाइल टॉवर पहियों पर होंगे। सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि तीन मोबाइल कंपनियों ने प्रपोजल भेजा है। बोर्ड इस पर विचार कर रहा है। कंपनियों को चिन्हित कर जगह दी जाएगी। वहां पर वह अपने टॉवर खड़े कर सकेंगे। टॉवर मूवेबल होंगे।
अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई
कैंट में अवैध निर्माण का मामला पीडी के सामने उठा। उन्होंने बताया कि बोर्ड की 17 लाख डिफेंस लैंड हैं। बोर्ड अवैध निर्माण पर कार्रवाई कर रहा है। इसमें कुछ वक्त लगता है। लेकिन जितने अवैध निर्माण रिपोर्ट हुए हैं, उन पर कार्रवाई होगी। सीईओ ने कहा अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जा रही है। कारण बताओ नोटिस देने से लेकर एफआईआर दर्ज कराने तक की कार्रवाई की जा चुकी है। दो अवैध निर्माण पर सील लगाई गई है। स्टॉफ की कमी और पुलिस मिलने में वक्त लगने की वजह से देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि आबूलेन पर कई निर्माण अवैध हैं और इनका लैंड यूज बदला नहीं जा सकता है।
बंगला नंबर 210 बी देखा पीडी ने
पीडी दीपा बाजवा बंगला नंबर 210 बी देखने गईं। सीईओ राजीव श्रीवास्तव उन्हें बंगला नंबर 210 बी पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दिखाने के लिए लेकर गए। दीपा बाजवा ने कार्रवाई के चार लोगों की मौत को हादसा बताया। उन्होंने कहा कि कैंट बोर्ड ने मृतक के परिवारों की मदद में त्वरित कार्रवाई की। आर्थिक मदद दो लाख रुपये से बढ़कर 10 लाख रुपये कर दी गई है। नौकरी देने की भी बात है।
दीपक शर्मा की पत्नी मिलीं
आरआर माल में ध्वस्तीकरण के दौरान जान गंवाने वाले दीपक शर्मा की पत्नी ने चित्रा पीडी से मुलाकात की। पीडी ने उनसे नौकरी पर ज्वाइन करने को कहा। कैंट बोर्ड ने चित्रा को नौकरी ऑफर की है।
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बंगला नंबर 210 बी पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कैंट बोर्ड ने हाईकोर्ट के नियम का पालन किया। प्रिंसिपल डायरेक्टर (पीडी) दीपा बाजवा ने प्रेस वार्ता में कहा कि सभी 25 छावनियों को छह माह में बायलॉज बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बिल्डिंग बायलॉज भी तैयार किए जा रहे हैं। मेरठ कैंट बोर्ड ने बायलॉज तैयार कर लिए हैं। कैंट बोर्ड एक्ट 1924 में बना था। 2006 में संशोधन होकर लागू हुआ। अभी तक पुराने बायलॉज चल रहे हैं। कंस्ट्रक्शन में ग्राउंड प्लस वन की व्यवस्था है। मुंबई और दिल्ली जैसे इलाकों में जगह की कमी होने की वजह से मल्टीस्टोरी की मान्यता दी जाती है।
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अभी अपने यहां नहीं है। लोगों की जरूरत और जगह की कमी की वजह से मल्टीस्टोरी आज की डिमांड है। उम्मीद है कैंट में मल्टीस्टोरी को मान्यता मिलेगी। 1924 की एक्ट में कंकरीट का जिक्र तक नहीं है। सालों से कंकरीट से निर्माण हो रहा है। बिल्डिंग मैटीरियल और तकनीक बदल चुकी है। नए बायलॉज के हिसाब से मकान भूकंप रोधी होने चाहिए। वॉटर हार्वेस्टिंग होना जरूरी है। क्या होना चाहिए और क्या नहीं। यह सब नए सिरे से तय होगा। दीपा बाजवा ने कैंट बोर्ड ऑफिस और रक्षा संपदा कार्यालय का दौरा किया। वह सब एरिया भी गई। कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा, सभासद में रिनी जैन, बुशरा कमाल, नीरज राठौड़, अनिल जैन, धर्मेंद्र सोनकर, विपिन सोढ़ी ने मुलाकात की।
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स्मार्ट कैंट बोर्ड के प्रोजेक्ट से पीडी खुश
पीडी दीपा बाजवा ने कहा मध्य कमान की 25 छावनियों में से सिर्फ मेरठ कैंट बोर्ड को स्मार्ट कैंट बनाने का प्रोजेक्ट मिला है। यह मेरठ के लिए बड़ी बात है। बोर्ड ने स्मार्ट कैंट बनाने का जो प्रोजेक्ट बनाया है, वह सराहनीय है। उन्होंने प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन देखा। सीईओ राजीव श्रीवास्तव प्रोजेक्ट की जानकारी दी। स्मार्ट कैंट बोर्ड में वर्किंग वूमेंस के लिए हॉस्टल बनाया जाना है। करीब 100 वर्किंग वूमेंस के लिए हॉस्टल बनाने की तैयारी है। इसके लिए कैंट बोर्ड एनेक्सी को चुना गया है। शहर में नौकरी करने वाली महिलाएं इस हॉस्टल में रह सकेंगी। इसके लिए बोर्ड मिनिस्ट्री ऑफ वूमेंस से सब्सिडी मिलेगी। पीडी ने यह जगह देखी। सीवरेज सिस्टम के लिए मदद करने की बात कही। सीवरेज सिस्टम के लिए काम शुरू हो गया है। स्मार्ट कैंट में पुलिस कंट्रोल रूम बनाने, आधुनिक टॉयलेट, स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाएगी। पीडी ने कहा कैंट को स्मार्ट बनाने के लिए जनता का जागरूक होना जरूरी है। सांसद और विधायक भी अपनी निधि से योगदान दें।
मोबाइल सिगनल की समस्या होगी दूर
कैंट इलाके में मोबाइल के सिगनल की समस्या जल्द दूर हो सकती है। स्मार्ट कैंट प्रोजेक्ट के तहत कम्यूनिकेश ऑन व्हील्स योजना के तहत मोबाइल टॉवर की मंजूरी दी जाएगी। कैंट बोर्ड को इसके लिए अधिकृत कर दिया गया है। सरकार ने यह योजना निकाली है। मोबाइल टॉवर पहियों पर होंगे। सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि तीन मोबाइल कंपनियों ने प्रपोजल भेजा है। बोर्ड इस पर विचार कर रहा है। कंपनियों को चिन्हित कर जगह दी जाएगी। वहां पर वह अपने टॉवर खड़े कर सकेंगे। टॉवर मूवेबल होंगे।
अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई
कैंट में अवैध निर्माण का मामला पीडी के सामने उठा। उन्होंने बताया कि बोर्ड की 17 लाख डिफेंस लैंड हैं। बोर्ड अवैध निर्माण पर कार्रवाई कर रहा है। इसमें कुछ वक्त लगता है। लेकिन जितने अवैध निर्माण रिपोर्ट हुए हैं, उन पर कार्रवाई होगी। सीईओ ने कहा अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जा रही है। कारण बताओ नोटिस देने से लेकर एफआईआर दर्ज कराने तक की कार्रवाई की जा चुकी है। दो अवैध निर्माण पर सील लगाई गई है। स्टॉफ की कमी और पुलिस मिलने में वक्त लगने की वजह से देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि आबूलेन पर कई निर्माण अवैध हैं और इनका लैंड यूज बदला नहीं जा सकता है।
बंगला नंबर 210 बी देखा पीडी ने
पीडी दीपा बाजवा बंगला नंबर 210 बी देखने गईं। सीईओ राजीव श्रीवास्तव उन्हें बंगला नंबर 210 बी पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दिखाने के लिए लेकर गए। दीपा बाजवा ने कार्रवाई के चार लोगों की मौत को हादसा बताया। उन्होंने कहा कि कैंट बोर्ड ने मृतक के परिवारों की मदद में त्वरित कार्रवाई की। आर्थिक मदद दो लाख रुपये से बढ़कर 10 लाख रुपये कर दी गई है। नौकरी देने की भी बात है।
दीपक शर्मा की पत्नी मिलीं
आरआर माल में ध्वस्तीकरण के दौरान जान गंवाने वाले दीपक शर्मा की पत्नी ने चित्रा पीडी से मुलाकात की। पीडी ने उनसे नौकरी पर ज्वाइन करने को कहा। कैंट बोर्ड ने चित्रा को नौकरी ऑफर की है।